Punjab में वेरका मिल्क प्लांट के विस्तार को मिली रफ्तार, 135 करोड़ रुपये की परियोजना का मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रखा शिलान्यास
Punjab के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के डेयरी क्षेत्र को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्थानीय वेरका मिल्क प्लांट के विस्तार के लिए 135 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना का उद्देश्य दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ लस्सी, दही, फ्लेवर्ड मिल्क और अन्य डेयरी उत्पादों के उत्पादन का विस्तार करना है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद मिल्कफेड की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही डेयरी किसानों के लिए अधिक दूध की खरीद का मार्ग भी प्रशस्त होगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषि और डेयरी क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन व्यवस्था और नई उत्पादन सुविधाओं से जोड़ने पर लगातार काम कर रही है। उनका कहना था कि पंजाब की अर्थव्यवस्था में डेयरी उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका है और इस क्षेत्र के विस्तार से किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों पर दिया जोर
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में लगातार विकास परियोजनाओं की शुरुआत की जा रही है और विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नई परियोजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा कर लोगों तक उनका लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के विभिन्न हिस्सों में विकास कार्यों की गति तेज हुई है और सरकार उद्योग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास सहित कई क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दे रही है।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस
नई परियोजना के तहत मिल्क प्लांट में आधुनिक मशीनें और प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे लस्सी, दही, फ्लेवर्ड मिल्क और अन्य डेयरी उत्पादों के उत्पादन में वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई क्षमता के कारण बाजार की मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा और वेरका ब्रांड की उपलब्धता अधिक क्षेत्रों तक बढ़ाई जा सकेगी।
इसके अलावा अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से उत्पादन प्रक्रिया को अधिक दक्ष और गुणवत्ता आधारित बनाने की भी योजना है।
वेरका के विस्तार, नए उत्पादों और डेयरी किसानों को लाभ पहुंचाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डेयरी उद्योग को आधुनिक विपणन और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि वेरका ने अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अपने उत्पादों की बिक्री शुरू कर दी है, जिससे देश और विदेश में रहने वाले उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम से उत्पाद खरीद सकेंगे।
सरकार का मानना है कि डिजिटल बिक्री चैनलों के विस्तार से वेरका ब्रांड की पहुंच बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी।
ब्रांड प्रचार के लिए खिलाड़ियों को जोड़े जाने की योजना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के प्रमुख खिलाड़ियों को वेरका का ब्रांड एंबेसडर बनाने की योजना पर भी काम किया जाएगा। उनका कहना था कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले खिलाड़ियों के माध्यम से वेरका के उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा सकेगा।
इस पहल का उद्देश्य पंजाब में तैयार होने वाले डेयरी उत्पादों की पहचान को और मजबूत करना तथा नए बाजारों तक पहुंच बनाना है।
डेयरी किसानों को मिलेगा अधिक लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिल्क प्लांट के विस्तार का सबसे बड़ा लाभ डेयरी किसानों को मिलेगा। उत्पादन क्षमता बढ़ने से अधिक मात्रा में दूध की खरीद संभव होगी, जिससे मिल्क यूनियन अमृतसर से जुड़े किसानों को अपनी उपज बेचने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किसानों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने की दिशा में भी लगातार प्रयास कर रही है। सरकार के अनुसार डेयरी उद्योग का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा करेगा।
मिल्कफेड कर्मचारियों के लिए नए सेवा नियमों की तैयारी
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने मिल्कफेड कर्मचारियों के लिए नए सेवा नियमों का मसौदा तैयार किया है। सरकार के अनुसार इन नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर सेवा शर्तें उपलब्ध कराना और संस्थान में कार्य संस्कृति को और मजबूत बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत नियमित कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों के समान वेतनमान देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन देने की योजना भी तैयार की गई है।
नई भर्ती का भी खुल सकता है रास्ता
मुख्यमंत्री के अनुसार नए सेवा नियम लागू होने के बाद मिल्कफेड में लगभग 1200 नए पदों पर भर्ती की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यदि ऐसा होता है तो संस्थान की कार्य क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं।
हालांकि भर्ती प्रक्रिया संबंधित नियमों, स्वीकृत पदों और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे बढ़ेगी।
रबड़ी और काजू-बादाम दूध सहित नए उत्पाद होंगे शामिल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मिल्कफेड लगातार नए डेयरी उत्पाद बाजार में उतार रहा है। रबड़ी और काजू-बादाम फ्लेवर्ड दूध जैसे नए उत्पादों के जरिए उपभोक्ताओं की बदलती पसंद को ध्यान में रखा जा रहा है।
सरकार का मानना है कि उत्पादों की विविधता बढ़ने से वेरका की बाजार हिस्सेदारी मजबूत होगी और विभिन्न आयु वर्ग के उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलेंगे।
नया मैस्कॉट ‘वीरा’ भी किया गया लॉन्च
इस अवसर पर मिल्कफेड का नया मैस्कॉट ‘वीरा’ को भी लॉन्च किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मैस्कॉट वेरका ब्रांड की पहचान को और मजबूत करने में मदद करेगा तथा उपभोक्ताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाने में भी भूमिका निभाएगा।
ब्रांडिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में मैस्कॉट का उपयोग उपभोक्ताओं के बीच पहचान बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
1973 में हुई थी मिल्कफेड की स्थापना
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में डेयरी क्षेत्र को संगठित रूप से विकसित करने के उद्देश्य से वर्ष 1973 में मिल्कफेड की स्थापना की गई थी। संस्था का प्रमुख उद्देश्य दूध उत्पादकों से दूध की खरीद, उन्हें बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना, तकनीकी सहायता देना और डेयरी उत्पादों की प्रभावी मार्केटिंग सुनिश्चित करना रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मिल्कफेड पंजाब देश के प्रमुख दूध सहकारी संस्थानों में शामिल है और इसका वार्षिक कारोबार 6000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जाता है।
गुणवत्ता सुधार के लिए आधुनिक तकनीक पर निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिल्कफेड दूध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अत्याधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्रों और आधुनिक परीक्षण उपकरणों में निवेश कर रहा है। उद्देश्य यह है कि उत्पादन से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने वाली पूरी आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराना मिल्कफेड की प्राथमिकता है और इसी दिशा में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।
डेयरी किसानों से अधिक दूध उपलब्ध कराने की अपील
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डेयरी किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक मात्रा में दूध वेरका को उपलब्ध कराएं। उनका कहना था कि इससे संस्था की उत्पादन क्षमता और बाजार विस्तार दोनों को मजबूती मिलेगी, वहीं किसानों को भी लाभकारी मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि वेरका देश के विभिन्न राज्यों में अपनी पहुंच बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है और दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) सहित अन्य बाजारों में भी अपने उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य वेरका की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बनाए रखते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का ध्यान विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं पर केंद्रित है, जबकि विपक्षी दल राजनीतिक मुद्दों में व्यस्त हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं पर कार्य कर रही है और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है।




