सोने और चांदी की कीमतों में 25 अप्रैल को गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में 617 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इसके बाद शुद्ध सोने का भाव घटकर 95,669 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया है। इससे पहले 24 कैरेट सोने की कीमत 96,286 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई थी।
कीमती धातुओं की कीमतों में आई यह गिरावट ऐसे समय सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही सोना अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। अप्रैल महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू मांग के कारण सोने के दामों में लगातार तेजी देखी गई थी। हालांकि अब बाजार में कुछ नरमी देखने को मिल रही है, जिससे खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल, अंतरराष्ट्रीय मांग, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और निवेशकों की गतिविधियों से प्रभावित होती हैं। इसलिए कीमतों में समय-समय पर उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है।

24 कैरेट सोने के ताजा भाव
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर 95,669 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। एक दिन पहले इसका भाव 96,286 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी एक ही दिन में सोने की कीमत में 617 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
सोने की कीमतों में यह बदलाव उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो निवेश या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं।
चांदी भी हुई सस्ती
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। एक किलो चांदी का भाव 121 रुपये कम होकर 97,513 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले चांदी की कीमत 97,634 रुपये प्रति किलो थी।
हालांकि कीमतों में यह गिरावट सीमित है, लेकिन लगातार बदलते बाजार के कारण निवेशकों और व्यापारियों की नजरें कीमती धातुओं के बाजार पर बनी हुई हैं।
रिकॉर्ड स्तर से नीचे आया सोना
21 अप्रैल को सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया था, जब इसका भाव 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया था। वहीं चांदी ने भी 28 मार्च को 1,00,934 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था।
वर्तमान में दोनों धातुओं की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ चुकी हैं, जिससे बाजार में कुछ स्थिरता देखने को मिल रही है।
कीमतों में बदलाव के प्रमुख कारण
सोने और चांदी की कीमतें कई घरेलू और वैश्विक कारकों से प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती या कमजोरी, ब्याज दरों में बदलाव, भू-राजनीतिक परिस्थितियां, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता तथा निवेशकों की मांग का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है।
इसके अलावा घरेलू बाजार में मांग, आयात शुल्क, टैक्स और रुपये की विनिमय दर भी कीमतों को प्रभावित करती है।
दिल्ली में सोने के ताजा रेट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 22 कैरेट सोने की कीमत 90,200 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं 24 कैरेट सोने का भाव 98,340 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
दिल्ली देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में सोने का कारोबार होता है।
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के भाव
मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में 22 कैरेट सोने की कीमत 90,050 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं इन तीनों महानगरों में 24 कैरेट सोने का भाव 98,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
इन शहरों में स्थानीय टैक्स और बाजार की मांग के आधार पर कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
भोपाल में क्या है सोने का भाव
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 22 कैरेट सोने की कीमत 90,100 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। वहीं 24 कैरेट सोने का भाव 98,290 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
स्थानीय बाजारों में मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण अंतिम कीमत में बदलाव संभव है।
अक्षय तृतीया पर बढ़ सकती है सोने की खरीदारी, खरीदने से पहले इन महत्वपूर्ण बातों का रखें विशेष ध्यान
30 अप्रैल को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया
इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व 30 अप्रैल को मनाया जाएगा। भारतीय परंपरा में इस दिन सोना खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तु लंबे समय तक समृद्धि और शुभ फल प्रदान करती है।
इसी कारण हर वर्ष अक्षय तृतीया पर देशभर में सोने और चांदी की खरीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलती है।
अक्षय तृतीया पर बढ़ती है बाजार की मांग
सर्राफा बाजार में अक्षय तृतीया को सबसे व्यस्त दिनों में गिना जाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग आभूषण, सोने के सिक्के, बिस्किट और अन्य निवेश विकल्प खरीदते हैं।
व्यापारी भी इस अवसर पर विभिन्न ऑफर और विशेष योजनाएं लेकर आते हैं, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त विकल्प मिलते हैं।
केवल BIS हॉलमार्क वाला सोना खरीदें
सोना खरीदते समय सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आभूषण या गोल्ड प्रोडक्ट पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क मौजूद हो। हॉलमार्क यह प्रमाणित करता है कि सोने की शुद्धता निर्धारित मानकों के अनुरूप है।
आजकल प्रत्येक प्रमाणित आभूषण पर छह अंकों का HUID (Hallmark Unique Identification Number) अंकित होता है, जिसकी सहायता से उसकी प्रमाणिकता की जांच की जा सकती है।
कैरेट के अनुसार समझें शुद्धता
24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है, लेकिन इसकी मुलायम प्रकृति के कारण इससे सामान्य आभूषण नहीं बनाए जाते। अधिकांश ज्वेलरी 22 कैरेट या 18 कैरेट सोने से तैयार की जाती है।
खरीदारी से पहले यह अवश्य समझ लें कि अलग-अलग कैरेट के अनुसार कीमत और शुद्धता दोनों अलग होती हैं।
सोने की कीमत की करें पुष्टि
सोना खरीदने से पहले उसी दिन के बाजार भाव की जानकारी विश्वसनीय स्रोतों से अवश्य प्राप्त करें। विभिन्न शहरों में कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है, इसलिए अधिकृत वेबसाइट या स्थानीय सर्राफा बाजार से दरों की पुष्टि करना उचित माना जाता है।
इसके साथ ही सोने का वजन, शुद्धता और मेकिंग चार्ज की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्राप्त करें।
डिजिटल भुगतान को दें प्राथमिकता
सोना खरीदते समय नकद भुगतान के बजाय डिजिटल माध्यमों जैसे UPI, नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का उपयोग करना अधिक सुरक्षित माना जाता है। डिजिटल भुगतान से लेनदेन का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहता है।
यदि ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं तो अधिकृत प्लेटफॉर्म का चयन करें और भुगतान के बाद सभी रसीदें सुरक्षित रखें।
खरीदारी के बाद बिल अवश्य लें
सोना खरीदने के बाद अधिकृत टैक्स इनवॉइस या बिल अवश्य प्राप्त करें। बिल में सोने का वजन, कैरेट, हॉलमार्क विवरण, मेकिंग चार्ज, जीएसटी तथा कुल भुगतान राशि स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।
भविष्य में एक्सचेंज, बिक्री या किसी प्रकार की शिकायत की स्थिति में यही बिल सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होता है।
ऑनलाइन ऑर्डर में पैकेजिंग और प्रमाणपत्र जांचें
यदि आप ऑनलाइन माध्यम से सोना खरीदते हैं तो डिलीवरी प्राप्त करते समय पैकेजिंग की स्थिति अवश्य जांचें। साथ ही उत्पाद के साथ मिलने वाले हॉलमार्क प्रमाणपत्र, बिल और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन भी करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रमाणित विक्रेता से खरीदारी, सही मूल्य की जांच, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद का चयन और आधिकारिक बिल सुरक्षित रखना हमेशा ग्राहकों के हित में रहता है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकता है और निवेश भी अधिक सुरक्षित रहता है।




