पहलगाम आतंकी हमले के बाद उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी नागरिकों को लेकर कार्रवाई तेज, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इन फैसलों के तहत विभिन्न श्रेणी के पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द किए गए और राज्यों को निर्देश दिया गया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की जाए। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी तत्काल कार्रवाई शुरू करते हुए सभी जिलों के प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी सभी निर्देशों का पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पालन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप हो तथा प्रत्येक जिले में वास्तविक स्थिति की लगातार निगरानी रखी जाए।
केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद शुरू हुई कार्रवाई
पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा संबंधी नियमों में बदलाव किया। इसके बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश भेजे गए कि संबंधित श्रेणी के पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर भारत छोड़ने की प्रक्रिया पूरी कराई जाए।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इन निर्देशों के बाद तत्काल जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई प्रारंभ की। प्रत्येक जिले में पाकिस्तानी नागरिकों का रिकॉर्ड सत्यापित किया गया और उनके वीजा की स्थिति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री योगी ने बुलाई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर पूरे मामले की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि केंद्र सरकार के आदेशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्रवाई के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए तथा प्रत्येक जिले से नियमित रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराई जाए।
75 जिलों में चलाया गया सत्यापन अभियान
राज्य स्तर पर जारी निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में पुलिस और प्रशासन द्वारा सत्यापन अभियान चलाया गया। संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय रिकॉर्ड, वीजा दस्तावेजों और अन्य आवश्यक जानकारियों का मिलान किया।
इस दौरान पुलिस, स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक मामले की जांच निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाए।
डीजीपी ने दी कार्रवाई की जानकारी
उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सभी जिलों में त्वरित कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार जिला स्तर पर गठित टीमों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकांश मामलों का निस्तारण कर लिया।
पुलिस मुख्यालय लगातार सभी जिलों से रिपोर्ट प्राप्त करता रहा ताकि कार्रवाई की प्रगति की निगरानी की जा सके और किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा को समय रहते दूर किया जा सके।
राज्य स्तर पर लगातार होती रही मॉनिटरिंग
पूरी कार्रवाई के दौरान शासन स्तर पर लगातार समीक्षा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर स्थिति का मूल्यांकन किया और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त निर्देश भी जारी किए।
प्रशासन का कहना है कि समन्वित निगरानी के कारण प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने में सहायता मिली।
पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर पूरी की प्रक्रिया, विशेष श्रेणी के मामलों पर अलग व्यवस्था
पुलिस टीमों ने सुनिश्चित की वापसी प्रक्रिया
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जिन मामलों में आवश्यक था, वहां पुलिस टीमों ने संबंधित नागरिकों की वापसी प्रक्रिया की निगरानी की। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने तक सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं।
सीमा तक पहुंचने और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित एजेंसियां समन्वय बनाकर कार्य करती रहीं।
दस्तावेजों का किया गया विस्तृत सत्यापन
कार्रवाई के दौरान प्रत्येक व्यक्ति के पासपोर्ट, वीजा, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्रवाई से पहले दस्तावेजों की जांच और कानूनी स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि सभी मामलों में निर्धारित नियमों और केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया।
विशेष श्रेणी के वीजा धारकों के लिए अलग व्यवस्था
सरकार द्वारा पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि कुछ श्रेणियों के नागरिकों, जैसे लांग टर्म वीजा (LTV) या अन्य विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्तियों के लिए अलग दिशा-निर्देश लागू हैं। ऐसे मामलों में संबंधित केंद्रीय आदेशों के अनुसार ही कार्रवाई की गई।
राज्य सरकार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति उसके वीजा और कानूनी दस्तावेजों के आधार पर तय की गई तथा उसी अनुरूप निर्णय लिया गया।
जिला प्रशासन को दिए गए स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न न होने पाए। सभी जिलों में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक समन्वय मजबूत रखा जाए ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो सकें।
राष्ट्रीय सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक विषय को गंभीरता से लेती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाए तथा संवेदनशील मामलों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
प्रदेश सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और केंद्र सरकार के सुरक्षा संबंधी निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
खुफिया एजेंसियों के साथ रहा समन्वय
पूरे अभियान के दौरान राज्य पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों और खुफिया विभागों के साथ समन्वय बनाए रखा। इससे आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान समय पर हो सका और जिला स्तर पर कार्रवाई को गति मिली।
अधिकारियों के अनुसार इस समन्वय के कारण विभिन्न जिलों में चल रही प्रक्रिया की नियमित समीक्षा संभव हो सकी।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि केंद्र सरकार द्वारा भविष्य में जारी होने वाले किसी भी नए निर्देश का पालन किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर निगरानी व्यवस्था जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित एजेंसियां आगे भी आवश्यक कार्रवाई करेंगी।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा, वीजा नियमों और विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों में पूरी सतर्कता बनाए रखें तथा सभी प्रक्रियाएं लागू कानूनों और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संचालित की जाएं।



