Punjab में निवेश करें, सरकार आपको पूरा सहयोग और रियायतें देगी: CM Mann, निवेशकों को दिया भरोसा

Punjab में निवेश करें, सरकार आपको पूरा सहयोग और रियायतें देगी: CM Mann, निवेशकों को दिया भरोसा

मोहाली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में निवेश करने के इच्छुक उद्योगपतियों और कारोबारी समूहों को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार उद्योगों के विस्तार और नए निवेश को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पंजाब को देश के अग्रणी औद्योगिक और निर्यात केंद्रों में शामिल करना है, जिसके लिए निवेशकों को अनुकूल माहौल, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और आवश्यक रियायतें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री एस.ए.एस. नगर (मोहाली) में आयोजित तीन दिवसीय ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन’ के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सम्मेलन केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और भविष्य की औद्योगिक रणनीति तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में देश और विदेश से बड़ी संख्या में उद्योगपतियों, निवेशकों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया, जो पंजाब के प्रति बढ़ते भरोसे का संकेत है।

छह महीने बाद होगी निवेश परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सम्मेलन के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्तावों को केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि छह महीने बाद एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत सभी निवेश प्रस्तावों और परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि निवेशकों को परियोजनाएं शुरू करने में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े। यदि किसी परियोजना में किसी स्तर पर देरी होती है तो संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उसका समाधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश समझौते करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारना है।

निवेशकों का बढ़ता भरोसा पंजाब के लिए सकारात्मक संकेत

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में शामिल हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी भागीदारी यह दर्शाती है कि पंजाब एक बार फिर उद्योग और व्यापार के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है।

उन्होंने कहा कि निवेशकों का विश्वास किसी भी राज्य की आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा संकेत होता है। सरकार उद्योगों के लिए ऐसा वातावरण तैयार कर रही है, जहां निवेशक आसानी से अपना कारोबार शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति, बेहतर सड़क और रेल संपर्क, कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाएं, कुशल मानव संसाधन और उद्यमशीलता की परंपरा राज्य को अन्य राज्यों की तुलना में विशेष पहचान दिलाती है।

सम्मेलन में हुए करीब 30 विषय आधारित सत्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान लगभग 30 विषय आधारित सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि आधारित उद्योग, विनिर्माण, निर्यात, लॉजिस्टिक्स, स्टार्टअप, नवाचार, कौशल विकास और निवेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि इन सत्रों के माध्यम से सरकार, उद्योग जगत और विशेषज्ञों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे भविष्य की औद्योगिक नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्य में निवेश बढ़ने का सबसे बड़ा लाभ युवाओं को मिलेगा। नए उद्योग स्थापित होने से रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से युवाओं का दूसरे राज्यों या विदेशों की ओर पलायन भी कम होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जहां राज्य के युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर रोजगार और करियर के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे परिवहन, होटल, सेवा क्षेत्र, निर्माण, छोटे उद्योग और स्थानीय कारोबार को भी नई गति मिलती है।

पंजाब की मेहनतकश संस्कृति का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पंजाब के लोगों की मेहनत, समर्पण और उद्यमशीलता की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि पंजाबी अपनी मेहनत और लगन के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। चाहे कृषि क्षेत्र हो, उद्योग हो, व्यापार हो या सेवा क्षेत्र—पंजाब के लोगों ने हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि राज्य की यही कार्य संस्कृति पंजाब को औद्योगिक विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।

AI और नई तकनीक को बताया विकास की कुंजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और नवाचार औद्योगिक विकास के प्रमुख आधार बन चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यदि राज्य को भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप आगे बढ़ना है, तो आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ-साथ मानव संसाधन को भी उसी स्तर पर तैयार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है, ताकि युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप रोजगार मिल सके।

नीति निर्माण में उद्योग जगत की भागीदारी जरूरी

भगवंत मान ने कहा कि सरकार उद्योगों से संबंधित नीतियां बनाते समय केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं रहना चाहती। इसके बजाय उद्योगपतियों, निवेशकों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय को भी महत्व दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कारोबारी समुदाय की भागीदारी से बनाई गई नीतियां अधिक व्यावहारिक होती हैं और उनका लाभ उद्योगों के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मिलता है।

पंजाब की विरासत और शहीदों को किया याद

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों, समाज सुधारकों और शहीदों की पवित्र धरती है, जिन्होंने देश और समाज के लिए अतुलनीय योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य की यही विरासत लोगों को मेहनत, सेवा और संघर्ष की प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ सरकार पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

पिछली चुनौतियों के बावजूद विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार को पिछली सरकारों से कई आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियां विरासत में मिली थीं। बावजूद इसके सरकार विकास कार्यों, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए राज्य के विकास को गति दी जाए और निवेशकों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल तैयार किया जाए।

कारोबार में आसानी पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि वे पंजाब में उपलब्ध Ease of Doing Business यानी कारोबार करने की सुगमता, अनुकूल निवेश वातावरण और उद्यमशीलता की संस्कृति के बारे में अन्य राज्यों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तक भी जानकारी पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने के लिए लगातार सुधार कर रही है। विभिन्न विभागों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि उद्योगों को अनुमति, मंजूरी और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कम समय लगे।

पारदर्शिता और डिजिटल शासन सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की प्राथमिकताओं में पारदर्शी प्रशासन, डिजिटल गवर्नेंस, जवाबदेही और संवेदनशील निर्णय प्रणाली प्रमुख रूप से शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि निवेशकों का विश्वास तभी मजबूत होता है जब सरकारी प्रक्रियाएं स्पष्ट, समयबद्ध और पारदर्शी हों। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मंत्रियों और अधिकारियों ने भी किया संबोधित

सम्मेलन के दौरान कैबिनेट मंत्री संजय अरोड़ा, हरभजन सिंह ईटीओ तथा पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने भी उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित किया।

उन्होंने राज्य में निवेश करने वाले उद्योग समूहों का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार उद्योगों की आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पंजाब को औद्योगिक और निर्यात केंद्र बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि पंजाब आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा। इसके लिए सरकार आधुनिक औद्योगिक नीति, बेहतर बुनियादी ढांचे, कुशल मानव संसाधन, तकनीकी विकास और निवेशकों के साथ निरंतर संवाद की नीति पर काम कर रही है।

उन्होंने सभी उद्योगपतियों, निवेशकों और व्यावसायिक संगठनों का सम्मेलन में भाग लेने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति में निजी क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार का उद्देश्य ऐसा निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जहां उद्योगों का विस्तार हो, युवाओं को रोजगार मिले और पंजाब की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती प्राप्त हो।

Leave a Reply