Punjab सरकार की ऑनलाइन NRI मिलनी: विदेशों में रह रहे पंजाबियों ने रखीं शिकायतें, जमीन विवाद और पारिवारिक मामलों पर हुई सुनवाई
पंजाब सरकार के एनआरआई मामलों के विभाग (Department of NRI Affairs) ने विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के पंजाबियों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से एक विशेष ऑनलाइन एनआरआई मिलनी का आयोजन किया। इस डिजिटल संवाद कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न देशों में रहने वाले एनआरआई पंजाबियों को सीधे राज्य सरकार के समक्ष अपनी शिकायतें और समस्याएं रखने का अवसर मिला।
यह ऑनलाइन बैठक सोमवार सुबह 11 बजे शुरू हुई, जिसमें पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने स्वयं भाग लिया। बैठक के दौरान विदेशों से जुड़े कई नागरिकों ने संपत्ति विवाद, पारिवारिक विवाद, पुलिस शिकायतों और प्रशासनिक मामलों से संबंधित अपनी समस्याएं साझा कीं। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर कई मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
एनआरआई विभाग का उद्देश्य विदेशों में रहने वाले पंजाबियों और राज्य प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है ताकि उन्हें भारत आने की आवश्यकता के बिना भी कई प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की दिशा में सहायता मिल सके। डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक में विभिन्न देशों से लोगों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया।
जमीन और संपत्ति विवाद रहे सबसे प्रमुख मुद्दे
ऑनलाइन मिलनी के दौरान सबसे अधिक शिकायतें जमीन, प्लॉट, पारिवारिक संपत्ति और कब्जे से जुड़े मामलों की सामने आईं। कई एनआरआई नागरिकों ने आरोप लगाया कि विदेश में रहने के कारण उनकी संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने या दस्तावेजों में अनियमितता करने की कोशिश की गई।
मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए और पात्र शिकायतकर्ताओं को कानून के अनुसार उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मेलबर्न में रहने वाली महिला ने सुनाई अपनी आपबीती
बैठक के दौरान ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रहने वाली तान्या नामक महिला ने भी अपनी शिकायत सरकार के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि विवाह के बाद वह अपने पति के साथ मेलबर्न चली गई थीं। उनके अनुसार शादी के समय उनके परिवार की ओर से लगभग 30 लाख रुपये दिए गए थे।
महिला ने आरोप लगाया कि कुछ समय बाद उनके ससुराल पक्ष के सदस्य भी ऑस्ट्रेलिया पहुंच गए और बाद में उनके साथ कथित रूप से मारपीट की घटनाएं होने लगीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पति नकदी और आभूषण लेकर उन्हें अकेला छोड़कर चले गए।
लुधियाना NRI थाने में कार्रवाई नहीं होने का आरोप
महिला ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2024, जनवरी 2025 और फरवरी 2025 के दौरान लुधियाना स्थित एनआरआई पुलिस थाने में तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं। उनका कहना था कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद उन्हें अपेक्षित कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली।
उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता कई बार संबंधित पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे, लेकिन उन्हें यह कहते हुए वापस भेज दिया गया कि विवाह भारत में संपन्न नहीं हुआ था। महिला ने सरकार से मामले में उचित जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मंत्री ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
शिकायत सुनने के बाद मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एनआरआई नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और सभी मामलों की नियमानुसार जांच कराई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि विदेश में रहने वाले नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ऑस्ट्रेलिया से संपत्ति विवाद, पारिवारिक शिकायतें और विभाग की कार्रवाई पर भी हुई चर्चा
ऑस्ट्रेलिया निवासी ने उठाया पारिवारिक संपत्ति विवाद का मुद्दा
ऑनलाइन बैठक में ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले इंद्रपाल सिंह ने भी अपनी शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि उनका संबंध पंजाब के अजनाला क्षेत्र से है। शिकायत के अनुसार उनके परिवार की संपत्ति से जुड़ा विवाद लंबे समय से चल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता के निधन के बाद संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार में विवाद उत्पन्न हुआ। उनका कहना था कि बाद में उनकी वृद्ध माता से पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर एक प्लॉट की रजिस्ट्री किसी अन्य सदस्य के नाम कर दी गई।
तहसीलदार से फोन पर किया संपर्क
शिकायत सुनने के बाद मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मामले की जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि रिकॉर्ड की प्रक्रिया में सावधानी बरती जाए।
इसके साथ ही शिकायतकर्ता को कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाने की सलाह भी दी गई ताकि न्यायालय के माध्यम से मामले का समाधान किया जा सके।
विदेश में रह रही महिला ने लगाया घर पर कब्जे का आरोप
बैठक में एक अन्य शिकायत सरी (कनाडा) में रहने वाली अमरजीत कौर ने दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पंजाब स्थित उनकी संपत्ति पर परिवार के कुछ सदस्यों ने कब्जा कर रखा है। शिकायत के अनुसार संबंधित संपत्ति के दस्तावेज उनके नाम पर हैं, लेकिन उन्हें अपने ही घर में प्रवेश करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं और इस कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं।
पुलिस कार्रवाई की जानकारी भी साझा की गई
मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने शिकायतकर्ता को बताया कि उनके मामले से संबंधित कुछ शिकायतें पहले भी पुलिस विभाग के पास पहुंच चुकी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ मामलों में जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि एक मामले में कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
उन्होंने शिकायतकर्ता को संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क बनाए रखने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की सलाह दी ताकि मामले की आगे की कार्रवाई समय पर हो सके।
ऑनलाइन NRI मिलनी का उद्देश्य
पंजाब सरकार द्वारा आयोजित ऑनलाइन एनआरआई मिलनी का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रहने वाले पंजाबियों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना भारत आए अपनी प्रशासनिक, कानूनी और संपत्ति संबंधी समस्याओं को सीधे राज्य सरकार तक पहुंचा सकें।
डिजिटल माध्यम से आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रमों के जरिए सरकार संबंधित विभागों और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शिकायतों के त्वरित समाधान का प्रयास करती है। इससे विदेशों में रहने वाले नागरिकों को लंबी दूरी की यात्रा किए बिना अपनी बात रखने का अवसर मिलता है।

एनआरआई विभाग की भूमिका
पंजाब सरकार का एनआरआई मामलों का विभाग विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के पंजाबियों से जुड़े विभिन्न मामलों का समन्वय करता है। विभाग संपत्ति विवाद, धोखाधड़ी, पारिवारिक विवाद, पुलिस शिकायतों और अन्य प्रशासनिक मामलों में संबंधित विभागों के साथ संपर्क स्थापित कर समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का कार्य करता है।
सरकार का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी ऑनलाइन बैठकों का आयोजन जारी रहेगा ताकि विदेशों में रह रहे पंजाबियों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जा सके तथा राज्य प्रशासन और एनआरआई समुदाय के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।



