एड़ी का दर्द कर रहा है परेशान? सुबह जमीन पर पैर रखते ही चुभन हो तो समझें ये संकेत

एड़ी का दर्द कर रहा है परेशान? सुबह जमीन पर पैर रखते ही चुभन हो तो समझें ये संकेत

कभी-कभी चलते समय एड़ी के नीचे अचानक ऐसा दर्द उठता है, जैसे पैर के तलवे में कोई नुकीली चीज चुभ गई हो। कुछ लोगों को यह परेशानी सुबह बिस्तर से उठने के तुरंत बाद महसूस होती है, जबकि कुछ में लंबे समय तक खड़े रहने या ज्यादा चलने के बाद दर्द बढ़ जाता है। आमतौर पर लोग इसे थकान, ज्यादा पैदल चलने या गलत जूते पहनने से जोड़कर देखते हैं। लेकिन अगर एड़ी का दर्द बार-बार हो रहा है और खासकर दिन की शुरुआत में पहला कदम रखते ही तेज महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

एड़ी के नीचे होने वाला इस तरह का दर्द कई कारणों से हो सकता है। इनमें प्लांटर फैशियाइटिस एक आम वजह मानी जाती है। यह पैर के तलवे में मौजूद प्लांटर फेशिया नाम के मजबूत टिश्यू में खिंचाव या बार-बार पड़ने वाले दबाव से जुड़ी समस्या है। हालांकि हर एड़ी का दर्द प्लांटर फैशियाइटिस की वजह से हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए लगातार या गंभीर दर्द की स्थिति में सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।

पैर के तलवे में मौजूद यह टिश्यू करता है क्या काम?

हमारे पैर के तलवे के नीचे एक मजबूत पट्टी जैसी संरचना होती है, जिसे प्लांटर फेशिया कहा जाता है। यह एड़ी की हड्डी के पास से शुरू होकर पैर की उंगलियों की दिशा में फैलती है। शरीर का वजन संभालने, चलते समय पैर को स्थिर रखने और हर कदम पर पड़ने वाले दबाव को सहने में इसका महत्वपूर्ण योगदान होता है।

रोजाना चलने, सीढ़ियां चढ़ने, दौड़ने या लंबे समय तक खड़े रहने के दौरान इस टिश्यू पर लगातार खिंचाव पड़ता है। सामान्य परिस्थितियों में शरीर इस दबाव को संभाल लेता है, लेकिन जब पैरों पर लगातार जरूरत से ज्यादा भार पड़ता है या गतिविधि अचानक बढ़ जाती है, तो प्लांटर फेशिया पर अतिरिक्त तनाव आ सकता है। इससे एड़ी के पास दर्द और संवेदनशीलता महसूस हो सकती है।

कई बार दर्द सिर्फ एड़ी तक सीमित नहीं रहता। यह तलवे के बीच के हिस्से तक भी महसूस हो सकता है। कुछ लोगों में पैर को जमीन पर रखने या लंबे समय तक खड़े रहने के दौरान परेशानी ज्यादा महसूस होती है।

सुबह उठते ही दर्द सबसे ज्यादा क्यों महसूस होता है?

प्लांटर फैशियाइटिस से जुड़े दर्द की एक खास बात यह है कि आराम के बाद दोबारा पैर पर वजन डालते समय परेशानी बढ़ सकती है। रातभर सोने के दौरान पैर लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहता है। इस दौरान प्रभावित टिश्यू भी आराम की अवस्था में होता है।

सुबह जैसे ही व्यक्ति बिस्तर से उतरकर जमीन पर पैर रखता है, प्लांटर फेशिया पर अचानक खिंचाव पड़ता है। इसी वजह से शुरुआती कदमों में एड़ी के नीचे तेज चुभन या दर्द महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को यह दर्द कुछ देर चलने के बाद कम लगता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है।

दिनभर अधिक चलने, लंबे समय तक खड़े रहने या शारीरिक गतिविधि बढ़ने के बाद दर्द फिर उभर सकता है। यही वजह है कि सुबह के पहले कदम में होने वाला दर्द इस समस्या की पहचान के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है।

क्या हर बार एड़ी का दर्द प्लांटर फैशियाइटिस होता है?

नहीं। एड़ी में दर्द होने के पीछे कई दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। लगातार दबाव, चोट, पैरों की संरचना, मांसपेशियों में खिंचाव या लंबे समय तक गलत तरीके से पैर पर भार पड़ना भी परेशानी का कारण बन सकता है। कुछ लोगों में एड़ी के आसपास की दूसरी संरचनाओं से जुड़ी समस्याएं भी दर्द पैदा कर सकती हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर खुद से किसी बीमारी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

इसी तरह एड़ी के दर्द को सीधे डायबिटीज का शुरुआती लक्षण मान लेना भी सही नहीं है। डायबिटीज से शरीर में नसों और रक्तसंचार से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जिनके कारण पैरों में अलग-अलग तरह की तकलीफ हो सकती है, लेकिन हर व्यक्ति में एड़ी का दर्द ब्लड शुगर बढ़ने का संकेत नहीं होता। यदि एड़ी के दर्द के साथ पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट, जलन या दूसरे असामान्य लक्षण भी मौजूद हों, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

किन लोगों में पैर और एड़ी पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है?

