भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट हासिल कर लिया है। सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 114 रन के बड़े अंतर से शिकस्त दी। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने बांग्लादेश की बल्लेबाजी को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया और पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन बनाकर पवेलियन लौट गई।
भारत की इस जीत की सबसे बड़ी नायिका शेफाली वर्मा रहीं। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए। उनकी पारी में 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। शेफाली ने अकेले जितने रन बनाए, बांग्लादेश की पूरी टीम भी उतने रन तक नहीं पहुंच सकी। बांग्लादेश का कुल स्कोर शेफाली के व्यक्तिगत स्कोर से 19 रन कम रहा।
अब भारतीय महिला टीम की नजर गोल्ड मेडल पर है। फाइनल मुकाबला 22 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ खेला जाएगा। ऐसे में सेमीफाइनल की बड़ी जीत के बाद भारतीय टीम के पास एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करने का मौका होगा।
शेफाली ने पारी संभाली और फिर मैच का रुख बदला
भारतीय पारी की शुरुआत से ही बल्लेबाजों ने रन गति बनाए रखने की कोशिश की। स्मृति मंधाना ने 19 गेंदों पर 37 रन की तेज पारी खेली। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से टीम को शुरुआती ओवरों में अच्छी गति दी। हालांकि वह बड़ी पारी खेलने से पहले आउट हो गईं।
मंधाना के आउट होने के बाद भारतीय पारी की जिम्मेदारी शेफाली वर्मा और बाकी बल्लेबाजों पर आ गई। शेफाली ने शुरुआत में संभलकर खेलने के बाद अपने शॉट्स का दायरा बढ़ाया और बांग्लादेशी गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मैदान के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए चौकों और छक्कों की मदद से उन्होंने तेजी से रन जुटाए।
शेफाली की पारी की खास बात यह रही कि उन्होंने अंत तक अपना विकेट नहीं गंवाया। 49 गेंदों में 100 रन बनाकर वह नाबाद रहीं। उनकी पारी के दम पर भारत 20 ओवर में 195 रन तक पहुंचने में कामयाब रहा।
हरमनप्रीत के साथ बड़ी साझेदारी
भारतीय पारी में शेफाली वर्मा ने हरमनप्रीत कौर के साथ भी अहम साझेदारी की। दोनों खिलाड़ियों ने तीसरे विकेट के लिए 94 रन जोड़े। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को उस समय मजबूती दी, जब टीम को बड़े स्कोर की ओर ले जाने के लिए एक स्थिर साझेदारी की जरूरत थी।
शेफाली ने लगातार आक्रामक क्रिकेट खेली, जबकि हरमनप्रीत ने उनका साथ देते हुए स्कोर बोर्ड को आगे बढ़ाया। दोनों के बीच बनी साझेदारी की वजह से भारतीय टीम आखिरी ओवरों में बड़े स्कोर की तरफ तेजी से बढ़ सकी।
भारत ने निर्धारित 20 ओवर पूरे होने तक 4 विकेट पर 195 रन बनाए। बांग्लादेश के सामने जीत के लिए 196 रन का लक्ष्य था, लेकिन उसकी बल्लेबाजी भारतीय गेंदबाजी के सामने पूरी तरह दबाव में दिखाई दी।
मंधाना ने बनाया नया रिकॉर्ड
भारत की पारी के दौरान स्मृति मंधाना ने एक व्यक्तिगत उपलब्धि भी हासिल की। उन्होंने 19 गेंदों पर 37 रन बनाए। अपनी इस पारी के दौरान वह महिला टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं।
मंधाना के टी-20 इंटरनेशनल में अब 4,788 रन हो गए हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड के सूजी बैट्स को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम 4,758 रन दर्ज हैं। इस तरह मंधाना ने महिला टी-20 इंटरनेशनल में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
हालांकि मंधाना की पारी ज्यादा लंबी नहीं रही, लेकिन उनके 37 रनों ने भारत को शुरुआती गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद शेफाली ने पारी को बड़े स्कोर में बदलने का काम किया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश की खराब शुरुआत
