UP: नगर निगमों में तेजी से होगी भर्ती, मथुरा और अयोध्या को सीएम योगी की बड़ी सौगात।

UP: नगर निगमों में तेजी से होगी भर्ती, मथुरा और अयोध्या को सीएम योगी की बड़ी सौगात।

CM योगी की नगर विकास विभाग को बड़ी सौगात, मथुरा में बनेगा ‘कृष्ण लोक पार्क’, नगर निकायों में भर्ती और ई-बसों को मिलेगा बढ़ावा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान शहरी विकास, नगर निकायों की कार्यप्रणाली, सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल सेवाओं और आधारभूत सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बैठक में मुख्यमंत्री ने नगर निकायों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने, शहरों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मथुरा-वृंदावन, अयोध्या और अन्य प्रमुख शहरों में नई परियोजनाओं की घोषणा भी की। साथ ही नगर निगमों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की योजना की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए नगर निकायों को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध करानी होंगी। इसके लिए सभी नगर निकायों में प्रशासनिक सुधारों के साथ डिजिटल व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।

मथुरा-वृंदावन में विकसित होगा ‘कृष्ण लोक पार्क’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि प्रयागराज के शिवालिक पार्क की तर्ज पर मथुरा-वृंदावन में ‘कृष्ण लोक पार्क’ विकसित किया जाए। इस पार्क को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से विशेष रूप से तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पार्क के निर्माण में अनुपयोगी या वेस्ट मैटेरियल का रचनात्मक उपयोग किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आकर्षक पर्यटन स्थल भी विकसित होगा। पार्क में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक प्रस्तुति के माध्यम से प्रदर्शित करने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

अयोध्या में बनेंगे ‘लवकुश पार्क’ और ‘श्री पुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र’

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में ‘लवकुश पार्क’ और ‘श्री पुरुषोत्तम दर्शन अनुभव केंद्र’ विकसित करने के भी निर्देश दिए। इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति एवं रामायण से जुड़े प्रसंगों का आधुनिक अनुभव उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि इन स्थलों को इस प्रकार विकसित किया जाए कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भगवान राम, लव-कुश और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आकर्षक तरीके से समझ सकें।

नगर निकायों में खाली पदों पर जल्द होगी भर्ती

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां नियमित भर्ती आवश्यक है वहां प्रक्रिया तेज की जाए और जिन पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति की जानी है, वहां भी कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से नगर निकायों की कार्यक्षमता में सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

प्रयागराज और वाराणसी जारी करेंगे म्युनिसिपल बॉन्ड

नगर निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि लखनऊ, गाजियाबाद और आगरा के बाद अब प्रयागराज और वाराणसी नगर निगम भी म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इसके अलावा गोरखपुर, मेरठ और कानपुर नगर निगमों को भी भविष्य में बॉन्ड जारी कर विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की तैयारी करने के निर्देश दिए गए।

ई-बसों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 15 शहरों में लगभग 700 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है और आने वाले समय में इस संख्या में और वृद्धि की जानी चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि 15 वर्ष से अधिक पुरानी डीजल और सीएनजी बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाए। इससे प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

निजी ई-बस ऑपरेटरों को मिलेगा अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिटी बस सेवा में निजी ई-बस ऑपरेटरों को भी अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि इसके लिए किराया, पार्किंग, संचालन मार्ग और अन्य नियम स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाएं ताकि यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके और संचालन में पारदर्शिता बनी रहे।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि निजी ई-बस सेवाओं को प्रमुख शहरों के साथ-साथ आसपास के कस्बों से भी जोड़ा जाए, जिससे आम लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके।

वाहन पार्किंग व्यवस्था को बनाया जाएगा व्यवस्थित

शहरों में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पार्किंग व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग शुल्क में एकरूपता लाई जाए और मांग, स्थान तथा समय के आधार पर वैज्ञानिक तरीके से पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाए।

इसके साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और कर्मचारियों के लिए मासिक पार्किंग पास की व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थान पर पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली नहीं होनी चाहिए और इसके लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।

सभी नगर निकायों में एक समान व्यवस्था लागू करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में अचल संपत्तियों के नामांतरण, पंजीकरण और वसीयत से संबंधित प्रक्रियाओं में एकरूपता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी नगर निकायों में शुल्क और प्रक्रिया समान होने से नागरिकों को सुविधा मिलेगी और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।

उन्होंने संबंधित विभागों से ऐसी व्यवस्था तैयार करने को कहा जिससे प्रदेश के सभी नगर निकायों में समान नियम लागू किए जा सकें।

बरसात से पहले ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने आगामी मानसून को देखते हुए सभी नगर निकायों को समय रहते ड्रेनेज सिस्टम की सफाई और मरम्मत के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या से बचने के लिए नालों की सफाई, जल निकासी व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्य समय पर पूरे किए जाएं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य पूरे कर लिए जाएं।

स्मार्ट नगर पालिका की अवधारणा पर होगा कार्य

मुख्यमंत्री ने सभी जिला मुख्यालय वाले नगर निकायों में ‘स्मार्ट नगर पालिका’ विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन नगर निकायों में डिजिटल गवर्नेंस, वायु और जल प्रदूषण की निगरानी, स्मार्ट पार्किंग, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट प्रबंधन, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक वेंडिंग जोन, प्रदर्शनी स्थल और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाओं का विकास किया जाए।

इसके अलावा जलभराव की निगरानी, ऑनलाइन नागरिक सेवाओं और तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए गए ताकि शहरी क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

अवैध होर्डिंग हटाने और डिजिटल डिस्प्ले बढ़ाने के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी शहर में अवैध होर्डिंग नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर निर्धारित नियमों के अनुसार ही विज्ञापन प्रदर्शित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

इसके साथ ही उन्होंने शहरों में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए ताकि नागरिकों को महत्वपूर्ण सरकारी सूचनाएं, यातायात संबंधी जानकारी और सार्वजनिक संदेश समय पर उपलब्ध कराए जा सकें।

आवारा पशुओं और शहरी प्रबंधन पर भी दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देने को कहा। उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने नगर निकायों की आय बढ़ाने, शहरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने, सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से संबंधित कई प्रशासनिक निर्देश भी जारी किए। इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

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