Weather Update: राजस्थान में सात साल की सबसे तेज गर्मी: जैसलमेर में पारा 46° पार, MP-UP में बारिश, बिहार में तूफान का अलर्ट।

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, वहीं दूसरी ओर मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले कुछ दिनों तक देश में मौसम का यह मिला-जुला स्वरूप बना रह सकता है।

राजस्थान में अप्रैल के अंतिम सप्ताह में तापमान कई स्थानों पर सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। जैसलमेर और बाड़मेर जैसे जिलों में पारा 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि जयपुर, जोधपुर, अलवर और भीलवाड़ा सहित कई शहरों में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में मौसम बदलने के संकेत मिले हैं, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

जैसलमेर में टूटा कई वर्षों का तापमान रिकॉर्ड

राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसे अप्रैल महीने के लिए एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 2018 में 30 अप्रैल को यहां 46.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस बार तापमान उस स्तर को भी पार कर गया।

लगातार बढ़ते तापमान के कारण दिन के समय सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखने को मिली और लोग अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए घरों के भीतर रहने को मजबूर हुए।

बाड़मेर और जोधपुर में भी भीषण गर्मी

राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश के सबसे गर्म स्थानों में शामिल रहा। वहीं जोधपुर में भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।

जयपुर, अलवर, भीलवाड़ा और अन्य शहरों में भी तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखा गया। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

राजस्थान में मौसम बदलने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी बनी रह सकती है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी, धूल भरी हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

यदि मौसम प्रणाली सक्रिय होती है तो तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बारिश का पूर्वानुमान

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। मौसम बदलने से इन राज्यों में तापमान में कमी आने की संभावना है।

लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से बादल छाए रहने और ठंडी हवाएं चलने की जानकारी सामने आई है। मौसम में बदलाव के कारण प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है।

गर्मी से राहत मिलने के आसार

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में होने वाली हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही से अधिकतम तापमान में गिरावट आ सकती है। हालांकि कुछ स्थानों पर उमस बढ़ने की भी संभावना बनी रहेगी।

लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की सलाह दी गई है।

बिहार, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का अलर्ट, सिक्किम में पर्यटक वाहनों के लिए नया समय लागू

बिहार और छत्तीसगढ़ में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने बिहार और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हाल के दिनों में आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई।

पूर्वी भारत में काल बैसाखी का असर

पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में काल बैसाखी जैसी मौसमी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं, गरज-चमक, बिजली गिरना और अचानक तेज बारिश जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

ऐसे मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास रुकने से बचने की सलाह दी जाती है। किसानों और आम नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना

केरल, कर्नाटक, ओडिशा, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा हो सकती है।

पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका बनी रह सकती है।

सिक्किम में पर्यटक वाहनों के लिए नया यातायात समय

सिक्किम के मंगन जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटक वाहनों की आवाजाही के लिए नया समय निर्धारित किया है। प्रशासन का उद्देश्य संवेदनशील मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जारी आदेश के अनुसार गंगटोक से मंगन या चुंगथांग की ओर जाने वाले पर्यटक वाहनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित बेली ब्रिज क्षेत्र पार करना होगा। इसी प्रकार चुंगथांग से गंगटोक की ओर लौटने वाले वाहनों के लिए भी अलग समय तय किया गया है। निर्धारित समय के बाद इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी।

30 अप्रैल का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार 30 अप्रैल को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात और छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में तेज गर्मी का प्रभाव जारी रहने की संभावना है।

इसके साथ ही ओडिशा और केरल में भारी बारिश, जबकि कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।

1 मई का मौसम पूर्वानुमान

1 मई को राजस्थान, पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना बनी रह सकती है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक, केरल, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

बारिश के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है।

2 मई को सक्रिय हो सकता है पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विभाग के अनुसार 2 मई के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वहीं तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में उमस भरा मौसम बना रह सकता है।

मौसम विभाग की आम लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने भीषण गर्मी वाले क्षेत्रों में लोगों को दोपहर के समय धूप में अधिक देर तक रहने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। वहीं जिन क्षेत्रों में आंधी और बिजली गिरने की संभावना है, वहां लोगों को खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

यात्रा करने वाले लोगों, किसानों और पर्यटकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र का ताजा मौसम पूर्वानुमान नियमित रूप से देखते रहें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि मौसम में अचानक होने वाले बदलाव के दौरान सुरक्षित रहा जा सके।

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