LPG सप्लाई पर मंडराया संकट: 14.2 किलो सिलेंडर में सिर्फ 10 किलो गैस देने की तैयारी!

LPG सप्लाई पर मंडराया संकट: 14.2 किलो सिलेंडर में सिर्फ 10 किलो गैस देने की तैयारी!

ईरान से जुड़े तनाव और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हालात का असर अब भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है। एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एक नई रणनीति पर विचार कर रही हैं, जिसके तहत घरेलू 14.2 किलोग्राम सिलेंडर में कम गैस भरकर सप्लाई की जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, कंपनियां सीमित स्टॉक को ज्यादा से ज्यादा घरों तक पहुंचाने के लिए सिलेंडर में करीब 10 किलो गैस भरने का विकल्प तलाश रही हैं। अगर यह योजना लागू होती है, तो सिलेंडरों पर नई मात्रा दर्शाने वाले स्टिकर लगाए जाएंगे और कीमत भी उसी हिसाब से घटाई जा सकती है। दरअसल, एलपीजी की उपलब्धता पहले से ही दबाव में है। खाड़ी देशों से आने वाली सप्लाई में रुकावट देखी जा रही है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरकर केवल दो जहाज भारत पहुंचे, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 92,700 टन गैस थी, जो देश की महज एक दिन की जरूरत के बराबर है।

वहीं, भारत के कई एलपीजी टैंकर अभी भी पर्शियन गल्फ में फंसे हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। इससे आने वाले समय में सप्लाई को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से भी गैस बचाने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित सप्लाई दी जा रही है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पहले जहां कमर्शियल सेक्टर की सप्लाई सीमित कर दी गई थी, वहीं अब इसे धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है, जिससे दबाव और बढ़ सकता है।

देश में रोजाना लगभग 93,500 टन एलपीजी की खपत होती है, जिसमें घरेलू उपयोग की हिस्सेदारी करीब 86% है। हाल ही में खपत में गिरावट भी दर्ज की गई है, जो यह संकेत देती है कि संकट का असर धीरे-धीरे सामने आने लगा है।

गौरतलब है कि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसमें खाड़ी देशों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। मौजूदा हालात में अगर आपूर्ति बाधित होती है, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को कम मात्रा में गैस मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।