हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और विकास परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से वन विभाग को पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक से अधिक चेक डैम (Check Dam) बनाने के लिए कहा, ताकि वर्षा जल का बेहतर संरक्षण किया जा सके। उनका कहना था कि इससे न केवल वन क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि भूजल स्तर को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश “सीएम अनाउंसमेंट” के अंतर्गत घोषित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में गृह विभाग, राजस्व विभाग, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग, परिवहन विभाग सहित कई अन्य विभागों की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और जनहित से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
पहाड़ी वन क्षेत्रों में बनाए जाएंगे अधिक चेक डैम
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के पहाड़ी वन क्षेत्रों में अधिक संख्या में चेक डैम तैयार किए जाएं। उनका कहना था कि बरसात के दौरान बड़ी मात्रा में पानी बहकर निकल जाता है, जबकि चेक डैम बनने से वर्षा जल को लंबे समय तक संरक्षित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के ऐसे उपाय भविष्य में जल संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही वन क्षेत्रों में पेड़-पौधों और वन्य जीवों के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा।
भूजल स्तर सुधारने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रभावी योजनाओं पर तेजी से काम करना आवश्यक है। चेक डैम बनने से वर्षा का पानी जमीन में रिसेगा और भूजल स्तर को प्राकृतिक रूप से बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल संरक्षण केवल एक परियोजना नहीं बल्कि भविष्य की आवश्यकता है, इसलिए इस दिशा में सभी विभाग गंभीरता के साथ कार्य करें।
पुराने चेक डैम की मरम्मत के भी दिए निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल नए चेक डैम बनाने पर ही नहीं बल्कि पहले से बने सभी चेक डैम की स्थिति की भी समीक्षा करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन चेक डैमों में मरम्मत की आवश्यकता है, वहां समय रहते आवश्यक कार्य पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि पहले से निर्मित संरचनाओं का रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना नई परियोजनाओं का निर्माण।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से बनने वाली प्रत्येक परियोजना निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हो।
बरसात से पहले पौधारोपण की तैयारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सड़क किनारे बड़े स्तर पर पौधारोपण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके पेड़ बनने तक नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि पौधारोपण अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि हरियाणा में हरित क्षेत्र का विस्तार हो सके।
हर जिले में ऑक्सीवन विकसित करने की योजना
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में कम से कम दो ऑक्सीवन विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि बढ़ते शहरीकरण के बीच स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए ऐसे हरित क्षेत्रों का विकास आवश्यक है।
ऑक्सीवन परियोजनाओं के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ हवा, हरित वातावरण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
घग्गर नदी की सफाई, सीएम घोषणाओं की समीक्षा और पारदर्शी प्रशासन पर मुख्यमंत्री का जोर
घग्गर नदी में गंदा पानी जाने से रोकने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में घग्गर नदी की स्वच्छता को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के माध्यम से पानी शुद्ध करके नदी में छोड़ा जाता है, वहां नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्थिति में बिना शुद्ध किया गया गंदा पानी नदी में नहीं जाना चाहिए क्योंकि इससे पर्यावरण और जल गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं।
एसटीपी में लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्थान पर एसटीपी के खराब होने या गंदे पानी को बाईपास कर सीधे नदी में छोड़े जाने की शिकायत मिलती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीएम घोषणाओं की परियोजनाएं समय पर पूरी हों
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने “सीएम अनाउंसमेंट” के अंतर्गत घोषित सभी परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी से न केवल लागत बढ़ती है बल्कि जनता को मिलने वाले लाभ में भी विलंब होता है।
देरी होने पर कारण दर्ज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी वास्तविक कारण से परियोजना समय पर पूरी नहीं हो पाती है तो संबंधित फाइल में देरी का स्पष्ट कारण दर्ज किया जाए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य परियोजनाओं की जवाबदेही बढ़ाना और कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।
औद्योगिक क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड कार्यालय बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) के औद्योगिक क्षेत्रों में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए फायर ब्रिगेड कार्यालयों के लिए भूमि सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में यदि आगजनी जैसी कोई घटना होती है तो तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए फायर स्टेशन की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है।
अधिकारियों को पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करने की सलाह
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी विभागों के अधिकारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक योजना का क्रियान्वयन निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।
अंत्योदय की भावना से योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य अंत्योदय की भावना के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गरीब, जरूरतमंद और पात्र नागरिकों को समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना सभी विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक
बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभागवार परियोजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, आधारभूत ढांचे के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने और विकास योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का आह्वान किया।




