लिल्ह कोठी में मुख्यमंत्री ने किया आदर्श महाविद्यालय भवन का उद्घाटन, 17 सड़कों की रखी आधारशिला; चूड़ी में 30 बिस्तरों का आधुनिक अस्पताल और धरवाला में बनेगा नया उप तहसील कार्यालय
भरमौर। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को भरमौर विधानसभा क्षेत्र के लिल्ह कोठी में विकास का बड़ा तोहफा देते हुए करीब 175 करोड़ रुपये की लागत वाली 26 विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन कर उन्हें जनता को समर्पित किया, वहीं कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखकर उनके निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शहरों जैसी बुनियादी सुविधाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध करवाई जाएं। भरमौर जैसे पहाड़ी क्षेत्र में सड़क संपर्क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, किसानों और बागवानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
14.46 करोड़ से बने आदर्श महाविद्यालय भवन का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने लिल्ह कोठी में 14.46 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित राजकीय आदर्श महाविद्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस भवन के शुरू होने से भरमौर क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर और आधुनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। अब विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की मजबूरी कम होगी।
पहाड़ी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भरमौर के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में महाविद्यालय के नए भवन को क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने के साथ उच्च शिक्षा के प्रति उनकी पहुंच भी आसान होगी।
दो महत्वपूर्ण सड़कों के उन्नयन कार्यों का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 10.64 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड की गई भरमौर-बड़ग्राम वाया गागला से लूणी सड़क का उद्घाटन किया। इसके अलावा 9.65 करोड़ रुपये की लागत से सिरड़ी-सुपा सड़क के उन्नयन कार्य को भी जनता को समर्पित किया।
इन सड़कों के बेहतर होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क का सीधा संबंध शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आर्थिक गतिविधियों से है। सड़कें बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बाजारों, अस्पतालों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होती है।
पार्किंग, पुल, स्कूल और आयुर्वेदिक औषधालय की सुविधाएं मिलीं
मुख्यमंत्री ने कई अन्य जनहित से जुड़ी परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें लोक निर्माण विभाग मंडल होली में 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित सार्वजनिक पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स शामिल है। इस सुविधा से क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त किलोड़-कुनेड़ मार्ग पर बटोटू नाले पर 2.41 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल का लोकार्पण किया गया। पुल के निर्माण से स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और बरसात के दौरान नाले के कारण पैदा होने वाली आवाजाही की परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।
शिक्षा क्षेत्र में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मैहला में 33 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार नए कमरों का उद्घाटन किया गया। इससे विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाओं और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए जगह उपलब्ध होगी।
वहीं, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत 16 लाख रुपये की लागत से निर्मित आयुर्वेदिक औषधालय बेलज को भी जनता को समर्पित किया गया। इससे क्षेत्र के लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
चूड़ी में 30 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल की रखी नींव
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी में 5.64 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 30 बिस्तरों की क्षमता वाले आधुनिक अस्पताल भवन की आधारशिला रखी।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा। अस्पताल में मरीजों के लिए बेहतर उपचार व्यवस्था उपलब्ध करवाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम होगा। भरमौर जैसे दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार मरीजों को बेहतर इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
आधुनिक अस्पताल भवन बनने से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अधिक सुविधाजनक व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इसका लाभ मिल सकता है।
धरवाला में 50 लाख से बनेगा उप तहसील कार्यालय
प्रशासनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने उप तहसील धरवाला के नए कार्यालय भवन का भी शिलान्यास किया। इस भवन के निर्माण पर 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
नए कार्यालय भवन के बनने से प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय लोगों को राजस्व और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था मिल सकेगी। दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी कार्यालयों की बेहतर उपलब्धता आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे लोगों का समय और आवागमन पर होने वाला खर्च बचता है।
17 सड़कों के निर्माण से मजबूत होगा ग्रामीण संपर्क
मुख्यमंत्री ने भरमौर विधानसभा क्षेत्र में सड़क नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए 17 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। इनका उद्देश्य दूरस्थ गांवों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध करवाना और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करना है।
आधारशिला रखी गई प्रमुख सड़क परियोजनाओं में शामिल हैं:
- लामू से कंवारसी सड़क के निर्माण पर 16.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- कांडी से कुठेर सड़क पर 11.98 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
- नयाग्राम से बजोल सड़क का निर्माण 11.26 करोड़ रुपये से होगा।
- हड़सर से बलमुई सड़क पर 9.51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- लाहल से कुनेड़ सड़क का निर्माण 9.12 करोड़ रुपये से होगा।
- बकाणी से धरबेटा सड़क पर 8.84 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- खड़ामुख से धजी सड़क का निर्माण 8.59 करोड़ रुपये से किया जाएगा।
- गैहरा से मंधारा सड़क पर 7.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- डिबरी से ओहरा सड़क के लिए 6.77 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
- दुनाली से कलांस सड़क का निर्माण 6.03 करोड़ रुपये से होगा।
- उरई से घटोर संपर्क मार्ग पर 6.02 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- सुनारा-कुंडी-अंदरूंड सड़क के लिए 5.81 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
- गलथन से मस्सू सड़क का निर्माण 5.73 करोड़ रुपये से होगा।
- पट्टी से खुंड सड़क पर 4.76 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- ठठाण संपर्क मार्ग का निर्माण 3.99 करोड़ रुपये से किया जाएगा।
- खणी से अर्की सड़क पर 3.88 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- झिकली कुगती से उपली कुगती सड़क का निर्माण 3.73 करोड़ रुपये से होगा।
इन सभी सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से भरमौर के विभिन्न गांवों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की उम्मीद है। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं।
किसानों और बागवानों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र के किसानों, बागवानों और आम लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क होने से कृषि और बागवानी उत्पादों को बाजार तक पहुंचाना आसान होगा। इससे परिवहन पर लगने वाला समय और मेहनत कम होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भरमौर क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं। कई गांवों तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में सड़क नेटवर्क का विस्तार स्थानीय विकास के लिए बेहद जरूरी है। नई सड़क परियोजनाओं से गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने और ग्रामीण आबादी को जरूरी सुविधाओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं पर सरकार का जोर
लिल्ह कोठी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू की गई परियोजनाओं से स्पष्ट है कि भरमौर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एक ओर नए महाविद्यालय भवन के माध्यम से युवाओं को उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी, वहीं चूड़ी में आधुनिक अस्पताल भवन के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
इसी तरह स्कूल में नए कमरों, आयुर्वेदिक औषधालय, पुल, पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाएं स्थानीय जरूरतों को पूरा करने में सहायक होंगी। दूसरी ओर 17 नई सड़क परियोजनाएं क्षेत्र के गांवों को बेहतर संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 175 करोड़ रुपये की 26 विकासात्मक परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के माध्यम से भरमौर में विकास का व्यापक एजेंडा सामने रखा है। अब इन परियोजनाओं का समयबद्ध निर्माण और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन महत्वपूर्ण होगा, ताकि घोषित सुविधाओं का लाभ वास्तव में क्षेत्र के लोगों तक पहुंच सके।




