बांग्लादेश में 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव में मुकाबला, BNP के मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने दर्ज की जीत

बांग्लादेश की राजनीति में लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रपति चुनाव एक बार फिर मुकाबले वाला रहा। संसद में हुए मतदान में सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने विपक्षी गठबंधन के प्रत्याशी कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को हराकर राष्ट्रपति पद अपने नाम कर लिया। फखरुल को 255 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि ओली अहमद के पक्ष में 88 वोट पड़े। राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम सामने आने के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को लाल गुलाब भेंट कर शुभकामनाएं दीं। इसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर अभिवादन किया। चुनाव परिणाम के…

भारत दौरे पर जल्द आ सकते हैं बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान, भारतीय उच्चायुक्त ने जताई उम्मीद

बांग्लादेश और भारत के रिश्तों को लेकर एक बार फिर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। ढाका में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान निकट भविष्य में भारत की यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों और चुनौतियों का समाधान बातचीत तथा उच्चस्तरीय संवाद के जरिए निकाला जा सकता है। भारतीय उच्चायुक्त के इस बयान को दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों में सुधार की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है। दिनेश त्रिवेदी ने यह बात रविवार रात ढाका के बारिधारा इलाके में आयोजित एक…

35 साल बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति चुनाव में सीधा मुकाबला, BNP के फखरुल के सामने जमात गठबंधन के ओली अहमद

बांग्लादेश की राजनीति में करीब साढ़े तीन दशक बाद राष्ट्रपति पद के चुनाव में मुकाबला देखने को मिलेगा। 20 अगस्त को होने वाले इस चुनाव में पहली बार लंबे अंतराल के बाद दो उम्मीदवार आमने-सामने हैं। सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपने महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी खेमे से जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष और पूर्व सैन्य अधिकारी कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को मैदान में उतारा है। हालांकि चुनाव में दो प्रत्याशियों के होने से मुकाबला दिलचस्प नजर आ रहा है, लेकिन फखरुल की जीत की…

मोदी-तारिक रहमान की मुलाकात से सुधरेंगे भारत-बांग्लादेश रिश्ते? हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने जताई बातचीत से समाधान की उम्मीद

भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय से चल रही तल्खी के बीच दोनों देशों के रिश्तों को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने उम्मीद जताई है कि आपसी बातचीत के जरिए दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को दूर किया जा सकता है। उनका कहना है कि भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच रिश्ते ऐतिहासिक होने के साथ-साथ बेहद गहरे हैं और बातचीत का रास्ता खुला रहने पर किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। दिनेश त्रिवेदी ने यह बात रविवार को ढाका के जमुना…

बांग्लादेश के राष्ट्रपति का इस्तीफा, बोले- बीमारी के कारण जिम्मेदारी निभाना अब संभव नहीं

बांग्लादेश की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंप दिया। राष्ट्रपति ने अपने त्यागपत्र में साफ कहा कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अब वह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम नहीं हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे को केवल स्वास्थ्य से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। पिछले कुछ सप्ताह से शेख हसीना से कथित संपर्क और देश के बदलते राजनीतिक माहौल को लेकर भी उन पर लगातार दबाव बढ़ रहा…

शेख हसीना का बड़ा ऐलान- दिसंबर में लौटेंगी बांग्लादेश, अदालत में करेंगी आत्मसमर्पण

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संकेत दिया है कि वह इस साल दिसंबर में भारत से अपने देश लौटने का इरादा रखती हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश पहुंचने के बाद वह अदालत के समक्ष स्वयं आत्मसमर्पण करेंगी। उनका कहना है कि यदि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़े या जान का खतरा भी हो, तब भी वह अपने देश लौटने के फैसले से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उनकी अंतिम इच्छा अपनी मातृभूमि की धरती पर जीवन समाप्त होने की है। एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में शेख हसीना ने बताया…

बांग्लादेश में NCP की ‘जुलाई मार्च’ रैली में विस्फोट, चार घायल; नाहिद इस्लाम ने प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल

बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। राजधानी ढाका के नजदीक सावर इलाके में सोमवार शाम नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) की ओर से निकाली जा रही ‘जुलाई मार्च’ रैली के दौरान अचानक हुए विस्फोट ने पूरे कार्यक्रम को विवादों के केंद्र में ला दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस धमाके में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद पार्टी नेताओं ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह विफल बताया। यह रैली 2024 में हुए छात्र आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की गई…