करवा चौथ पर इन 5 चीजों को घर लाना माना जाता है शुभ, सुख-समृद्धि और खुशहाली से जुड़ी हैं ये मान्यताएं

करवा चौथ का पर्व भारतीय परंपरा में प्रेम, विश्वास और वैवाहिक रिश्ते की मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में सुख बनाए रखने की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। त्योहार नजदीक आते ही घरों में तैयारियां शुरू हो जाती हैं। बाजारों में पूजा सामग्री, रंग-बिरंगी चूड़ियों, मेहंदी, साड़ियों, चुनरी और मिठाइयों की खरीदारी भी बढ़ जाती है। हालांकि, करवा चौथ पर खरीदारी का संबंध केवल त्योहार की तैयारियों से ही नहीं, बल्कि कई धार्मिक परंपराओं और शुभ-अशुभ की मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है।…

कार्तिक मास 2026: करवा चौथ से गुरु नानक जयंती तक, जानें कब मनाए जाएंगे बड़े त्योहार

हिंदू पंचांग में कार्तिक मास को पूजा-पाठ, व्रत, स्नान और दान के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि में कई ऐसे पर्व आते हैं, जिनका धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी विशेष स्थान है। दीपावली की रौनक, गोवर्धन पूजा की परंपरा, छठ महापर्व में सूर्य उपासना और देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह जैसे आयोजन इस महीने को खास बनाते हैं। साल 2026 में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के अंतिम दिनों तक कई प्रमुख व्रत और त्योहार पड़ने की जानकारी दी गई है। ऐसे में अगर आप पहले से पूजा की तैयारी करना…

शरद पूर्णिमा पर कब करें लक्ष्मी पूजन और खीर का भोग? जानें 2026 की तारीख, शुभ समय और धार्मिक मान्यताएं

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इन्हीं महत्वपूर्ण तिथियों में शरद पूर्णिमा भी शामिल है, जिसे लेकर हर साल श्रद्धालुओं के मन में व्रत, पूजा और चंद्रमा की आराधना से जुड़े कई सवाल रहते हैं। वर्ष 2026 में भी शरद पूर्णिमा की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस है कि यह पर्व 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा या 26 अक्टूबर को। इस दिन चंद्रदेव की पूजा करने, रात में खीर बनाकर चांदनी में रखने और अगले दिन प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा प्रचलित है। इसके अलावा भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना तथा…

Dussehra 2026: कब और किस मुहूर्त में होगा रावण दहन? जानें शस्त्र पूजा का शुभ समय, पूजन विधि और विजयादशमी की मान्यताएं

दशहरा यानी विजयादशमी हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में गिना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई, अन्याय पर न्याय और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देता है। इस दिन भगवान श्रीराम की लंकापति रावण पर विजय और देवी दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध की स्मृति में धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। उत्तर भारत के अनेक शहरों में रामलीला के समापन के बाद रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। वहीं, कई परिवारों और संस्थानों में शस्त्र पूजा, वाहन पूजन तथा अपने कामकाज में इस्तेमाल होने वाले औजारों की पूजा करने की परंपरा…

नवरात्रि अष्टमी पर मां महागौरी की आराधना: सफेद वस्त्र पहनकर करें पूजा, नारियल के भोग का है विशेष महत्व

नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी अपने भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इस दिन मंदिरों और घरों में विशेष पूजा की जाती है। कई श्रद्धालु अष्टमी के अवसर पर व्रत रखते हैं, मां के मंत्रों का जाप करते हैं और विधि-विधान से पूजा करके परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। मां महागौरी को सफेद रंग प्रिय माना जाता है। यही वजह है कि अष्टमी की पूजा में सफेद या हल्के रंग के वस्त्र पहनने की परंपरा प्रचलित है।…

आश्विन मास में त्योहारों की लंबी श्रृंखला, नवरात्रि-दशहरा से लेकर शरद पूर्णिमा तक जानें पूरी तारीखें

हिंदू पंचांग में आश्विन मास का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस महीने में पितरों के लिए किए जाने वाले श्राद्ध कर्म से लेकर देवी आराधना, नवरात्रि, दशहरा और शरद पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्व आते हैं। वर्ष 2026 में आश्विन मास का समापन 26 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा के साथ होगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ेंगे। हालांकि इस बार कुछ पर्वों की तारीख को लेकर पंचांगों में अंतर दिखाई दे रहा है। खास तौर पर दुर्गा नवमी और विजयादशमी को लेकर अलग-अलग पंचांगों में अलग तारीखें बताई गई हैं। ऐसे में श्रद्धालु अपने क्षेत्र में प्रचलित…

