देश में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी तेजी देखने को मिली है। शुक्रवार, 11 अप्रैल को सोने ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए निवेशकों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में एक ही दिन में ₹2,913 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद सोने का भाव बढ़कर ₹93,074 प्रति 10 ग्राम के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले 24 कैरेट सोने की कीमत ₹90,161 प्रति 10 ग्राम थी।
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। चांदी एक ही दिन में ₹1,958 प्रति किलोग्राम महंगी होकर ₹92,627 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पहले इसका भाव ₹90,669 प्रति किलो था। कीमती धातुओं में आई यह तेजी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने का संकेत मानी जा रही है।
एक दिन में सोने और चांदी में बड़ी बढ़ोतरी
बुलियन मार्केट में शुक्रवार का कारोबार काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती और घरेलू बाजार में रुपये की कमजोरी के कारण भारतीय बाजार में भी सोने के दाम तेजी से बढ़े।
24 कैरेट सोना जहां ₹93,074 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, वहीं चांदी भी ₹92,627 प्रति किलो के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी प्रकार बनी रहती हैं तो आने वाले समय में कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
पिछले रिकॉर्ड पर भी एक नजर
हाल के दिनों में सोने और चांदी ने कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं।
- 3 अप्रैल को 24 कैरेट सोना ₹91,205 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था।
- 28 मार्च को चांदी ने ₹1,00,934 प्रति किलो का ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ था।
- अब 11 अप्रैल को सोने ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाते हुए ₹93,074 प्रति 10 ग्राम का स्तर हासिल किया।
इससे स्पष्ट है कि वर्ष 2025 में कीमती धातुओं में लगातार तेजी बनी हुई है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर की चाल और रुपये की कमजोरी हैं।
1. वैश्विक ट्रेड वॉर की आशंका
अमेरिका की नई टैरिफ नीतियों के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर दबाव बढ़ा है। कई देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) माना जाता है। यही वजह है कि वैश्विक अनिश्चितता बढ़ते ही सोने की मांग बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।
2. डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है। जब डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तब सोने का आयात महंगा पड़ता है।
इस वर्ष अब तक भारतीय रुपये में लगभग 4 प्रतिशत तक कमजोरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर पड़ा है।
3. निवेशकों का बढ़ता भरोसा
महंगाई और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच निवेशक अपनी पूंजी सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF), डिजिटल गोल्ड और फिजिकल गोल्ड की मांग में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार जब शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ती है तो निवेशक सोने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं।
वर्ष 2025 में अब तक सोना कितना महंगा हुआ?
साल 2025 की शुरुआत से ही सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
1 जनवरी 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव ₹76,162 प्रति 10 ग्राम था। अब यह बढ़कर ₹93,074 प्रति 10 ग्राम पहुंच चुका है।
इस प्रकार वर्ष की शुरुआत से अब तक—
- कुल बढ़ोतरी: ₹16,912 प्रति 10 ग्राम
- प्रतिशत वृद्धि: लगभग 22 प्रतिशत
यह तेजी पिछले वर्ष की तुलना में भी अधिक मानी जा रही है।
पिछले साल भी रही थी अच्छी तेजी
साल 2024 में भी सोने की कीमतों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई थी।
पूरे वर्ष के दौरान सोना लगभग ₹12,810 प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ था। हालांकि 2025 के शुरुआती महीनों में ही इससे अधिक तेजी देखने को मिल चुकी है।
चांदी में भी लगातार मजबूती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी जारी है।
1 जनवरी 2025 को चांदी का भाव ₹86,017 प्रति किलो था, जो अब बढ़कर ₹92,627 प्रति किलो पहुंच चुका है।
इस दौरान—
- कुल बढ़ोतरी: ₹6,610 प्रति किलो
- प्रतिशत वृद्धि: लगभग 7 प्रतिशत
औद्योगिक मांग और निवेशकों की बढ़ती रुचि चांदी की कीमतों को समर्थन दे रही हैं।
शादी के सीजन में बढ़ी मांग
देशभर में शादी-विवाह का मौसम शुरू होने वाला है। ऐसे समय में पारंपरिक रूप से सोने के आभूषणों की मांग बढ़ जाती है।
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख बाजारों के ज्वेलर्स का कहना है कि कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद ग्राहकों की खरीदारी जारी है। कई लोग इसे केवल आभूषण नहीं बल्कि दीर्घकालिक निवेश के रूप में भी देख रहे हैं।
चार प्रमुख शहरों में सोने का ताजा भाव
दिल्ली
- 22 कैरेट (10 ग्राम): ₹87,600
- 24 कैरेट (10 ग्राम): ₹95,555
मुंबई
- 22 कैरेट (10 ग्राम): ₹87,450
- 24 कैरेट (10 ग्राम): ₹95,400
कोलकाता
- 22 कैरेट (10 ग्राम): ₹87,450
- 24 कैरेट (10 ग्राम): ₹95,400
चेन्नई
- 22 कैरेट (10 ग्राम): ₹87,450
- 24 कैरेट (10 ग्राम): ₹95,400
शहरों के अनुसार टैक्स, परिवहन लागत और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
सोना खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?
सोने की बढ़ती कीमतों के बीच खरीदारी करते समय कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है।
हमेशा हॉलमार्क वाला सोना खरीदें
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से प्रमाणित हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना निर्धारित शुद्धता का है।
आजकल प्रत्येक हॉलमार्क ज्वेलरी पर छह अंकों का HUID (Hallmark Unique Identification Number) अंकित होता है, जिससे उसकी प्रमाणिकता की जांच की जा सकती है।
खरीदारी से पहले कीमत की पुष्टि करें
सोना खरीदने से पहले विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से उस दिन का बाजार भाव अवश्य जांच लें।
ध्यान रखें कि—
- 24 कैरेट सबसे शुद्ध सोना होता है।
- 22 कैरेट का उपयोग अधिकांश आभूषण बनाने में किया जाता है।
- 18 कैरेट का उपयोग आधुनिक डिजाइन वाली ज्वेलरी में अधिक किया जाता है।
इसलिए खरीदारी करते समय कैरेट के अनुसार कीमत की तुलना करना आवश्यक है।
बिल अवश्य लें
सोना खरीदने के बाद टैक्स इनवॉइस या पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें।
डिजिटल भुगतान जैसे UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान करना अधिक सुरक्षित माना जाता है। यदि ऑनलाइन खरीदारी की गई है, तो डिलीवरी के समय पैकेजिंग और उत्पाद की जांच भी करनी चाहिए।
निवेश के तौर पर क्यों पसंद किया जाता है सोना?
भारतीय परिवारों में सोने को केवल आभूषण नहीं बल्कि आर्थिक सुरक्षा का माध्यम भी माना जाता है।
कई निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने के लिए सोने में निवेश करते हैं। वैश्विक आर्थिक संकट, मुद्रास्फीति, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और शेयर बाजार की अस्थिरता के दौरान सोना अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश माना जाता है।
इसी वजह से आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर इसकी मांग और कीमत दोनों में तेजी देखने को मिलती है।
आने वाले समय में बाजार की नजर किन कारकों पर रहेगी?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें कई वैश्विक और घरेलू कारकों से प्रभावित हो सकती हैं। इनमें अमेरिका की आर्थिक नीतियां, ब्याज दरों में बदलाव, डॉलर की मजबूती या कमजोरी, भारतीय रुपये की चाल, अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रम और घरेलू मांग प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा शादी के सीजन और निवेशकों की खरीदारी का रुझान भी बुलियन बाजार की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण कारकों में शामिल रहेगा।




