ढाका में खेले जा रहे साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) चैम्पियनशिप में भारतीय फुटबॉल टीम ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की है। चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए ग्रुप-B के मुकाबले में भारत ने 3-2 से बाजी मार ली। मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा और पहले हाफ में तीन गोल दागकर पाकिस्तान को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि, मैच के अंतिम क्षणों में पाकिस्तानी टीम ने वापसी की कोशिश की और लगातार दो गोल करके मुकाबले को रोमांचक बना दिया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ी अपनी बढ़त बचाने में सफल रहे।
इस मुकाबले में भारत की जीत के सबसे बड़े नायक सुहैल अहमद भट्ट रहे। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल किए। वहीं, मगलेंथांग किपगेन ने भी एक गोल करके टीम की जीत में अहम योगदान दिया। भारत ने हाफ टाइम तक 3-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। दूसरे हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। निर्धारित समय में कोई गोल नहीं हुआ, लेकिन इंजरी टाइम में पाकिस्तान ने दो गोल करके भारतीय खेमे की चिंता जरूर बढ़ा दी।
सिर्फ 17 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरी भारतीय टीम
पाकिस्तान के खिलाफ इस मुकाबले में भारतीय टीम के सामने केवल विरोधी खिलाड़ियों की चुनौती नहीं थी, बल्कि सीमित संसाधनों के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी भी थी। भारतीय टीम के मुख्य कोच नौशाद मूसा के पास मैच के लिए केवल 17 खिलाड़ी उपलब्ध थे। आमतौर पर किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में टीम के पास खिलाड़ियों के अधिक विकल्प होते हैं, लेकिन इस बार भारत को कम खिलाड़ियों के साथ ही मुकाबले की रणनीति तैयार करनी पड़ी।
इसकी प्रमुख वजह SAFF चैम्पियनशिप का FIFA की आधिकारिक इंटरनेशनल मैच विंडो से बाहर आयोजित होना है। इंडियन सुपर लीग (ISL) में खेलने वाले कुछ फुटबॉल क्लबों ने अपने खिलाड़ियों को अभी तक राष्ट्रीय टीम के लिए रिलीज नहीं किया है। ऐसे में भारतीय कोच को उपलब्ध खिलाड़ियों के आधार पर ही प्लेइंग इलेवन और मैच की रणनीति तैयार करनी पड़ी।
सीमित खिलाड़ियों के बावजूद भारतीय टीम ने मैदान पर शानदार तालमेल दिखाया। खिलाड़ियों ने शुरुआती मिनटों से ही आक्रामक रवैया अपनाया और पाकिस्तान को संभलने का मौका नहीं दिया। पहले हाफ में तीन गोल की बढ़त हासिल करना इसी रणनीति का नतीजा रहा।
शुरुआती 31 मिनट में ही पाकिस्तान पर भारी पड़ा भारत
मैच शुरू होते ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया था। टीम का उद्देश्य शुरुआत में ही पाकिस्तान पर दबाव बनाना था। भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए लगातार विरोधी टीम के गोलपोस्ट की ओर हमले किए। इस रणनीति का फायदा भी जल्द मिला और मुकाबले के 13वें मिनट में सुहैल अहमद भट्ट ने गोल करके भारत को पहली सफलता दिला दी।
पहला गोल होने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया। पाकिस्तान की टीम अभी शुरुआती झटके से उबरने की कोशिश ही कर रही थी कि सुहैल ने एक बार फिर गोल कर दिया। 19वें मिनट में किए गए उनके दूसरे गोल ने भारत की बढ़त 2-0 कर दी। महज छह मिनट के अंतराल में दो गोल करके सुहैल ने पाकिस्तानी डिफेंस की मुश्किलें बढ़ा दीं।
