गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा की स्थापना से पहले जान लें ये वास्तु नियम, सही सजावट से बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा

गणेश चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन घरों में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। गणेश उत्सव के दौरान सिर्फ पूजा की तैयारियां ही नहीं होतीं, बल्कि लोग अपने घरों को भी आकर्षक तरीके से सजाते हैं। कहीं फूलों की लड़ियां लगाई जाती हैं तो कहीं रंगोली, तोरण और तरह-तरह की सजावटी वस्तुओं से घर को नया रूप दिया जाता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के साथ वास्तु के नजरिए से भी गणपति स्थापना और घर की सजावट को महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर…

जन्माष्टमी के बाद राधा रानी की आराधना क्यों है खास? जानिए राधा अष्टमी का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम को भक्ति, समर्पण और आध्यात्मिक प्रेम का सबसे सुंदर प्रतीक माना जाता है। श्रीकृष्ण की उपासना करने वाले भक्तों के लिए जिस तरह जन्माष्टमी का पर्व महत्वपूर्ण होता है, उसी तरह राधा अष्टमी का भी विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि राधा रानी के बिना श्रीकृष्ण की भक्ति पूर्ण नहीं मानी जाती। इसी कारण जन्माष्टमी के कुछ समय बाद आने वाला राधा अष्टमी का पर्व भक्तों के लिए विशेष अवसर बन जाता है। हर वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी मनाई…

भाद्रपद का पहला प्रदोष व्रत 8 सितंबर को या 9 को? जानें सही तारीख, पूजा का समय और भौम प्रदोष का महत्व

हिंदू धर्म में भगवान शिव की उपासना के लिए प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। प्रत्येक महीने में दो बार प्रदोष व्रत आता है। यह व्रत कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। हालांकि, प्रदोष व्रत की तारीख तय करने में केवल त्रयोदशी तिथि देखना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि यह भी देखा जाता है कि प्रदोष काल के समय कौन सी तिथि चल रही है। इसी वजह से इस बार भाद्रपद महीने के पहले प्रदोष व्रत की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बन रही है। कई लोगों के मन…

रक्षा पंचमी आज: रक्षाबंधन से है खास संबंध, जानिए क्यों इस दिन बांधा जाता है रक्षासूत्र

रक्षाबंधन को भाई-बहन के रिश्ते और आपसी स्नेह से जुड़ा प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके स्वस्थ, सुखी तथा दीर्घायु जीवन की कामना करती है। बदले में भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। हालांकि, धार्मिक परंपराओं में रक्षा सूत्र और सुरक्षा की भावना से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण दिन भी आता है, जिसे रक्षा पंचमी कहा जाता है। आज यानी 1 सितंबर, मंगलवार को रक्षा पंचमी मनाई जा रही है। खास तौर पर ओडिशा में इस पर्व का…

कजरी तीज 2026: सुहाग की लंबी उम्र और मनचाहे वर की कामना से जुड़ा व्रत, जानें पूजा, मुहूर्त और पौराणिक कथा

हिंदू धर्म में तीज पर्वों का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इन्हीं में से एक प्रमुख पर्व कजरी तीज है, जिसे कई स्थानों पर सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं अविवाहित युवतियां भी अच्छे और मनपसंद जीवनसाथी की कामना के लिए यह व्रत करती हैं। पंचांग के अनुसार, 31 अगस्त 2026, सोमवार को कजरी तीज का व्रत रखा जा रहा है। इस अवसर पर भगवान शिव…

रक्षाबंधन पर इस शुभ समय में बांधें भाई को राखी, सुख-समृद्धि और लंबी उम्र से जुड़ी हैं ये मान्यताएं

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुखी, स्वस्थ व सफल जीवन की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। यही वजह है कि राखी बांधने की रस्म को केवल परंपरा नहीं, बल्कि भावनात्मक और धार्मिक महत्व से भी जोड़कर देखा जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को उचित समय पर करने की परंपरा रही है। इसी कारण…

रक्षाबंधन पर सुबह 9:48 के बाद भी राखी बांध सकते हैं? जानें राहुकाल और यमगंड को लेकर क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुखी, स्वस्थ व सफल जीवन की कामना करती हैं। भाई भी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का वचन देते हैं। यही वजह है कि रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के समय को लेकर लोगों के मन में खास उत्सुकता रहती है। साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस बार श्रावण पूर्णिमा तिथि को लेकर एक खास स्थिति बन…

सावन के आखिरी सोमवार पर इस विधि से करें महादेव की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और खास उपाय

