
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पंजाब में हाई अलर्ट, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले के बाद देश के विभिन्न राज्यों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में पंजाब सरकार ने भी राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने आधिकारिक आवास पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक आयोजित कर राज्य की मौजूदा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, पर्यटन स्थलों पर निगरानी, ड्रोन गतिविधियों की रोकथाम और जम्मू-कश्मीर में मौजूद पंजाब के नागरिकों की सुरक्षित वापसी जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में किसी भी प्रकार की सुरक्षा संबंधी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करना होगा। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि पुलिस, खुफिया एजेंसियों और जिला प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों, प्रमुख सार्वजनिक परिसरों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और सुरक्षा संबंधी सभी मानक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जाए।
पर्यटन स्थलों पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
बैठक में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। इसके तहत वर्दीधारी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए। पुलिस को स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है।
कश्मीर में मौजूद पंजाब के पर्यटकों की वापसी के प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में मौजूद पंजाब के नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार जम्मू-कश्मीर प्रशासन, स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जिन लोगों को वापसी में सहायता की आवश्यकता है, उनके लिए समन्वित व्यवस्था की जाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यात्रियों को आवश्यकतानुसार पठानकोट मार्ग के माध्यम से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के विकल्पों पर भी कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने आतंकी हमले की निंदा की
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के विरुद्ध किया गया जघन्य अपराध बताया। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों और पर्यटकों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रही हैं और राज्य सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है ताकि पंजाब में शांति और सुरक्षा का वातावरण बना रहे।
सीमावर्ती जिलों में सतर्कता बढ़ी, ड्रोन गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों पर विशेष निगरानी
पंजाब पुलिस जल्द शुरू करेगी एंटी-ड्रोन प्रणाली
बैठक के दौरान पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) ने राज्य में एंटी-ड्रोन प्रणाली को जल्द लागू करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से अवैध गतिविधियों की आशंका को देखते हुए आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसे उपायों पर कार्य कर रही हैं जिनसे सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार नई तकनीक के उपयोग से ड्रोन की पहचान, निगरानी और आवश्यक कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
सीमा सुरक्षा और अवैध तस्करी पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की आवाजाही और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए विभिन्न विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि हाल के समय में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियानों के कारण कई मामलों में उल्लेखनीय कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियां सीमा क्षेत्रों में निगरानी को और मजबूत कर रही हैं।
पंजाब की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए बढ़ाई गई सतर्कता
बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि पंजाब की सीमा पाकिस्तान के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त सावधानी के साथ संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित गश्त, निगरानी और खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि सुरक्षा संबंधी प्रत्येक इनपुट पर समय रहते कार्रवाई करना आवश्यक है ताकि किसी भी संभावित चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
पठानकोट सहित राज्य के उन क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई जहां महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक प्रतिष्ठान स्थित हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाए और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा एजेंसियां केंद्र सरकार और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठा रही हैं।
केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय
पंजाब पुलिस और राज्य प्रशासन केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों तथा पड़ोसी राज्यों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। सुरक्षा संबंधी सूचनाओं का आदान-प्रदान नियमित रूप से किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध सुरक्षा इनपुट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और सभी जिलों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
छह सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पंजाब के छह सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई है तथा सार्वजनिक स्थानों, परिवहन केंद्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगरानी तेज कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय में गुरदासपुर और पठानकोट क्षेत्रों में प्राप्त सुरक्षा सूचनाओं के आधार पर भी तलाशी अभियान संचालित किए गए थे। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा जारी है और सभी संबंधित विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं।




