हरियाणा सरकार राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों से नई खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए लगातार कई योजनाओं पर काम कर रही है। इसी क्रम में कैथल जिले के पूंडरी विधानसभा क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। खेल विभाग ने पूंडरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों और ग्राम पंचायतों में कुल 26 खेल नर्सरियों को मंजूरी दी है। इन खेल नर्सरियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को शुरुआती स्तर से ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, बेहतर खेल वातावरण और अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों को समान प्राथमिकता दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना भी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर और संसाधनों की होती है।
विधायक ने खेल नर्सरियों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और खेल मंत्री गौरव गौतम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय आने वाले वर्षों में पूंडरी क्षेत्र के खेल विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
खेल विभाग ने जारी किया आधिकारिक पत्र
विधायक सतपाल जांबा ने बताया कि खेल विभाग मुख्यालय की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर विभिन्न जिलों में स्वीकृत खेल नर्सरियों की सूची भेजी गई है। इसी सूची में पूंडरी क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों और पंचायतों को भी खेल नर्सरियां आवंटित की गई हैं।
इन नर्सरियों के माध्यम से कबड्डी, हॉकी, फुटबॉल, जूडो, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, हैंडबॉल और तलवारबाजी जैसे विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने पसंदीदा खेल में नियमित अभ्यास और प्रतियोगी माहौल मिल सकेगा।
ग्रामीण खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर अवसर
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से यह समस्या रही है कि कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी उचित प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं के अभाव में अपनी क्षमता का पूरा प्रदर्शन नहीं कर पाते। आर्थिक सीमाओं के कारण भी कई परिवार अपने बच्चों को बड़े शहरों के प्रशिक्षण केंद्रों तक नहीं भेज पाते।
ऐसी स्थिति में गांवों के निकट ही खेल नर्सरियों की स्थापना से खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। इससे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी भाग लेने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती उम्र में सही प्रशिक्षण मिलने से खिलाड़ी तकनीकी रूप से अधिक मजबूत बनते हैं और भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है।
कई प्रमुख खेलों के लिए विकसित होंगी विशेष नर्सरियां
खेल विभाग द्वारा स्वीकृत नर्सरियों में विभिन्न खेलों को शामिल किया गया है ताकि विद्यार्थियों की रुचि और स्थानीय खेल परंपरा के अनुसार प्रशिक्षण दिया जा सके। पूंडरी क्षेत्र में कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ-साथ हॉकी, फुटबॉल, बॉक्सिंग, हैंडबॉल, जूडो, तलवारबाजी और एथलेटिक्स जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
सरकार का उद्देश्य केवल पारंपरिक खेलों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे खेलों में भी खिलाड़ियों को तैयार करना है जिनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं।
खेल नर्सरी क्या होती है?
खेल नर्सरी ऐसी व्यवस्था होती है जहां स्कूली स्तर से ही खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाता है। इन केंद्रों पर नियमित अभ्यास, फिटनेस प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रतियोगिताओं की तैयारी कराई जाती है।
इनका मुख्य उद्देश्य छोटी उम्र में प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है। कई राज्यों में खेल नर्सरी मॉडल के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हुए हैं।
सरकारी स्कूलों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकारी विद्यालयों में खेल नर्सरी शुरू होने से स्कूलों में खेल गतिविधियों को नई गति मिलेगी। विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास का अवसर मिलेगा और स्कूल स्तर की प्रतियोगिताओं में भागीदारी भी बढ़ेगी। इससे विद्यालयों के खेल प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके अलावा खेल संस्कृति मजबूत होने से विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास जैसे गुण भी विकसित होंगे।
ग्राम पंचायतों की भी होगी महत्वपूर्ण भूमिका
कुछ खेल नर्सरियां ग्राम पंचायतों में भी स्थापित की गई हैं। पंचायत स्तर पर खेल मैदानों का उपयोग कर स्थानीय बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गांवों में खेल गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो सकेंगी और खिलाड़ियों को दूर नहीं जाना पड़ेगा।
पंचायतों की भागीदारी से खेल मैदानों का बेहतर रखरखाव और स्थानीय स्तर पर प्रतियोगिताओं के आयोजन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
विधायक ने खिलाड़ियों को दिया प्रोत्साहन
विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि भाजपा सरकार खिलाड़ियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राज्य में खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि, रोजगार, आधुनिक स्टेडियम, प्रशिक्षक और खेल उपकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पूंडरी क्षेत्र के युवा इन खेल नर्सरियों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और खेलों में अपना भविष्य बनाएं। उनका विश्वास है कि आने वाले वर्षों में इसी क्षेत्र से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इन खेलों में मिलेगा प्रशिक्षण
पूंडरी क्षेत्र में स्वीकृत खेल नर्सरियों के माध्यम से कबड्डी, हॉकी, फुटबॉल, जूडो, एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, बॉक्सिंग, हैंडबॉल तथा तलवारबाजी जैसे खेलों में नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्येक खेल के लिए निर्धारित संस्थानों में अभ्यास की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इन सरकारी स्कूलों और पंचायतों में खोली जाएंगी खेल नर्सरियां
खेल विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाई, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाई, ग्राम पंचायत पाई, राजकीय उच्च विद्यालय हजवाना, राजकीय कन्या उच्च विद्यालय हाबड़ी, पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हाबड़ी, राजकीय उच्च विद्यालय सांच, राजकीय उच्च विद्यालय सिरसल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिरसल, राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पूंडरी, ग्राम पंचायत पबनावा, राजकीय उच्च विद्यालय पिलनी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फतेहपुर, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पूंडरी, राजकीय उच्च विद्यालय चुहड़माजरा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भाणा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टीक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फरल, शहीद विकास भारद्वाज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरोट बंदराना तथा राजकीय उच्च विद्यालय कौल सहित कई संस्थानों में विभिन्न खेलों की नर्सरियां संचालित की जाएंगी।
प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने पर सरकार का विशेष फोकस
हरियाणा लंबे समय से देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल रहा है। ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि यह परंपरा आगे भी जारी रहे और अधिक से अधिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचें।
इसी उद्देश्य से गांवों तक खेल सुविधाएं पहुंचाने, आधुनिक खेल ढांचा विकसित करने, प्रशिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। खेल नर्सरियों का विस्तार भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि खेल नर्सरियों की स्थापना से न केवल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि खेलों के प्रति युवाओं का आकर्षण भी बढ़ेगा। नियमित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को खेल छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा में अवसर तथा सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा देने की यह पहल आने वाले समय में खेल विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार कर सकती है। स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशिक्षण मिलने से खिलाड़ियों को अपने कौशल को निखारने का अवसर मिलेगा और वे राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे।