प्लांटर फेशिया पर पड़ने वाला दबाव कई परिस्थितियों में बढ़ सकता है। जिन लोगों का काम ऐसा है जिसमें उन्हें कई घंटों तक लगातार खड़ा रहना पड़ता है, उनमें पैरों पर अतिरिक्त तनाव आ सकता है। इसी तरह अचानक रोजाना की शारीरिक गतिविधि बढ़ा देना भी परेशानी पैदा कर सकता है।

यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक व्यायाम नहीं करता और अचानक दौड़ना, तेज वॉकिंग या ज्यादा एक्सरसाइज शुरू कर देता है, तो पैर के टिश्यू को नए दबाव के अनुकूल होने में समय लग सकता है। ऐसे में एड़ी के आसपास दर्द की शिकायत हो सकती है। शरीर का बढ़ा हुआ वजन भी पैरों पर पड़ने वाले भार को बढ़ा सकता है। इसके अलावा पैरों को पर्याप्त सपोर्ट नहीं देने वाले जूते पहनना या लंबे समय तक कठोर सतह पर चलना कुछ लोगों में समस्या को बढ़ा सकता है।

जूतों का चुनाव भी हो सकता है महत्वपूर्ण

दिनभर इस्तेमाल किए जाने वाले जूते पैरों की सेहत पर असर डाल सकते हैं। बहुत सख्त, असुविधाजनक या पर्याप्त सपोर्ट न देने वाले जूते एड़ी और तलवे पर पड़ने वाले दबाव को प्रभावित कर सकते हैं। यदि किसी व्यक्ति को पहले से एड़ी में दर्द है, तो ऐसे फुटवियर से बचना उपयोगी हो सकता है जिनमें पैर को पर्याप्त सहारा न मिले। आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनना पैरों पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम करने में मदद कर सकता है।

घर में भी लंबे समय तक नंगे पैर कठोर फर्श पर घूमने से कुछ लोगों में एड़ी की परेशानी बढ़ सकती है। खासकर यदि पहले से दर्द मौजूद हो, तो पैरों को पर्याप्त आराम और सपोर्ट देना बेहतर माना जाता है।

राहत के लिए क्या किया जा सकता है?

हल्की समस्या में पैरों को पर्याप्त आराम देना पहला कदम हो सकता है। कुछ समय के लिए ऐसी गतिविधियां कम की जा सकती हैं जिनसे एड़ी पर ज्यादा दबाव पड़ रहा हो। पैरों के तलवे और पिंडली की हल्की स्ट्रेचिंग भी कुछ लोगों को राहत दे सकती है। ठंडी सिकाई भी दर्द और असहजता कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि इसे सीधे त्वचा पर बहुत लंबे समय तक नहीं लगाना चाहिए। व्यायाम या स्ट्रेचिंग करते समय भी शरीर की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दर्द कम होने पर तुरंत अत्यधिक गतिविधि शुरू न कर दें। यदि किसी गतिविधि के बाद एड़ी का दर्द लगातार बढ़ रहा है, तो उसे कुछ समय के लिए कम करना बेहतर हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

यदि एड़ी का दर्द लगातार बना हुआ है, रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं या आराम के बावजूद परेशानी कम नहीं हो रही, तो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। इसी तरह यदि दर्द अचानक बहुत ज्यादा हो गया हो, चोट के बाद शुरू हुआ हो या पैर पर वजन रखना मुश्किल हो रहा हो, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

पैर में लगातार सुन्नपन, जलन, असामान्य सूजन या दूसरे लक्षणों के साथ एड़ी में दर्द होने पर भी इसे केवल सामान्य थकान मानकर छोड़ना ठीक नहीं है।

प्लांटर फैशियाइटिस की पुष्टि केवल लक्षणों के आधार पर नहीं की जाती। डॉक्टर आमतौर पर दर्द की जगह, उसकी अवधि, गतिविधियों और पैर की जांच के आधार पर कारण समझने की कोशिश करते हैं। जरूरत पड़ने पर आगे की जांच भी कराई जा सकती है।

दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय कारण समझना जरूरी

एड़ी में कभी-कभार हल्का दर्द होना और लगातार चुभने जैसा दर्द बने रहना, दोनों स्थितियां एक जैसी नहीं हैं। यदि समस्या बार-बार हो रही है, खासकर सुबह उठते ही पहला कदम रखने पर एड़ी में तेज दर्द होता है, तो प्लांटर फैशियाइटिस जैसी समस्या की संभावना पर ध्यान दिया जा सकता है।

हालांकि केवल इस एक लक्षण से बीमारी तय नहीं की जा सकती। सही फुटवियर, पर्याप्त आराम, पैरों की उचित स्ट्रेचिंग और गतिविधियों में संतुलन कुछ मामलों में मददगार हो सकते हैं। लेकिन लंबे समय तक बने रहने वाले या बढ़ते दर्द के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना अधिक उचित है।

एड़ी के दर्द को सिर्फ थकान समझकर लगातार नजरअंदाज करने के बजाय उसके पैटर्न पर ध्यान देना चाहिए—दर्द कब शुरू होता है, सुबह ज्यादा होता है या नहीं, चलने से कम होता है या बढ़ता है और क्या इसके साथ कोई दूसरा लक्षण भी मौजूद है। इन जानकारियों से डॉक्टर को समस्या का कारण समझने में भी मदद मिल सकती है।