चंडीगढ़ में अतिक्रमण की शिकायत अब एक व्हाट्सएप मैसेज से, नगर निगम ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

चंडीगढ़ में अतिक्रमण की शिकायत अब एक व्हाट्सएप मैसेज से, नगर निगम ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

अवैध रेहड़ी-फड़ी और फुटपाथों पर कब्जे की तस्वीर भेज सकेंगे शहरवासी, सेक्टर और लोकेशन की जानकारी देना होगा जरूरी; कमिश्नर अमित कुमार ने नागरिकों से मांगा सहयोग

चंडीगढ़। शहर की सड़कों, फुटपाथों, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते अवैध कब्जों तथा रेहड़ी-फड़ी की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने नई पहल की है। अब शहरवासियों को सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लोग अपने मोबाइल फोन से ही अवैध वेंडिंग और अतिक्रमण की तस्वीरें खींचकर सीधे नगर निगम तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए निगम ने व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9915762917 जारी किया है।

इस सुविधा के शुरू होने से शहर के किसी भी सेक्टर, बाजार, सड़क, फुटपाथ या अन्य सार्वजनिक स्थान पर होने वाले अनधिकृत कब्जों की जानकारी नगर निगम तक आसानी से पहुंच सकेगी। निगम का उद्देश्य नागरिकों की भागीदारी बढ़ाकर अतिक्रमण की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करना और शहर की सार्वजनिक जगहों को व्यवस्थित बनाए रखना है।

नगर निगम की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार, शहरवासी अवैध रेहड़ी-फड़ी, फुटपाथों पर कब्जे और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमण की स्पष्ट तस्वीरें व्हाट्सएप नंबर पर भेज सकते हैं। हालांकि, केवल तस्वीर भेजना पर्याप्त नहीं होगा। शिकायत के साथ संबंधित स्थान की सही जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि निगम के अधिकारियों को मौके की पहचान करने में परेशानी न हो।

तस्वीर के साथ लोकेशन बताना भी जरूरी

नगर निगम ने शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सरल रखने के साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया है कि प्राप्त सूचना कार्रवाई के लिए उपयोगी हो। इसके तहत शिकायतकर्ता को तस्वीर के साथ सेक्टर नंबर, सड़क का नाम अथवा आसपास मौजूद किसी प्रमुख स्थान या लैंडमार्क की जानकारी भी देनी होगी।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी बाजार में रेहड़ी-फड़ी के कारण फुटपाथ पर कब्जा किया गया है या किसी सड़क के किनारे अवैध रूप से सामान रखकर रास्ता बाधित किया जा रहा है तो उसकी तस्वीर के साथ संबंधित बाजार, सेक्टर और सड़क की जानकारी भेजी जा सकती है। इससे नगर निगम के अधिकारियों को शिकायत का स्थान समझने और संबंधित क्षेत्र की एंफोर्समेंट टीम को मौके पर भेजने में आसानी होगी।

निगम के अनुसार, तस्वीरों और स्थान संबंधी जानकारी के आधार पर शिकायत का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार संबंधित अधिकारियों और प्रवर्तन टीमों के माध्यम से कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस व्यवस्था से शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और मौके पर समस्या की पहचान करने में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कमिश्नर अमित कुमार ने नागरिकों से की अपील

नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने शहरवासियों से इस व्हाट्सएप हेल्पलाइन का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर को साफ-सुथरा, व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाए रखना केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जों की जानकारी यदि समय पर निगम तक पहुंचती है तो संबंधित अधिकारियों के लिए कार्रवाई करना आसान हो जाता है। नागरिक अपने आसपास होने वाले अतिक्रमण की तस्वीरें और सही लोकेशन भेजकर प्रशासन की मदद कर सकते हैं।

कमिश्नर के अनुसार, सड़कों और फुटपाथों पर अनधिकृत कब्जे होने से आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। विशेष रूप से पैदल चलने वालों को फुटपाथ उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। बाजारों में भी अतिक्रमण के कारण लोगों की आवाजाही बाधित होती है और सार्वजनिक स्थानों का उपयोग सीमित हो जाता है।

फुटपाथों और बाजारों को अतिक्रमण मुक्त बनाने पर जोर

शहर में फुटपाथों, बाजारों और सड़कों के किनारे अवैध वेंडिंग तथा अन्य प्रकार के कब्जे नागरिकों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनते रहे हैं। कई स्थानों पर रेहड़ी-फड़ी और अस्थायी दुकानों के कारण पैदल चलने वालों के लिए निर्धारित जगह कम हो जाती है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में सामान सड़क तक फैलने से वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।

नगर निगम की नई पहल के तहत ऐसे स्थानों की पहचान करने में आम नागरिकों की मदद ली जाएगी। लोग अपने क्षेत्र में जहां भी सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा देखते हैं, उसकी जानकारी निगम को भेज सकेंगे। इससे अधिकारियों को उन स्थानों का पता लगाने में भी मदद मिलेगी जहां नियमित निरीक्षण के बावजूद अतिक्रमण की समस्या दोबारा पैदा हो जाती है।

निगम का मानना है कि नागरिकों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर प्रवर्तन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे एंफोर्समेंट टीमों को उन स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर भेजा जा सकेगा जहां अतिक्रमण के कारण आम जनता को अधिक परेशानी हो रही है।

अन्य नागरिक सेवाओं की शिकायतें भी भेज सकेंगे लोग

नगर निगम ने इस व्हाट्सएप सुविधा को केवल अवैध वेंडिंग और अतिक्रमण की शिकायतों तक सीमित नहीं रखा है। शहरवासी निगम की अन्य नागरिक सेवाओं से संबंधित समस्याओं की जानकारी भी इसी नंबर पर भेज सकेंगे। इस तरह यह नंबर शहरवासियों और नगर निगम प्रशासन के बीच संपर्क का एक अतिरिक्त माध्यम बनेगा।

प्राप्त शिकायतों पर संबंधित अधिकारी निगरानी रखेंगे। आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर शिकायतों का सत्यापन कराया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी। इससे नागरिकों को अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एक आसान माध्यम उपलब्ध होगा।

इस व्यवस्था में शिकायत के साथ समस्या का स्पष्ट विवरण और सही स्थान बताना महत्वपूर्ण रहेगा। इससे शिकायत को संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उसके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

नागरिक भागीदारी से बेहतर होगी शहर की व्यवस्था

नगर निगम की इस पहल को शहर की नागरिक व्यवस्था में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों का सही उपयोग सुनिश्चित करना, पैदल चलने वालों के लिए रास्ते खुले रखना और बाजारों में व्यवस्थित आवागमन बनाए रखना शहरी प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

निगम प्रशासन का मानना है कि केवल नियमित निरीक्षण और कार्रवाई के माध्यम से हर क्षेत्र में अतिक्रमण पर नजर रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की ओर से मिलने वाली सूचनाएं प्रशासन के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।

अब शहरवासियों के पास अपने आसपास होने वाले अवैध कब्जों की जानकारी सीधे नगर निगम तक पहुंचाने का विकल्प उपलब्ध है। इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्राप्त शिकायतों का कितनी तेजी से सत्यापन किया जाता है और संबंधित टीमें कितनी प्रभावी कार्रवाई करती हैं।

नगर निगम ने उम्मीद जताई है कि शहरवासी इस सुविधा का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करेंगे और चंडीगढ़ को स्वच्छ, व्यवस्थित तथा अतिक्रमण मुक्त बनाने में सहयोग देंगे।