ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट सेंटर, जो बस स्टैंड के नजदीक स्थित है, वहां पिछले कई दिनों से एनआईसी (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) के सर्वर में बार-बार आ रही तकनीकी खराबी के कारण ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। सर्वर डाउन होने की वजह से ड्राइविंग टेस्ट की पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई, जिससे बड़ी संख्या में आवेदकों को बिना टेस्ट दिए ही वापस लौटना पड़ा।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए पहले से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर पहुंचे लोगों को उम्मीद थी कि निर्धारित समय पर उनका टेस्ट पूरा हो जाएगा, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण पूरे सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। इससे न केवल आवेदकों का समय खराब हुआ, बल्कि कई लोगों को दोबारा नई तारीख का इंतजार भी करना पड़ेगा।
डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ अधिकांश सरकारी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। ऐसे में यदि केंद्रीय सर्वर लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो उसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। इस बार भी यही स्थिति देखने को मिली, जहां तकनीकी खराबी के कारण पूरे दिन का कामकाज प्रभावित रहा।
सुबह से ही ठप रहा ड्राइविंग टेस्ट का कार्य
जानकारी के अनुसार सुबह कार्यालय खुलने के कुछ समय बाद ही यह स्पष्ट हो गया कि एनआईसी सर्वर सामान्य रूप से कार्य नहीं कर रहा है। इसके चलते ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर सभी गतिविधियां रोक दी गईं।
केंद्र के कर्मचारियों ने आवेदकों को असुविधा से बचाने के लिए ट्रैक के बाहर एक सूचना भी चस्पा कर दी, जिसमें बताया गया कि तकनीकी कारणों से फिलहाल ड्राइविंग टेस्ट आयोजित नहीं किए जा सकते।
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने वाले लोगों को हुई परेशानी
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए पहले से ऑनलाइन स्लॉट बुक कर चुके आवेदक तय समय पर केंद्र पहुंचे थे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी जिन्होंने काम से छुट्टी लेकर या दूसरे शहरों से यात्रा कर केंद्र तक पहुंचने की योजना बनाई थी।
लेकिन सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण उनकी निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
130 से अधिक लोगों ने कराया था पंजीकरण
अधिकारियों के अनुसार उस दिन ड्राइविंग टेस्ट के लिए 130 से अधिक उम्मीदवारों ने ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लिया हुआ था। इनमें दोपहिया और चौपहिया दोनों श्रेणियों के आवेदक शामिल थे।
सुबह से दोपहर तक सर्वर ठीक न होने के कारण अधिकांश लोगों का टेस्ट नहीं हो सका और उनकी प्रक्रिया अधूरी रह गई।
दोपहर बाद आंशिक रूप से शुरू हो सका काम
दोपहर के बाद सर्वर में कुछ हद तक सुधार आने के बाद सीमित स्तर पर कार्य दोबारा शुरू किया गया। हालांकि तब तक सुबह की अधिकांश अपॉइंटमेंट वाले आवेदक वापस जा चुके थे।
इसके बाद केवल दोपहर बाद निर्धारित समय वाले कुछ आवेदकों का ही ड्राइविंग टेस्ट लिया जा सका।
सीमित संख्या में हुए ड्राइविंग टेस्ट
सर्वर आंशिक रूप से बहाल होने के बाद चौपहिया वाहन श्रेणी के लगभग 15 आवेदकों और दोपहिया वाहन श्रेणी के लगभग 25 आवेदकों का ड्राइविंग टेस्ट आयोजित किया गया।
हालांकि यह संख्या कुल निर्धारित आवेदकों की तुलना में काफी कम रही, जिससे अधिकांश लोगों को अगली तारीख का इंतजार करना पड़ सकता है।
सुबह पहुंचे लोगों को नहीं मिला कोई लाभ
जिन लोगों की अपॉइंटमेंट सुबह या दोपहर से पहले निर्धारित थी, वे कई घंटों तक सर्वर सामान्य होने की प्रतीक्षा करते रहे। लेकिन लंबे समय तक कोई समाधान नहीं निकलने के कारण अधिकांश आवेदक केंद्र से वापस लौट गए।
कई लोगों ने बताया कि उन्हें भविष्य में फिर से अवकाश लेकर दोबारा केंद्र आना पड़ेगा, जिससे अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।
