पंचकूला में CM नायब सैनी ने तिरंगा यात्रा की शुरुआत की, बोले– ऑपरेशन सिंदूर से आतंकियों को मिला करारा जवाब।

पंचकूला में CM नायब सैनी ने तिरंगा यात्रा की शुरुआत की, बोले– ऑपरेशन सिंदूर से आतंकियों को मिला करारा जवाब।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को पंचकूला में आयोजित तिरंगा यात्रा में भाग लिया और यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा सेक्टर-5 स्थित यवनिका ओपन थिएटर से शुरू होकर मेजर संदीप शांकला चौक तक निकाली गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य, युवा, महिलाएं, पूर्व सैनिक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय सुरक्षा, भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, देशभक्ति, आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति और तिरंगे के सम्मान जैसे विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं बल्कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।

पंचकूला में निकाली गई तिरंगा यात्रा

तिरंगा यात्रा की शुरुआत पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यवनिका ओपन थिएटर से हुई। यात्रा निर्धारित मार्ग से होती हुई मेजर संदीप शांकला चौक तक पहुंची। पूरे मार्ग पर लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में भाग लिया और देशभक्ति से जुड़े नारों के साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।

मुख्यमंत्री ने तिरंगे के महत्व पर रखी बात

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के सम्मान, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश के स्वतंत्रता संग्राम, संविधान, लोकतंत्र और देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और राष्ट्र निर्माण में सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

भारतीय सशस्त्र बलों के साहस को किया नमन

मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के जवानों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले सैनिक हर परिस्थिति में राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने समय-समय पर अपनी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और वीरता का परिचय दिया है। देश के नागरिक सुरक्षित वातावरण में जीवन जी सकें, इसके लिए सुरक्षा बल लगातार कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया और कहा कि राष्ट्र सदैव उनके योगदान का सम्मान करता रहेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार की नीति का किया उल्लेख

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार की नीति स्पष्ट है तथा सुरक्षा एजेंसियां देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा, आधुनिक तकनीक का उपयोग, सुरक्षा बलों का प्रशिक्षण और रक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर सभी नागरिकों को भी जागरूक और जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए।

आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख की बात

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आतंकवाद के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में आवश्यक कदम संबंधित एजेंसियों और सरकार द्वारा परिस्थितियों के अनुसार उठाए जाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद केवल किसी एक क्षेत्र की समस्या नहीं बल्कि वैश्विक चुनौती है, जिसके खिलाफ सभी देशों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।

तिरंगा यात्रा को बताया राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल एक आयोजन करना नहीं बल्कि देशवासियों में राष्ट्रप्रेम, एकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को देश के इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और भारतीय संविधान के मूल्यों से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। तिरंगा सभी भारतीयों को एक सूत्र में बांधने वाला राष्ट्रीय प्रतीक है।

युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी की अपील

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, अनुशासन, नवाचार और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

उन्होंने कहा कि युवा यदि अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं, तो देश की प्रगति को नई गति मिल सकती है। राष्ट्र निर्माण केवल सरकार का कार्य नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदम

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। रक्षा उत्पादन, तकनीक, विनिर्माण, स्टार्टअप, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता से देश की आर्थिक क्षमता मजबूत होती है और युवाओं के लिए नए रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर भी विकसित होते हैं।

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान का दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं बल्कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं, संघर्ष और उपलब्धियों का प्रतीक है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि राष्ट्रीय पर्वों और सार्वजनिक आयोजनों के साथ-साथ दैनिक जीवन में भी तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना बनाए रखें।

पूर्व सैनिकों और नागरिकों की रही भागीदारी

तिरंगा यात्रा में विभिन्न सामाजिक संगठनों, पूर्व सैनिकों, युवाओं, महिलाओं तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कई प्रतिभागी हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा के पूरे मार्ग पर शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से जुड़े गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम का संदेश दिया गया।

पंचकूला में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था

तिरंगा यात्रा के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। चिकित्सा सहायता, आपातकालीन सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न हो सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यात्रा के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया था।

राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं वाला देश है, जहां विभिन्न भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं होने के बावजूद राष्ट्रीय ध्वज सभी नागरिकों को एक सूत्र में जोड़ता है।

उन्होंने लोगों से संविधान के मूल्यों का सम्मान करने, कानून का पालन करने और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की अपील की।

भारतीय सेना के सम्मान में आयोजित यात्रा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि पंचकूला में आयोजित तिरंगा यात्रा देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के सम्मान को समर्पित है। उन्होंने कहा कि सैनिकों का अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और विकास के लिए सरकार तथा नागरिकों को मिलकर कार्य करना चाहिए। पंचकूला में आयोजित यह तिरंगा यात्रा राष्ट्रप्रेम, सामाजिक सहभागिता और भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

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