सावन का पवित्र महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार मनाया जा रहा है। भगवान शिव को समर्पित इस दिन देशभर में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर महादेव का आशीर्वाद लेते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की भक्ति करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता आती है। आखिरी सोमवार उन भक्तों के लिए भी विशेष माना जाता है, जो पूरे सावन शिव की आराधना नहीं कर पाए। ऐसे में इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा, अभिषेक, मंत्र जाप…

रक्षाबंधन पर राखी बांधने से पहले ऐसे करें पूजा, जानें शुभ समय और पूरी विधि

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, भरोसे और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके स्वस्थ, सुखी एवं सफल जीवन की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। हिंदू धर्म में इस पर्व को केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि इसके साथ पूजा-पाठ और शुभ संकल्प का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि रक्षाबंधन के दिन सही समय देखकर पूजा की जाए और पारंपरिक…

रक्षाबंधन 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा, 27 तारीख को नहीं: भद्रा की वजह से बदली तारीख, चंद्र ग्रहण से भी नहीं होगा कोई असर

रक्षाबंधन को लेकर इस बार लोगों के बीच तारीख को लेकर काफी असमंजस बना हुआ है। कई लोग 27 अगस्त को राखी मनाने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ पंचांगों में 28 अगस्त को रक्षाबंधन की तारीख बताई जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। ऐसे में दोनों तारीखों पर पूर्णिमा तिथि पड़ने से लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी किस दिन बांधें? इस उलझन को और बढ़ाने वाली बात यह…

कामिका एकादशी 9 अगस्त को: रविवार के दिन बन रहा शिव-विष्णु-सूर्य पूजा का संयोग, जानें व्रत, पूजा और दान का महत्व

सावन के पवित्र महीने में आने वाली एकादशी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। इस बार सावन की पहली एकादशी 9 अगस्त, रविवार को पड़ रही है। इसे कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी गई है और इस दिन व्रत, पूजा, मंत्र जाप तथा दान-पुण्य करने की परंपरा है। इस बार कामिका एकादशी रविवार को होने के कारण दिन का महत्व और बढ़ गया है। सावन के कारण भगवान शिव की आराधना का महत्व पहले से ही रहता है, जबकि एकादशी भगवान विष्णु की पूजा…

जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत-पर्व: सावन से पहले आएंगे देवशयनी एकादशी, चातुर्मास और गुरु पूर्णिमा जैसे बड़े धार्मिक अवसर

साल 2026 का जुलाई महीना धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस महीने में हिंदू पंचांग के अनुसार कई बड़े व्रत और पर्व मनाए जाएंगे। आषाढ़ मास के अंतिम दिनों से लेकर सावन की शुरुआत तक कई शुभ तिथियां आएंगी, जिनमें भगवान विष्णु, भगवान शिव, भगवान गणेश और देवी शक्ति की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। जुलाई में जहां एक ओर देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास की शुरुआत होगी, वहीं महीने के अंत में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इसके अगले ही दिन सावन मास का शुभारंभ हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूरा…

सोमवती अमावस्या पर बना दुर्लभ योग, पितरों की कृपा और पुण्य फल प्राप्ति के लिए आज का दिन माना जा रहा है विशेष

सनातन परंपरा में अमावस्या तिथि को पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और दान-पुण्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह तिथि पितृ तृप्ति, आध्यात्मिक साधना और शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है। इस वर्ष सोमवती अमावस्या का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस अवसर पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ और सिद्धिदायक योग माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ संयोग में किए गए जप, तप,…

Parshuram Jayanti 2026: शौर्य और ज्ञान के प्रतीक भगवान परशुराम के जीवन के अनसुने तथ्य

परशुराम जयंती 2026: भगवान विष्णु के छठे अवतार के जीवन से जुड़े 10 अद्भुत तथ्य हिंदू धर्म में वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी शुभ दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। वर्ष 2026 में परशुराम जयंती का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके जीवन, विचारों तथा आदर्शों को याद करते हैं। भगवान परशुराम को भारतीय धार्मिक परंपरा में एक अद्वितीय व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है। वे ऐसे दिव्य पुरुष माने जाते…

Shardiya Navratri 2025 का पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना का महत्व और शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख और पवित्र पर्वों में से एक है। यह पर्व मां दुर्गा और उनके नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में श्रद्धालु देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और घरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान आयोजित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना करने से भक्तों को शक्ति, साहस और मानसिक शांति प्राप्त होती है। वर्ष 2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर, सोमवार से होने की जानकारी दी गई है।…