3 साल बाद आ रही पद्मिनी एकादशी: जानें व्रत की तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व

पद्मिनी एकादशी 2026: अधिकमास में आने वाला यह दुर्लभ व्रत क्यों माना जाता है खास, जानें तिथि, पूजा विधि और महत्व हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। भगवान विष्णु की आराधना के लिए रखे जाने वाले इन व्रतों में अधिकमास में आने वाली पद्मिनी एकादशी को अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। पद्मिनी एकादशी हर वर्ष नहीं आती, बल्कि यह लगभग तीन वर्ष में एक बार अधिकमास…

गंगा दशहरा 2026: अधिकमास में मिलेगा विशेष पुण्य, इन दानों से बढ़ेगी सुख-शांति और समृद्धि

गंगा दशहरा 2026: अधिकमास में पड़ने से बढ़ा पर्व का महत्व, जानें शुभ दान और धार्मिक मान्यताएं इस बार गंगा दशहरा का पर्व श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व लेकर आ रहा है। 25 मई 2026 को मनाया जाने वाला यह पावन पर्व अधिकमास के दौरान पड़ रहा है, जिसे सनातन धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में किए गए पूजा-पाठ, स्नान, दान और धार्मिक कार्यों का महत्व सामान्य समय की तुलना में अधिक माना जाता है। गंगा दशहरा के अवसर पर देशभर के गंगा घाटों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष तैयारियां…

अधिक ज्येष्ठ मास 2026: पूजा-पाठ का विशेष समय, जानिए इस दौरान किन चीजों से रखें दूरी

अधिक ज्येष्ठ मास 2026: मलमास में पूजा-पाठ, खानपान और धार्मिक नियमों को विस्तार से समझें हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में अधिक ज्येष्ठ मास यानी मलमास का विशेष संयोग बन रहा है। इस बार अधिकमास की शुरुआत 17 मई 2026 से हुई है और यह पवित्र अवधि 15 जून 2026 तक चलेगी। हिंदू धर्म में अधिकमास को आध्यात्मिक साधना, भगवान विष्णु की आराधना, दान-पुण्य, जप और तप के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने में किए गए शुभ कर्मों का विशेष फल प्राप्त होता है। अधिकमास को कई नामों से जाना जाता है,…

तीसरे बड़े मंगल पर अपनाएं ये खास उपाय, दूर होंगे संकट और मिलेगा बजरंगबली का आशीर्वाद

हिंदू धर्म में ज्येष्ठ महीने के मंगलवारों को बेहद शुभ माना जाता है। इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान हनुमान अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। आज ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है, जिसे लेकर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की आराधना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने का भी…

कर्ज और पैसों की तंगी से परेशान? वास्तु के ये आसान उपाय बदल सकते हैं आपकी आर्थिक स्थिति

वास्तु के इन आसान उपायों से दूर हो सकती हैं आर्थिक परेशानियां, घर में बनी रहेगी सकारात्मक ऊर्जा आज के समय में आर्थिक स्थिरता हर व्यक्ति की बड़ी जरूरत बन चुकी है। कई बार अच्छी आय होने के बावजूद लोगों को पैसों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मेहनत और कमाई के बाद भी खर्च बढ़ते जाते हैं, बचत नहीं हो पाती और धीरे-धीरे आर्थिक दबाव बढ़ने लगता है। भारतीय परंपरा में ऐसी समस्याओं को दूर करने के लिए वास्तु शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मौजूद ऊर्जा, दिशाओं की स्थिति…

पुरुषोत्तम मास का आज से आरंभ: क्यों खास माना जाता है अधिकमास, जानिए नियम, पूजा और दान का महत्व

अधिकमास 2026 की शुरुआत, जानें पुरुषोत्तम मास का महत्व और इस दौरान किए जाने वाले शुभ कार्य हिंदू पंचांग के अनुसार आज से पवित्र अधिकमास की शुरुआत हो गई है। इस विशेष महीने का समापन 15 जून को होगा। इस बार अधिकमास का संयोग ज्येष्ठ महीने में बन रहा है, इसलिए इसे ज्येष्ठ अधिकमास कहा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय भगवान विष्णु की आराधना, आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और आत्मचिंतन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू धर्म में अधिकमास को “पुरुषोत्तम मास” के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस महीने को…

वट सावित्री व्रत 2026: अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना रहेगा बेहद शुभ, दोपहर 12:45 तक खास संयोग

ज्येष्ठ अमावस्या हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण तिथियों में से एक मानी जाती है। इस दिन स्नान, दान, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बताया गया है। इसी तिथि पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं। यह पर्व विशेष रूप से सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यता है कि सावित्री ने अपने तप, संकल्प और पतिव्रता धर्म के बल पर अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी वजह से इस व्रत को दांपत्य जीवन की…