सर्वपितृ अमावस्या 2026: जिन पितरों की मृत्यु तिथि नहीं मालूम, उनका श्राद्ध कब होगा? जानें तारीख और पूरा मुहूर्त

पितृ पक्ष के दौरान हिंदू धर्म में पूर्वजों को याद करने और उनके निमित्त श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान तथा दान करने की परंपरा रही है। पितृ पक्ष की अलग-अलग तिथियों पर परिवार के दिवंगत सदस्यों के लिए श्राद्ध कर्म किए जाते हैं, लेकिन इस पूरे पक्ष में एक ऐसी तिथि भी आती है, जिसे सभी पितरों से जोड़कर देखा जाता है। इसे सर्व पितृ अमावस्या कहा जाता है। यह पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है और इसी के साथ पितृ पक्ष का समापन भी हो जाता है। खास बात यह है कि अगर किसी व्यक्ति को अपने किसी पूर्वज की…

पितृ पक्ष से पहले कब है भाद्रपद पूर्णिमा? 26 सितंबर को रहेगा पर्व, जानें लक्ष्मी पूजा, चंद्र अर्घ्य और श्राद्ध का समय

सितंबर महीने के आखिरी दिनों में हिंदू धर्म के लिहाज से कई महत्वपूर्ण तिथियां पड़ रही हैं। इनमें भाद्रपद पूर्णिमा का विशेष स्थान है। यह पूर्णिमा इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसके तुरंत बाद पितृ पक्ष का आरंभ होने जा रहा है। पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा, स्नान-दान, माता लक्ष्मी की आराधना और चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। वहीं जिन लोगों के परिवार में किसी पूर्वज का निधन पूर्णिमा तिथि को हुआ है, उनके लिए इसी दिन श्राद्ध कर्म किया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 25 सितंबर की रात में शुरू हो…

7 दिन बाद आज विदा होंगे गणपति बप्पा, जानें विसर्जन की सही विधि, शुभ समय और जरूरी नियम

गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुआ गणपति उत्सव अब विसर्जन के चरण में पहुंच गया है। जिन श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमा अपने घर में सात दिनों के लिए स्थापित की थी, वे 20 सितंबर 2026, रविवार को बप्पा को विदाई देंगे। धार्मिक परंपरा के अनुसार गणेश जी की पूजा-अर्चना पूरी होने के बाद विधि-विधान से उनका विसर्जन किया जाता है। मान्यता है कि विसर्जन के साथ गणपति अपने धाम लौटते हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि तथा मंगल का आशीर्वाद देते हैं। गणेश उत्सव भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी से आरंभ होता है। हालांकि आमतौर पर यह पर्व…

गणपति विसर्जन में कौन-सी बातें जरूरी हैं? बप्पा को विदा करने से पहले जान लें ये धार्मिक मान्यताएं

गणेश उत्सव के दौरान घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित किए गए गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना के बाद अब धीरे-धीरे विसर्जन का समय भी आने वाला है। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला यह पर्व भक्तों के लिए आस्था और भक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई गई है, जबकि गणेश उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। हालांकि, कई भक्त अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या अन्य निर्धारित अवधि के बाद भी गणपति…

गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा की स्थापना से पहले जान लें ये वास्तु नियम, सही सजावट से बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा

गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन घरों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। गणेश उत्सव के दौरान सिर्फ पूजा की तैयारियां ही नहीं होतीं, बल्कि लोग अपने घरों को भी आकर्षक तरीके से सजाते हैं। कहीं फूलों की लड़ियां लगाई जाती हैं तो कहीं रंगोली, तोरण और तरह-तरह की सजावटी वस्तुओं से घर को नया रूप दिया जाता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के साथ वास्तु के नजरिए से भी गणपति स्थापना और घर की सजावट को महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर…

जन्माष्टमी के बाद राधा रानी की आराधना क्यों है खास? जानिए राधा अष्टमी का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम को भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक प्रेम का सबसे सुंदर प्रतीक माना जाता है। श्रीकृष्ण की उपासना करने वाले भक्तों के लिए जिस तरह जन्माष्टमी का पर्व महत्वपूर्ण होता है, उसी तरह राधा अष्टमी का भी विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि राधा रानी के बिना श्रीकृष्ण की भक्ति पूर्ण नहीं मानी जाती। इसी कारण जन्माष्टमी के कुछ समय बाद आने वाला राधा अष्टमी का पर्व भक्तों के लिए विशेष अवसर बन जाता है। हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी मनाई…

भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत 8 सितंबर को या 9 को? जानें सही तारीख, पूजा का समय और भौम प्रदोष का महत्व

हिंदू धर्म में भगवान शिव की उपासना के लिए प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। प्रत्येक महीने में दो बार प्रदोष व्रत आता है। यह व्रत कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। हालांकि, प्रदोष व्रत की तारीख तय करने में केवल त्रयोदशी तिथि देखना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि प्रदोष काल के समय कौन सी तिथि चल रही है। इसी वजह से इस बार भाद्रपद महीने के पहले प्रदोष व्रत की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बन रही है। कई लोगों के मन…

रक्षा पंचमी आज: रक्षाबंधन से है खास संबंध, जानिए क्यों इस दिन बांधा जाता है रक्षासूत्र

रक्षाबंधन को भाई-बहन के रिश्ते और आपसी स्नेह से जुड़ा प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके स्वस्थ, सुखी तथा दीर्घायु जीवन की कामना करती है। बदले में भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। हालांकि, धार्मिक परंपराओं में रक्षा सूत्र और सुरक्षा की भावना से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण दिन भी आता है, जिसे रक्षा पंचमी कहा जाता है। आज यानी 1 सितंबर, मंगलवार को रक्षा पंचमी मनाई जा रही है। खास तौर पर ओडिशा में इस पर्व का…

कजरी तीज 2026: सुहाग की लंबी उम्र और मनचाहे वर की कामना से जुड़ा व्रत, जानें पूजा, मुहूर्त और पौराणिक कथा

हिंदू धर्म में तीज पर्वों का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इन्हीं में से एक प्रमुख पर्व कजरी तीज है, जिसे कई स्थानों पर सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं अविवाहित युवतियां भी अच्छे और मनपसंद जीवनसाथी की कामना के लिए यह व्रत करती हैं। पंचांग के अनुसार, 31 अगस्त 2026, सोमवार को कजरी तीज का व्रत रखा जा रहा है। इस अवसर पर भगवान शिव…

रक्षाबंधन पर इस शुभ समय में बांधें भाई को राखी, सुख-समृद्धि और लंबी उम्र से जुड़ी हैं ये मान्यताएं

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुखी, स्वस्थ व सफल जीवन की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। यही वजह है कि राखी बांधने की रस्म को केवल परंपरा नहीं, बल्कि भावनात्मक और धार्मिक महत्व से भी जोड़कर देखा जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को उचित समय पर करने की परंपरा रही है। इसी कारण…

रक्षाबंधन पर सुबह 9:48 के बाद भी राखी बांध सकते हैं? जानें राहुकाल और यमगंड को लेकर क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुखी, स्वस्थ व सफल जीवन की कामना करती हैं। भाई भी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का वचन देते हैं। यही वजह है कि रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के समय को लेकर लोगों के मन में खास उत्सुकता रहती है। साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस बार श्रावण पूर्णिमा तिथि को लेकर एक खास स्थिति बन…

सावन के आखिरी सोमवार पर इस विधि से करें महादेव की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और खास उपाय

सावन का पवित्र महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार मनाया जा रहा है। भगवान शिव को समर्पित इस दिन देशभर में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर महादेव का आशीर्वाद लेते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की भक्ति करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता आती है। आखिरी सोमवार उन भक्तों के लिए भी विशेष माना जाता है, जो पूरे सावन शिव की आराधना नहीं कर पाए। ऐसे में इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा, अभिषेक, मंत्र जाप…

रक्षाबंधन पर राखी बांधने से पहले ऐसे करें पूजा, जानें शुभ समय और पूरी विधि

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, भरोसे और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके स्वस्थ, सुखी एवं सफल जीवन की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। हिंदू धर्म में इस पर्व को केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि इसके साथ पूजा-पाठ और शुभ संकल्प का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि रक्षाबंधन के दिन सही समय देखकर पूजा की जाए और पारंपरिक…

रक्षाबंधन 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा, 27 तारीख को नहीं: भद्रा की वजह से बदली तारीख, चंद्र ग्रहण से भी नहीं होगा कोई असर

रक्षाबंधन को लेकर इस बार लोगों के बीच तारीख को लेकर काफी असमंजस बना हुआ है। कई लोग 27 अगस्त को राखी मनाने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ पंचांगों में 28 अगस्त को रक्षाबंधन की तारीख बताई जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। ऐसे में दोनों तारीखों पर पूर्णिमा तिथि पड़ने से लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी किस दिन बांधें? इस उलझन को और बढ़ाने वाली बात यह…