सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- उत्तर प्रदेश देश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र, हर क्षेत्र का राज्य से है विशेष जुड़ाव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश केवल देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों के लोग किसी न किसी रूप में उत्तर प्रदेश से स्वयं को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं और यही भारत की विविधता में एकता की सबसे बड़ी पहचान है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश का महत्व केवल प्रशासनिक दृष्टि से नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और सभ्यता के विकास के कारण भी अत्यंत विशेष है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों की धार्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक मान्यताएं किसी न किसी रूप में उत्तर प्रदेश से जुड़ी दिखाई देती हैं।
यह टिप्पणी उन्होंने एक मीडिया समूह द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान की, जहां उन्होंने राज्य के विकास, कानून व्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता जैसे विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
उत्तर प्रदेश को बताया भारत की आस्था का प्रमुख केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी जीवन में एक बार उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की इच्छा रखते हैं। राज्य में स्थित अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, विंध्याचल और अन्य धार्मिक स्थल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के कारण उत्तर प्रदेश पूरे देश को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करता है। विभिन्न राज्यों के लोग यहां आकर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव महसूस करते हैं।

देश के अलग-अलग क्षेत्रों से बताया सांस्कृतिक संबंध
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के अलग-अलग हिस्सों के लोगों की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का उत्तर प्रदेश से विशेष संबंध दिखाई देता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश के पूर्वी भाग के लोग माता रुक्मिणी और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी परंपराओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश के साथ अपने सांस्कृतिक संबंधों को देखते हैं।
इसी प्रकार उन्होंने कहा कि पश्चिम भारत के लोग भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के कारण उत्तर प्रदेश से जुड़ाव महसूस करते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार धार्मिक परंपराएं भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत बनाने का कार्य करती हैं।
हनुमान जी से जुड़े धार्मिक संदर्भ का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दक्षिण भारत की धार्मिक मान्यताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के अनेक श्रद्धालु भगवान हनुमान से जुड़ी परंपराओं के माध्यम से उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों से स्वयं को जोड़ते हैं। उन्होंने अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मुख्यमंत्री का कहना था कि भारत की विविध धार्मिक परंपराएं विभिन्न राज्यों को आपस में जोड़ने का कार्य करती हैं और यही देश की सांस्कृतिक शक्ति है।
कानून व्यवस्था को लेकर सरकार का दावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य में कानून व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है और विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों का आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य के कई जिलों में समय-समय पर सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाएं सामने आती थीं, जिससे आम लोगों के बीच भय का वातावरण बन जाता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार कार्रवाई की गई है।
पूर्व की स्थिति का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व के वर्षों में उत्तर प्रदेश के कई शहर सांप्रदायिक तनाव और दंगों की घटनाओं के कारण चर्चा में रहते थे। उन्होंने बरेली, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर सहित कई शहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन जाती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय आम नागरिकों के बीच भय का माहौल रहता था और त्योहारों का उत्साह भी प्रभावित होता था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान समय में विभिन्न धार्मिक पर्व और सार्वजनिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं।
मुर्शिदाबाद की घटनाओं का भी किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का उल्लेख करते हुए कानून व्यवस्था के विषय पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक सुरक्षा किसी भी राज्य के विकास के लिए आवश्यक आधार माने जाते हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना पर भी रखी बात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना के शुरुआती चरण में भूमि उपलब्धता से संबंधित चुनौतियां थीं। मुख्यमंत्री के अनुसार परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए बाद में आवश्यक प्रशासनिक और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं को पूरा किया गया।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य राज्य के पूर्वी क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। इस परियोजना के माध्यम से विभिन्न जिलों के बीच परिवहन सुविधा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है।
सांस्कृतिक विरासत और विकास पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य भारतीय संस्कृति, साहित्य, इतिहास, शिक्षा और आध्यात्मिक परंपराओं का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आधुनिक आधारभूत संरचना, पर्यटन, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सड़क, रेलवे, हवाई संपर्क और शहरी विकास परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर साझा किए विचार
मीडिया समूह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत, कानून व्यवस्था, आधारभूत संरचना विकास और उत्तर प्रदेश की बदलती प्रशासनिक व्यवस्था सहित कई विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के वक्तव्य में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विषयों से जुड़े अनेक संदर्भ शामिल रहे। उन्होंने उत्तर प्रदेश को भारत की विविधता और एकता का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।



