सावन के आखिरी सोमवार पर इस विधि से करें महादेव की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और खास उपाय

सावन का पवित्र महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार मनाया जा रहा है। भगवान शिव को समर्पित इस दिन देशभर में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर महादेव का आशीर्वाद लेते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की भक्ति करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता आती है। आखिरी सोमवार उन भक्तों के लिए भी विशेष माना जाता है, जो पूरे सावन शिव की आराधना नहीं कर पाए। ऐसे में इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा, अभिषेक, मंत्र जाप…

रक्षाबंधन पर राखी बांधने से पहले ऐसे करें पूजा, जानें शुभ समय और पूरी विधि

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, भरोसे और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके स्वस्थ, सुखी एवं सफल जीवन की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। हिंदू धर्म में इस पर्व को केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि इसके साथ पूजा-पाठ और शुभ संकल्प का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि रक्षाबंधन के दिन सही समय देखकर पूजा की जाए और पारंपरिक…

रक्षाबंधन 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा, 27 तारीख को नहीं: भद्रा की वजह से बदली तारीख, चंद्र ग्रहण से भी नहीं होगा कोई असर

रक्षाबंधन को लेकर इस बार लोगों के बीच तारीख को लेकर काफी असमंजस बना हुआ है। कई लोग 27 अगस्त को राखी मनाने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ पंचांगों में 28 अगस्त को रक्षाबंधन की तारीख बताई जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। ऐसे में दोनों तारीखों पर पूर्णिमा तिथि पड़ने से लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी किस दिन बांधें? इस उलझन को और बढ़ाने वाली बात यह…

कामिका एकादशी 9 अगस्त को: रविवार के दिन बन रहा शिव-विष्णु-सूर्य पूजा का संयोग, जानें व्रत, पूजा और दान का महत्व

सावन के पवित्र महीने में आने वाली एकादशी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व माना जाता है। इस बार सावन की पहली एकादशी 9 अगस्त, रविवार को पड़ रही है। इसे कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी गई है और इस दिन व्रत, पूजा, मंत्र जाप तथा दान-पुण्य करने की परंपरा है। इस बार कामिका एकादशी रविवार को होने के कारण दिन का महत्व और बढ़ गया है। सावन के कारण भगवान शिव की आराधना का महत्व पहले से ही रहता है, जबकि एकादशी भगवान विष्णु की पूजा…

जुलाई 2026 के प्रमुख व्रत-पर्व: सावन से पहले आएंगे देवशयनी एकादशी, चातुर्मास और गुरु पूर्णिमा जैसे बड़े धार्मिक अवसर

साल 2026 का जुलाई महीना धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस महीने में हिंदू पंचांग के अनुसार कई बड़े व्रत और पर्व मनाए जाएंगे। आषाढ़ मास के अंतिम दिनों से लेकर सावन की शुरुआत तक कई शुभ तिथियां आएंगी, जिनमें भगवान विष्णु, भगवान शिव, भगवान गणेश और देवी शक्ति की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। जुलाई में जहां एक ओर देवशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास की शुरुआत होगी, वहीं महीने के अंत में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इसके अगले ही दिन सावन मास का शुभारंभ हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पूरा…

सोमवती अमावस्या पर बना दुर्लभ योग, पितरों की कृपा और पुण्य फल प्राप्ति के लिए आज का दिन माना जा रहा है विशेष

सनातन परंपरा में अमावस्या तिथि को पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और दान-पुण्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह तिथि पितृ तृप्ति, आध्यात्मिक साधना और शुभ कार्यों के लिए विशेष फलदायी मानी जाती है। इस वर्ष सोमवती अमावस्या का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस अवसर पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ और सिद्धिदायक योग माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ संयोग में किए गए जप, तप,…

Parshuram Jayanti 2026: शौर्य और ज्ञान के प्रतीक भगवान परशुराम के जीवन के अनसुने तथ्य

परशुराम जयंती 2026: भगवान विष्णु के छठे अवतार के जीवन से जुड़े 10 अद्भुत तथ्य हिंदू धर्म में वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इसी शुभ दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। वर्ष 2026 में परशुराम जयंती का पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके जीवन, विचारों तथा आदर्शों को याद करते हैं। भगवान परशुराम को भारतीय धार्मिक परंपरा में एक अद्वितीय व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है। वे ऐसे दिव्य पुरुष माने जाते…

Shardiya Navratri 2025 का पहला दिन: मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना का महत्व और शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख और पवित्र पर्वों में से एक है। यह पर्व मां दुर्गा और उनके नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में श्रद्धालु देवी के अलग-अलग रूपों की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और घरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान आयोजित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की उपासना करने से भक्तों को शक्ति, साहस और मानसिक शांति प्राप्त होती है। वर्ष 2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर, सोमवार से होने की जानकारी दी गई है।…