जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस घटना का प्रभाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यटन उद्योग पर भी इसका व्यापक असर दिखाई देने लगा है। कई राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक, जिन्होंने पहले से जम्मू-कश्मीर घूमने की योजना बनाई थी, अब अपनी यात्रा रद्द कर रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियों, टूर ऑपरेटरों, रेलवे और एयरलाइंस के पास लगातार बुकिंग रद्द कराने के अनुरोध पहुंच रहे हैं।
हर वर्ष अप्रैल से जून के बीच जम्मू-कश्मीर में पर्यटन सीजन अपने चरम पर रहता है। इसी दौरान बड़ी संख्या में देश और विदेश से पर्यटक श्रीनगर, पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने पहुंचते हैं। इस वर्ष भी पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को बेहतर सीजन की उम्मीद थी, लेकिन हालिया आतंकी घटना के बाद स्थिति अचानक बदल गई है।
पर्यटन उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि सुरक्षा को लेकर लोगों के मन में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। कई परिवारों ने फिलहाल यात्रा स्थगित करने या पूरी तरह रद्द करने का फैसला लिया है, जबकि कुछ लोग हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।

देशभर में यात्रा योजनाओं पर पड़ा असर
आतंकी हमले के बाद कई शहरों से जम्मू-कश्मीर जाने वाले पर्यटकों ने अपनी अग्रिम बुकिंग रद्द करानी शुरू कर दी है। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार सबसे अधिक पूछताछ सुरक्षा व्यवस्था, यात्रा सलाह और रद्दीकरण नीति को लेकर की जा रही है। कई यात्री अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को आगे बढ़ाने का निर्णय ले रहे हैं।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी पर्यटन स्थल के लिए पर्यटकों का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। जब किसी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी घटना सामने आती है तो उसका प्रभाव केवल तत्काल यात्रा पर ही नहीं, बल्कि आने वाले कई सप्ताह और महीनों की बुकिंग पर भी दिखाई देता है।
लखनऊ से बड़ी संख्या में टूर पैकेज हुए रद्द
ट्रैवल उद्योग से प्राप्त जानकारी के अनुसार केवल लखनऊ से पिछले 24 घंटों के भीतर 500 से अधिक टूर पैकेज रद्द किए गए हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में यात्रियों ने अपनी बुकिंग निरस्त कराई है। विभिन्न ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि रद्दीकरण के अनुरोध लगातार बढ़ रहे हैं और आगामी दिनों में इनकी संख्या और अधिक हो सकती है।
टूर ऑपरेटरों के अनुसार जिन यात्रियों ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान कश्मीर घूमने की योजना बनाई थी, उनमें से कई लोग अब वैकल्पिक पर्यटन स्थलों की जानकारी ले रहे हैं। कुछ यात्रियों ने यात्रा की तारीख आगे बढ़ाने का विकल्प चुना है, जबकि कई लोगों ने पूरी बुकिंग ही रद्द कर दी है।
राज्यभर में हजारों बुकिंग प्रभावित
पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से लगभग 3,000 टूर पैकेज रद्द किए जा चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है क्योंकि कई यात्रियों ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। ट्रैवल एजेंसियां अपने ग्राहकों से लगातार संपर्क में हैं और उन्हें उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दे रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती है तो आने वाले दिनों में रद्द होने वाले पैकेजों की संख्या 10,000 से अधिक पहुंच सकती है। इससे पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय, स्थानीय परिवहन और अन्य संबंधित सेवाओं पर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
इस वर्ष पर्यटन सीजन से थीं बेहतर उम्मीदें
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस वर्ष जम्मू-कश्मीर के लिए बुकिंग का रुझान पिछले वर्ष की तुलना में अधिक मजबूत दिखाई दे रहा था। मौसम अनुकूल होने और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने पहले से ही अपनी यात्रा की योजना बना ली थी।
कई ट्रैवल कंपनियों ने विशेष पैकेज, समूह यात्राएं और पारिवारिक पर्यटन योजनाएं भी शुरू की थीं। होटल, हाउसबोट, स्थानीय परिवहन सेवाएं और गाइड सेवाओं की अग्रिम बुकिंग में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
ट्रैवल उद्योग ने जताई चिंता