लगातार दूसरे दिन भी बनी रही तकनीकी समस्या, छुट्टियों के कारण अब और बढ़ सकती है प्रतीक्षा
ड्राइविंग टेस्ट सेंटर में सर्वर संबंधी यह समस्या केवल एक दिन की नहीं रही। इससे पहले भी पूरे दिन कार्य बाधित रहा था और उसके बाद लगातार आने वाली सरकारी छुट्टियों के कारण लंबित मामलों की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आवेदकों की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे केंद्र पर अतिरिक्त दबाव बनना स्वाभाविक है।
बुधवार को भी पूरे दिन ठप रहा था काम
केंद्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार इससे पहले बुधवार को भी सर्वर की तकनीकी खराबी के कारण पूरे दिन कोई ड्राइविंग टेस्ट आयोजित नहीं किया जा सका था। उस दिन भी सभी निर्धारित प्रक्रियाएं प्रभावित हुई थीं।
लगातार दो दिनों तक सेवाएं प्रभावित रहने से बड़ी संख्या में लंबित मामलों का बोझ बढ़ गया है।
सरकारी अवकाश के कारण बढ़ी समस्या
बुधवार को तकनीकी समस्या के बाद अगले दिन महावीर जयंती के अवसर पर सरकारी अवकाश रहा। इसके बाद जब शुक्रवार को लोगों को उम्मीद थी कि सेवाएं सामान्य हो जाएंगी, तब भी सर्वर में खराबी के कारण कार्य पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका।
इस कारण कई आवेदकों को लगातार दूसरी बार निराशा का सामना करना पड़ा।
आने वाले अवकाशों का भी पड़ेगा असर
शुक्रवार के बाद शनिवार और रविवार की नियमित छुट्टियों के साथ बैसाखी पर्व के कारण सोमवार को भी सरकारी अवकाश रहेगा। ऐसे में केंद्र में नियमित कार्य अब अगले कार्य दिवस से ही दोबारा शुरू होने की संभावना है।
इस अवधि के दौरान जिन लोगों की प्रक्रिया लंबित रह गई है, उन्हें नई तिथि मिलने तक प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
तकनीकी समस्या से बढ़ सकता है कार्यभार
लगातार कई दिनों तक सेवाएं बाधित रहने से आने वाले दिनों में ड्राइविंग टेस्ट सेंटर पर अतिरिक्त भीड़ देखने को मिल सकती है। जिन लोगों के टेस्ट नहीं हो पाए, उनके साथ नई अपॉइंटमेंट लेने वाले आवेदकों की संख्या भी जुड़ जाएगी।
इस स्थिति में प्रशासन को समय प्रबंधन और अतिरिक्त स्लॉट उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाओं पर भी विचार करना पड़ सकता है।
अधिकारियों ने बताई अपनी स्थिति
केंद्र के एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि कर्मचारी भी इस स्थिति से परेशान हैं क्योंकि तकनीकी खराबी उनके नियंत्रण से बाहर है। उन्होंने कहा कि सर्वर संबंधी समस्या का समाधान संबंधित तकनीकी एजेंसियों के स्तर पर किया जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि उच्च अधिकारियों को लगातार स्थिति की जानकारी दी जा रही है और समस्या के स्थायी समाधान के लिए संपर्क बनाए रखा गया है।
डिजिटल सेवाओं में सर्वर की भूमिका
वर्तमान समय में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी अधिकांश प्रक्रियाएं पूरी तरह डिजिटल हो चुकी हैं। आवेदन, स्लॉट बुकिंग, दस्तावेजों का सत्यापन और टेस्ट रिकॉर्डिंग जैसी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से संचालित होती हैं।
ऐसे में केंद्रीय सर्वर में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा आने पर पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है और कार्य को मैनुअल तरीके से पूरा करना संभव नहीं रहता।
आवेदकों के लिए बढ़ी असुविधा
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आने वाले अधिकांश लोग पहले से समय निर्धारित कर केंद्र पहुंचते हैं। कई उम्मीदवार निजी कंपनियों में कार्यरत होते हैं या दूसरे शहरों से यात्रा कर आते हैं। ऐसे में तकनीकी कारणों से बिना टेस्ट दिए वापस लौटना उनके लिए समय, श्रम और आर्थिक दृष्टि से भी असुविधाजनक साबित होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए डिजिटल अवसंरचना को अधिक मजबूत बनाने, सर्वर क्षमता बढ़ाने तथा वैकल्पिक तकनीकी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं का प्रभाव आम नागरिकों पर कम से कम पड़े।