भारत यहीं रुकने के मूड में नहीं था। टीम ने हमले जारी रखे और विरोधी खिलाड़ियों को अपनी रणनीति के मुताबिक खेलने का मौका नहीं दिया। मैच के 31वें मिनट में मगलेंथांग किपगेन ने तीसरा गोल दाग दिया। इस गोल के साथ भारतीय टीम ने स्कोर 3-0 कर दिया।
पहले हाफ के बाकी समय में पाकिस्तान की टीम गोल करने के लिए संघर्ष करती रही, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रक्षापंक्ति को मजबूत बनाए रखा। इस तरह मध्यांतर तक भारत ने तीन गोल की ऐसी बढ़त बना ली, जिसने मुकाबले पर उसकी पकड़ मजबूत कर दी।
दूसरे हाफ में गोल नहीं, लेकिन आखिरी मिनटों में बढ़ा रोमांच
पहले हाफ में तीन गोल खाने के बाद पाकिस्तानी टीम ने दूसरे हाफ में अपनी रणनीति बदलने की कोशिश की। टीम ने भारतीय हमलों को रोकने के साथ-साथ आगे बढ़कर गोल करने के मौके तलाशने शुरू किए। दूसरी ओर भारत का प्रयास अपनी बढ़त को सुरक्षित रखने और मुकाबले को अपने नियंत्रण में बनाए रखने का था।
दूसरे हाफ के निर्धारित 45 मिनट में दोनों टीमों की ओर से कोई गोल नहीं किया जा सका। भारतीय डिफेंस ने पाकिस्तान के हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, पाकिस्तानी खिलाड़ी भी भारतीय गोलपोस्ट तक पहुंचने के बावजूद सफलता हासिल नहीं कर पाए।
ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से 3-0 से मुकाबला अपने नाम कर लेगा, लेकिन इंजरी टाइम में मैच का माहौल पूरी तरह बदल गया। अतिरिक्त समय में पाकिस्तान ने लगातार दो गोल करके भारतीय टीम को दबाव में ला दिया।
मुकाबले के 90+1वें मिनट में नजीब उल्लाह ने पाकिस्तान के लिए पहला गोल किया। इस गोल से पाकिस्तान को थोड़ी उम्मीद मिली और खिलाड़ियों ने तेजी से आक्रमण करना शुरू कर दिया। भारतीय टीम अभी इस गोल के बाद अपनी स्थिति संभाल ही रही थी कि 90+4वें मिनट में आलमगीर गाजी ने दूसरा गोल दाग दिया।
अब स्कोर 3-2 हो चुका था। पाकिस्तान को मुकाबले में बराबरी करने की उम्मीद दिखाई देने लगी थी। अंतिम मिनटों में भारतीय खिलाड़ियों के सामने अपनी बढ़त बचाने की चुनौती थी। हालांकि, टीम ने दबाव के बावजूद मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। पाकिस्तान तीसरा गोल नहीं कर सका और भारत ने आखिरकार 3-2 से जीत दर्ज कर ली।
सुहैल अहमद भट्ट के दो गोल बने जीत की बड़ी वजह
इस मुकाबले में सुहैल अहमद भट्ट का प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने पहले हाफ में ही दो गोल करके पाकिस्तान के खिलाफ भारत की स्थिति मजबूत कर दी थी। मैच के 13वें और 19वें मिनट में किए गए उनके गोलों ने भारतीय टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।
फुटबॉल में किसी भी बड़े मुकाबले के दौरान शुरुआती गोल का काफी महत्व होता है। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ता है और विरोधी टीम को अपनी रणनीति बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। सुहैल के लगातार दो गोलों ने भी यही काम किया। पाकिस्तान को शुरुआत से ही रक्षात्मक दबाव का सामना करना पड़ा।
इसके अलावा मगलेंथांग किपगेन का 31वें मिनट में किया गया गोल भी निर्णायक साबित हुआ। उनकी बदौलत भारत ने पहले हाफ के समाप्त होने से पहले ही तीन गोल की बढ़त बना ली थी। हालांकि, इंजरी टाइम में भारत के खिलाफ हुए दो गोलों ने यह भी दिखाया कि आखिरी सीटी बजने तक मुकाबले में सतर्क रहना कितना जरूरी होता है।
FIFA विंडो शुरू होने पर भारतीय टीम को मिल सकते हैं और खिलाड़ी