शनि जयंती 2026: शनि दोष से परेशान हैं? अपनाएं ये आसान उपाय, जीवन में आएगी राहत

हिंदू धर्म और ज्योतिष परंपरा में शनि जयंती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष शनि जयंती 16 मई, शनिवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनिदेव का जन्म हुआ था और इसी कारण इस दिन को शनि जयंती के रूप में मनाया जाता है। भक्त इस अवसर पर शनिदेव की पूजा-अर्चना करते हैं, व्रत रखते हैं, जरूरतमंद लोगों को दान देते हैं और अपने जीवन में अच्छे कर्म करने का संकल्प लेते हैं। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता कहा जाता है। मान्यता…

पर्स में रखें ये शुभ वस्तुएं, बढ़ सकती है धन-दौलत और बनी रहती है बरकत

हर व्यक्ति चाहता है कि उसके जीवन में आर्थिक स्थिरता बनी रहे, आमदनी के साधन बढ़ें और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वातावरण कायम रहे। इसके लिए लोग अपनी मेहनत, बचत और निवेश पर ध्यान देने के साथ-साथ धार्मिक और ज्योतिषीय उपायों का भी सहारा लेते हैं। भारतीय परंपरा में धन और समृद्धि को लेकर कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें से एक मान्यता पर्स से जुड़ी हुई है। पर्स आज के समय में केवल पैसे और कार्ड रखने की चीज नहीं रह गया है। इसमें लोग जरूरी दस्तावेज, रसीदें, सिक्के और कई छोटी-बड़ी चीजें रखते हैं। वास्तु और ज्योतिष…

15 मई से बदलेगी बुध की दिशा, इन 5 राशियों के जीवन में आएंगे सफलता और धन के बड़े मौके

वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, वाणी, गणना, शिक्षा, लेखन, संचार, व्यापार और आर्थिक निर्णयों से संबंधित माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब कुंडली में बुध की स्थिति अनुकूल होती है, तो व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है और वह बातचीत तथा निर्णय लेने के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। व्यापार और नौकरी से जुड़े मामलों में भी बुध की स्थिति को महत्वपूर्ण माना जाता है। अब बुध ग्रह 15 मई 2026 को शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश करने वाले हैं। वृषभ राशि को स्थिरता, धन, भौतिक सुख-सुविधाओं और आर्थिक मामलों…

अपरा एकादशी के चमत्कारी उपाय: जीवन की रुकावटें होंगी दूर, सुख-समृद्धि का मिलेगा आशीर्वाद

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। वर्षभर में आने वाली सभी एकादशियों में से प्रत्येक का अपना अलग महत्व, व्रत कथा और पूजा विधान बताया गया है। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है। कई धार्मिक परंपराओं में इसे अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है और इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिलता है और…

12 मई से बनेगा विष योग, इन 4 राशियों के लिए बढ़ सकती हैं चुनौतियां, संभलकर बिताएं ये दिन

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और उनके बीच बनने वाली युतियों को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि जब दो या उससे अधिक ग्रह एक ही राशि में एक साथ स्थित होते हैं, तो उनकी संयुक्त ऊर्जा का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर देखने को मिल सकता है। इसी क्रम में शनि और चंद्रमा की युति को ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना गया है। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब चंद्रमा और शनि एक ही राशि में आ जाते हैं, तो विष योग का निर्माण माना जाता है। बताया जा रहा है कि 12 मई की शाम चंद्रमा कुंभ…

पूजा में परिक्रमा का नियम: हर देवी-देवता के लिए अलग है संख्या, जानिए सही विधि

सनातन धर्म में पूजा-पाठ केवल भगवान के सामने प्रार्थना करने तक सीमित नहीं माना जाता। मंदिर में प्रवेश करने से लेकर दर्शन, आरती, प्रसाद ग्रहण करने और परिक्रमा करने तक हर धार्मिक क्रिया का अपना अलग महत्व बताया गया है। इनमें परिक्रमा को विशेष स्थान प्राप्त है। श्रद्धालु जब किसी देवी-देवता या मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर घूमते हैं, तो इसे भगवान के प्रति श्रद्धा, समर्पण और आस्था की अभिव्यक्ति माना जाता है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में यह मान्यता प्रचलित है कि मंदिर में स्थापित देवता को जीवन का केंद्र मानकर उनके चारों ओर परिक्रमा करने से मन में…

शनि जयंती 2026: केदार योग से बदलेगी किस्मत, 16 मई के बाद इन राशियों पर मेहरबान होंगे शनिदेव

सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में शनि जयंती का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इसी तिथि को सूर्यदेव और माता छाया के पुत्र भगवान शनिदेव का जन्म हुआ था। शनिदेव को न्याय, कर्म और अनुशासन का देवता माना जाता है। कहा जाता है कि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करने वाले शनिदेव जीवन में मेहनत, धैर्य और ईमानदारी का महत्व समझाते हैं। इसी वजह से शनि जयंती के दिन उनकी पूजा, व्रत और दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस बार शनि जयंती को लेकर ज्योतिषीय दृष्टि से भी चर्चा हो रही…

6 मई 2026 का पंचांग: बुधवार को मूल नक्षत्र और सिद्ध योग का खास मेल

हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 6 मई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह दिन ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के अंतर्गत आ रहा है और बुधवार होने के कारण भगवान गणेश की आराधना के लिए भी विशेष माना जाता है। सनातन परंपरा में बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। इस दिन गणपति की पूजा, मंत्र जाप और व्रत करने से बुद्धि, विवेक और कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होने की धार्मिक मान्यता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन सूर्य मेष राशि…

Agni Nakshatra 2026: आज से शुरू हुई भीषण गर्मी की अवधि, 25 दिन तक सावधानी जरूरी

भारतीय परंपरा में वर्ष के अलग-अलग समय को धार्मिक, ज्योतिषीय और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है। इन्हीं में से एक अवधि है अग्नि नक्षत्र, जिसे दक्षिण भारत के कई हिस्सों में विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इस समय को सूर्य की तीव्रता और गर्मी से जोड़कर देखा जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में तापमान अधिक महसूस हो सकता है और मौसम का प्रभाव मानव जीवन तथा दैनिक दिनचर्या पर भी पड़ सकता है। वर्ष 2026 में अग्नि नक्षत्र की अवधि को लेकर धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 4 मई से 28 मई तक…

आज बुद्ध पूर्णिमा पर जानें स्नान-दान का महत्व, शुभ मुहूर्त, राशिफल और आज का पंचांग

वैशाख मास की पूर्णिमा हिंदू और बौद्ध दोनों परंपराओं में विशेष महत्व रखने वाली तिथि मानी जाती है। भारत सहित कई देशों में इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती के रूप में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। बौद्ध परंपरा के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा का संबंध भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं से माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन उनका जन्म हुआ, उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और बाद में उनका महापरिनिर्वाण भी वैशाख पूर्णिमा के दिन ही हुआ। हिंदू धार्मिक परंपरा में भी वैशाख पूर्णिमा को पुण्यदायी तिथि माना गया है।…

समानता और सेवा का संदेश देने वाले गुरु अमरदास जी का प्रकाश पर्व आज, जानिए उनके जीवन और शिक्षाओं की महत्वपूर्ण बातें

सिख पंथ के तीसरे गुरु श्री गुरु अमरदास जी का पावन प्रकाश पर्व आज पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि मानवता, समानता, सेवा और सामाजिक सुधार के उन सिद्धांतों को याद करने का अवसर भी है, जिन्हें गुरु अमरदास जी ने अपने पूरे जीवन में आगे बढ़ाया। गुरु अमरदास जी ने ऐसे समय में समाज को नई दिशा देने का कार्य किया, जब जात-पात, ऊंच-नीच, छुआछूत और महिलाओं के प्रति भेदभाव जैसी कई सामाजिक कुरीतियां गहराई से मौजूद थीं। उन्होंने अपनी शिक्षाओं और कार्यों के माध्यम…

नृसिंह जयंती 2026: 29 या 30 अप्रैल? जानिए सही तिथि, शुभ पूजा मुहूर्त, धार्मिक महत्व और पूजा विधि

सनातन धर्म में भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नृसिंह की जयंती अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है और इसे धर्म की रक्षा, अधर्म के विनाश तथा भक्तों की सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। देशभर के मंदिरों और घरों में इस दिन भगवान नृसिंह की विशेष पूजा-अर्चना, व्रत, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी नृसिंह जयंती की सही तारीख को लेकर श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई लोग 29…

मई 2026 में पूर्णिमा कब है? जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम और वैशाख पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

हिंदू पंचांग में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। प्रत्येक महीने आने वाली पूर्णिमा भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा के लिए शुभ मानी जाती है। वहीं मई 2026 की पूर्णिमा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वैशाख पूर्णिमा के रूप में मनाई जाएगी। इसी दिन बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व भी मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों ही घटनाएं वैशाख पूर्णिमा के दिन हुई थीं। यही कारण है कि इस दिन का महत्व हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों में अत्यंत…