यौन आरोपों पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार: कहा– ‘सच सामने आएगा, ईश्वर और अंतरात्मा पर विश्वास’

प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज एफआईआर के बाद ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा मामला चर्चा में बना हुआ है। नाबालिगों से जुड़े यौन शोषण के आरोपों के बाद अब इस पूरे प्रकरण पर शंकराचार्य की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने वाराणसी में मीडिया से बातचीत करते हुए अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया और कहा कि वह कानून व्यवस्था और न्याय प्रक्रिया पर पूरा विश्वास रखते हैं। शंकराचार्य ने कहा कि यदि पुलिस या जांच एजेंसी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाती है या हिरासत में लेना चाहती है, तो वह किसी प्रकार का विरोध…

“घर में खुशहाली और धन लाने का रहस्य: कुबेर यंत्र की सही दिशा”

भारतीय संस्कृति में धन, समृद्धि और सुख-शांति के लिए कई प्रकार की धार्मिक परंपराओं और वास्तु उपायों का उल्लेख मिलता है। वास्तु शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए कुछ विशेष यंत्रों और प्रतीकों का उपयोग किया जाता है। इनमें से एक है कुबेर यंत्र, जिसे धन और समृद्धि से जुड़ा हुआ माना जाता है। कई लोग मानते हैं कि जीवन में मेहनत करने के बावजूद आर्थिक स्थिरता नहीं बन पाती या धन आने के बाद भी बचत करना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुबेर…

Shardiya Navratri 2025 का पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना का महत्व और शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख और पवित्र पर्वों में से एक है। यह पर्व मां दुर्गा और उनके नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में श्रद्धालु देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और घरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान आयोजित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना करने से भक्तों को शक्ति, साहस और मानसिक शांति प्राप्त होती है। वर्ष 2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर, सोमवार से होने की जानकारी दी गई है।…

Kedarnath Dham के कपाट खुले: 108 क्विंटल फूलों से सजा मंदिर, पहले ही दिन 10 हजार श्रद्धालु पहुंचे।

उत्तराखंड स्थित भगवान केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के साथ ही हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए और मंदिर में छह महीने से प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त किया। कपाट खुलने का यह अवसर चारधाम यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव माना जाता है, जिसका इंतजार देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालु पूरे वर्ष करते हैं। कपाट खुलने के बाद मंदिर परिसर में रुद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिव तांडव स्तोत्र और केदाराष्टक का पाठ किया गया। पूरे धाम में भक्तिमय वातावरण देखने…