भारतीय टीम के लिए इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। FIFA की अगली इंटरनेशनल मैच विंडो 9 नवंबर से 17 नवंबर तक निर्धारित है। चूंकि मौजूदा चैम्पियनशिप का मुकाबला आधिकारिक FIFA विंडो से बाहर हो रहा है, इसलिए ISL क्लबों ने अपने कुछ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ने की अनुमति अभी नहीं दी है।
फिलहाल मुख्य कोच नौशाद मूसा को केवल 17 खिलाड़ियों के साथ काम करना पड़ रहा है। इससे टीम के पास विकल्प सीमित हो जाते हैं। किसी खिलाड़ी के चोटिल होने, थकान महसूस करने या मैच के दौरान रणनीतिक बदलाव की जरूरत पड़ने पर कोच के सामने अतिरिक्त चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
हालांकि, भारत की जीत ने यह जरूर साबित किया है कि सीमित खिलाड़ियों के साथ भी टीम अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम है। अब FIFA विंडो शुरू होने के बाद बाकी खिलाड़ियों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। इससे भारतीय टीम को आने वाले मुकाबलों में अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।
11 नवंबर को मालदीव के सामने होगी भारतीय टीम
पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल करने के बाद अब भारतीय टीम की नजर अपने अगले ग्रुप मुकाबले पर है। भारत को 11 नवंबर को मालदीव के खिलाफ मैदान पर उतरना है। यह मुकाबला ग्रुप-B में भारत के लिए आगे की राह तय करने के लिहाज से अहम होगा।
पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत से भारतीय टीम को तीन अंक मिले हैं और उसने टूर्नामेंट में सकारात्मक शुरुआत की है। अब टीम की कोशिश अगले मुकाबले में भी इसी लय को बरकरार रखने की होगी।
मालदीव के खिलाफ मैच से पहले भारतीय टीम को अपनी कुछ कमजोरियों पर भी ध्यान देना होगा। खासतौर पर पाकिस्तान के खिलाफ इंजरी टाइम में लगातार दो गोल खाना कोचिंग स्टाफ के लिए चिंता का विषय हो सकता है। पहले हाफ में शानदार प्रदर्शन करने के बाद आखिरी मिनटों में डिफेंस का दबाव में आना ऐसी स्थिति है, जिसे आगे सुधारने की जरूरत होगी।
दूसरी ओर, FIFA की इंटरनेशनल विंडो शुरू होने से भारतीय टीम को अतिरिक्त खिलाड़ियों के जुड़ने की उम्मीद है। यदि बाकी खिलाड़ी उपलब्ध हो जाते हैं तो कोच को टीम संयोजन में अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
खिताब बचाने के इरादे से उतरा है भारत
भारतीय टीम इस बार SAFF चैम्पियनशिप में मौजूदा चैंपियन के तौर पर हिस्सा ले रही है। ऐसे में टीम पर अपने खिताब का बचाव करने की जिम्मेदारी भी है। टूर्नामेंट की शुरुआत पाकिस्तान जैसी प्रतिद्वंद्वी टीम को हराकर करना भारत के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से फायदेमंद माना जा सकता है।
हालांकि, 3-2 की जीत के बावजूद भारतीय टीम को यह समझना होगा कि मजबूत शुरुआत के साथ-साथ पूरे 90 मिनट और अतिरिक्त समय तक एकाग्रता बनाए रखना जरूरी है। पाकिस्तान ने इंजरी टाइम में दो गोल करके मुकाबले में वापसी की कोशिश की थी। यदि भारतीय टीम को आगे खिताब की दौड़ में मजबूती से बने रहना है तो उसे रक्षात्मक गलतियों से बचना होगा।
फिलहाल भारत के खाते में जीत के तीन अंक आ चुके हैं। सुहैल अहमद भट्ट के दो गोल, किपगेन की शानदार फिनिशिंग और सीमित खिलाड़ियों के साथ टीम का प्रदर्शन इस मुकाबले की सबसे बड़ी बातें रहीं। अब सभी की नजरें 11 नवंबर को मालदीव के खिलाफ होने वाले मैच पर होंगी, जहां भारतीय टीम लगातार दूसरी जीत हासिल करने के इरादे से उतरेगी।