196 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेशी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आई। टीम के बल्लेबाज नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते रहे और रन बनाने की रफ्तार भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।
भारत ने बांग्लादेश को खुलकर बल्लेबाजी करने का मौका नहीं दिया। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और बांग्लादेश की बल्लेबाजी लाइनअप को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला।
बांग्लादेश की पारी 15.4 ओवर तक ही चल सकी। पूरी टीम 81 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने 114 रन के विशाल अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यहां खास बात यह भी रही कि बांग्लादेश की पूरी टीम का कुल स्कोर शेफाली वर्मा के व्यक्तिगत स्कोर से कम रहा। शेफाली ने अकेले 100 रन बनाए, जबकि बांग्लादेश की सभी बल्लेबाज मिलकर 81 रन ही बना सकीं।
दीप्ति और नंदनी ने गेंद से बरपाया कहर
भारत की जीत में बल्लेबाजों के साथ गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। दीप्ति शर्मा और नंदनी शर्मा ने बांग्लादेश की पारी पर सबसे ज्यादा असर डाला। दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट हासिल किए।
श्री चरणी को भी 2 विकेट मिले। भारतीय गेंदबाजों ने बांग्लादेशी बल्लेबाजों को लगातार मुश्किल परिस्थितियों में रखा और रन बनाने के विकल्प सीमित कर दिए।
बांग्लादेश की पारी जैसे-जैसे आगे बढ़ी, विकेट गिरने का सिलसिला तेज होता गया। टीम के पास भारतीय स्कोर के करीब पहुंचने का कोई मौका नहीं बन पाया। आखिरकार 15.4 ओवर में उसकी पूरी पारी समाप्त हो गई।
15वें ओवर में दीप्ति ने लगातार दो विकेट चटकाए
बांग्लादेश की पारी के अंत में दीप्ति शर्मा ने लगातार दो विकेट लेकर मुकाबले को जल्द खत्म कर दिया। 15.2 ओवर में उन्होंने मारूफा अक्तर को LBW आउट किया।
इसके बाद 15.4 ओवर में शांजिदा अख्तर मेघला भी आउट हो गईं। उनका कैच जी. कमलिनी ने लॉन्ग-ऑन पर पकड़ा। इन दो विकेटों के साथ बांग्लादेश की पारी का अंत हो गया।
81 रन पर ऑलआउट होने के बाद बांग्लादेश के सामने भारत के 195 रन का जवाब देने के लिए पर्याप्त रन नहीं थे। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से लेकर अंतिम विकेट तक दबाव बनाए रखा और टीम को बड़ी जीत दिला दी।
भारत के सामने अब श्रीलंका की चुनौती
सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराने के बाद भारतीय टीम अब फाइनल में पहुंच चुकी है। 22 सितंबर को होने वाले गोल्ड मेडल मुकाबले में भारत का सामना श्रीलंका से होगा।
फाइनल में भारत को सेमीफाइनल जैसी ही बल्लेबाजी और गेंदबाजी की निरंतरता बनाए रखनी होगी। टीम के लिए शेफाली वर्मा की नाबाद शतकीय पारी आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही है। वहीं, मंधाना का रिकॉर्ड भी भारतीय पारी की एक बड़ी उपलब्धि रहा।
गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और नंदनी शर्मा के प्रदर्शन ने दिखाया कि भारतीय टीम सिर्फ बल्लेबाजी पर निर्भर नहीं है। सेमीफाइनल में पहले 195 रन का स्कोर खड़ा करने और फिर बांग्लादेश को 81 रन पर समेटने के बाद भारत अब फाइनल में पदक के लिए मैदान पर उतरेगा।
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला भारतीय महिला टीम के लिए एशियन गेम्स का सबसे अहम मैच होगा। बांग्लादेश के खिलाफ मिली 114 रन की जीत के बाद टीम का आत्मविश्वास ऊंचा होगा। अब सभी की नजरें 22 सितंबर के फाइनल पर रहेंगी, जहां भारत और श्रीलंका के बीच गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला होगा।




