सऊदी से लौटे PM मोदी ने एयरपोर्ट पर ही बैठक की; हमले के बाद चप्पे-चप्पे पर जवान।

सऊदी से लौटे PM मोदी ने एयरपोर्ट पर ही बैठक की; हमले के बाद चप्पे-चप्पे पर जवान।

पहलगाम आतंकी हमला: बैसरन घाटी में पर्यटकों पर फायरिंग, 27 लोगों की मौत, देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम की बैसरन घाटी में मंगलवार दोपहर हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। पर्यटकों से गुलजार रहने वाली इस घाटी में अचानक हुई अंधाधुंध फायरिंग में 27 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए। यह हमला दोपहर करीब 2:45 बजे उस समय हुआ, जब बड़ी संख्या में पर्यटक प्राकृतिक वादियों का आनंद ले रहे थे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमले के तुरंत बाद आतंकवादी जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया। प्रशासन ने घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया, जबकि मृतकों की पहचान और उनके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।

इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर सहित देश के कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों, प्रमुख पर्यटन स्थलों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

आतंकी संगठन TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की जांच कर रही हैं और हमले की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए विभिन्न स्तरों पर जांच जारी है।

खुफिया सूत्रों के अनुसार हमले में चार आतंकवादियों के शामिल होने की आशंका जताई गई है, जिनमें दो विदेशी और दो स्थानीय आतंकवादी बताए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां इनके संभावित नेटवर्क, आवाजाही और सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं।

बैसरन घाटी में पर्यटकों को बनाया गया निशाना

बैसरन घाटी पहलगाम के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। घटना के समय भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इलाके में चिकित्सा दलों और आपातकालीन सेवाओं को भी तत्काल सक्रिय किया गया।

हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी

जांच एजेंसियां इस हमले के पीछे की पूरी साजिश, आतंकियों के प्रवेश मार्ग, स्थानीय सहयोग और हमले की पूर्व योजना की जांच कर रही हैं। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है तथा तकनीकी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य हमले में शामिल सभी आतंकवादियों और उनके नेटवर्क की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करना है।

घुसपैठ की कोशिश नाकाम, उरी सेक्टर में दो आतंकी ढेर

इसी बीच भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) के उरी सेक्टर में घुसपैठ की एक कोशिश को भी विफल कर दिया। सेना के अनुसार मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। सुरक्षा बलों द्वारा पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी रखा गया ताकि किसी अन्य संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और सेना लगातार संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है।

देशभर में हाई अलर्ट, केंद्र सरकार सक्रिय; पर्यटकों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ाई गई निगरानी

कई राज्यों के नागरिक हमले में प्रभावित

प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इस हमले में उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटकों की मृत्यु हुई है। इसके अलावा नेपाल और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक-एक नागरिक तथा दो स्थानीय लोगों के भी जान गंवाने की सूचना सामने आई है।

राज्य सरकारें अपने-अपने नागरिकों के परिवारों से संपर्क बनाए हुए हैं तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही हैं।

हमले के बाद पूरे देश में बढ़ाई गई सुरक्षा

घटना के बाद कई राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और हवाई अड्डों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियां केंद्रीय स्तर पर भी लगातार समन्वय बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती का समय रहते सामना किया जा सके।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की समीक्षा

हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचे और मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की तथा घटनास्थल और राहत कार्यों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों को जांच में तेजी लाने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

केंद्र सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लौटकर बुलाई सुरक्षा बैठक

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना विदेश दौरा बीच में छोड़कर भारत लौटे। उनके लौटने के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक बुलाई गई, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा, जम्मू-कश्मीर की स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली गई तथा भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।

पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला

विश्लेषकों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2019 के पुलवामा हमले के बाद यह सबसे गंभीर आतंकी घटनाओं में से एक मानी जा रही है। पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए थे। उसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया गया था, लेकिन पहलगाम की यह घटना एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

भारतीय सेना को देखकर घबराए पर्यटक

हमले के बाद जब भारतीय सेना के जवान बैसरन घाटी पहुंचे तो वहां मौजूद कई पर्यटक शुरुआत में उन्हें भी आतंकवादी समझ बैठे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर भी वर्दी जैसे कपड़ों में थे, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। महिलाएं और बच्चे भयभीत होकर हाथ जोड़ने लगे और सहायता की गुहार लगाने लगे।

इसके बाद भारतीय सेना के जवानों ने स्वयं को भारतीय सेना का हिस्सा बताते हुए लोगों को शांत कराया और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया। जवानों ने पर्यटकों को भरोसा दिलाया कि वे उनकी सुरक्षा के लिए पहुंचे हैं। इस दौरान राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी रहा और घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। घटना के बाद सामने आए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से साझा किए गए, जिनमें राहत अभियान और सुरक्षा बलों की कार्रवाई दिखाई दे रही है।

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