ट्रैवल एंड ट्रांसपोर्ट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पीयूष गुप्ता के अनुसार अगले सप्ताह निर्धारित अधिकांश टूर पैकेज रद्द कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि लगातार यात्रियों के फोन आ रहे हैं और अधिकांश लोग सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा स्थगित करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग कई क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। जब बड़ी संख्या में बुकिंग रद्द होती है तो इसका प्रभाव होटल, टैक्सी सेवा, स्थानीय व्यापार, गाइड, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों पर भी पड़ता है।
रेल और हवाई यात्रा पर भी दिखाई दिया असर, अग्रिम बुकिंग में बढ़ा रद्दीकरण
रेल और फ्लाइट टिकट रद्द कराने वालों की संख्या बढ़ी
टूर पैकेजों के साथ-साथ रेलवे और एयरलाइंस में भी रद्दीकरण बढ़ने लगा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक ही दिन में 260 से अधिक रेल और हवाई टिकट रद्द किए गए। रेलवे तथा एयरलाइंस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों द्वारा लगातार अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव किया जा रहा है।
यात्रा उद्योग के जानकारों का कहना है कि जब किसी पर्यटन क्षेत्र को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ती हैं तो सबसे पहले परिवहन क्षेत्र में इसका प्रभाव दिखाई देता है। टिकट रद्द होने से एयरलाइंस और रेलवे दोनों को संचालन संबंधी समायोजन करने पड़ते हैं।
अग्रिम बुकिंग पर पड़ा असर
जानकारी के अनुसार लखनऊ से जम्मू जाने वाली ट्रेनों और श्रीनगर के लिए संचालित उड़ानों में अगले तीन महीनों के लिए 12,000 से अधिक टिकट पहले ही बुक किए जा चुके थे। हालांकि हालिया घटनाक्रम के बाद कई यात्रियों ने अपनी यात्रा योजनाओं पर पुनर्विचार करना शुरू कर दिया है।
ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि कई लोग अभी टिकट रद्द कराने के बजाय स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यदि सुरक्षा स्थिति में जल्द सुधार नहीं होता है तो रद्दीकरण की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
मई और जून की बुकिंग भी प्रभावित
गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए मई और जून के लिए बड़ी संख्या में टूर पैकेज पहले ही बुक किए जा चुके थे। जानकारी के अनुसार केवल लखनऊ से इन महीनों के लिए 360 टूर पैकेज बुक हुए थे। आतंकी हमले के बाद एक ही दिन में 42 पैकेज रद्द कर दिए गए, जबकि अन्य यात्रियों ने भी अपनी यात्रा स्थगित करने की इच्छा जताई है।
टूर ऑपरेटरों का कहना है कि आगामी दिनों में ग्राहकों के अंतिम निर्णय के आधार पर रद्दीकरण का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक थी मांग
पर्यटन उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष लखनऊ से लगभग 5,000 पर्यटक जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे, जबकि पूरे उत्तर प्रदेश से लगभग 50,000 लोगों ने कश्मीर की यात्रा की थी। इस वर्ष बेहतर पर्यटन माहौल और बढ़ती मांग को देखते हुए लखनऊ से लगभग 10,000 तथा पूरे प्रदेश से करीब एक लाख टूर पैकेज बुक होने का अनुमान लगाया जा रहा था।
हालांकि पहलगाम की घटना के बाद यह रुझान प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में पर्यटक फिलहाल अपनी यात्रा योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। ट्रैवल एजेंसियां यात्रियों को उपलब्ध विकल्पों, रद्दीकरण नियमों और भविष्य की यात्रा योजनाओं के संबंध में लगातार जानकारी उपलब्ध करा रही हैं।
पर्यटन उद्योग हालात पर बनाए हुए है नजर
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठन, होटल संचालक, एयरलाइंस, रेलवे और ट्रैवल कंपनियां वर्तमान स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि यात्रियों का विश्वास बहाल होना पर्यटन गतिविधियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक है। फिलहाल अधिकांश ट्रैवल एजेंसियां ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुसार बुकिंग में बदलाव, यात्रा स्थगित करने और रद्दीकरण से संबंधित सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी आधिकारिक जानकारी के आधार पर कई यात्री आगे की यात्रा योजनाओं पर निर्णय ले रहे हैं। पर्यटन उद्योग को उम्मीद है कि परिस्थितियां सामान्य होने के बाद यात्रा गतिविधियां धीरे-धीरे फिर से गति पकड़ेंगी और पर्यटकों का भरोसा दोबारा मजबूत होगा।



