एयरपोर्ट पर सफर करने वाले यात्रियों को विमान में बैठने से पहले कई तरह की सुरक्षा प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। यात्रियों की एंट्री से लेकर बोर्डिंग तक सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर जांच करती हैं। आम यात्रियों के लिए मेटल डिटेक्टर से गुजरना, जरूरत पड़ने पर फ्रिस्किंग कराना और हैंड बैगेज की स्क्रीनिंग इस प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, एयरपोर्ट पर पहुंचने वाले हर व्यक्ति के लिए सुरक्षा जांच की प्रक्रिया बिल्कुल एक जैसी नहीं होती। देश के कुछ संवैधानिक पदाधिकारियों, वरिष्ठ अधिकारियों, विशिष्ट व्यक्तियों और कुछ खास श्रेणियों के लोगों को प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक यानी विमान में सवार होने से पहले होने वाली व्यक्तिगत सुरक्षा जांच से छूट दी गई है।
यह व्यवस्था ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी BCAS के सुरक्षा प्रावधानों के तहत आती है। इसलिए कई बार एयरपोर्ट पर कुछ VIPs को आम यात्रियों की तरह मेटल डिटेक्टर या फ्रिस्किंग से गुजरते हुए नहीं देखा जाता। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आने के बाद अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर किन लोगों को यह सुविधा मिलती है और क्या इन यात्रियों के सामान की भी जांच नहीं होती? दरअसल, व्यक्तिगत सुरक्षा जांच से छूट और सामान की स्क्रीनिंग अलग-अलग चीजें हैं। किसी व्यक्ति को प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उसके सामान को भी सुरक्षा जांच से मुक्त कर दिया गया है।
भारत रत्न सम्मानित लोगों के लिए भी है प्रावधान
BCAS की निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था में भारत रत्न से सम्मानित व्यक्तियों को भी प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट प्राप्त श्रेणी में रखा गया है। भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और इस सम्मान से जुड़े लोगों के लिए एयरपोर्ट सुरक्षा प्रक्रिया में विशेष प्रावधान मौजूद हैं। इसी वजह से भारत रत्न प्राप्त किसी व्यक्ति को आम यात्री की तरह व्यक्तिगत सुरक्षा जांच से गुजरते हुए न देखा जाए तो यह निर्धारित नियमों के अनुरूप हो सकता है।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि इस छूट का दायरा सीमित है। सुरक्षा जांच पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती। संबंधित व्यक्ति के साथ यात्रा करने वाले सामान को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत स्क्रीन किया जाता है। यानी व्यक्तिगत जांच में छूट और बैगेज स्क्रीनिंग को एक ही प्रक्रिया मानना सही नहीं है।
किन बड़े पदों पर बैठे लोगों को मिलती है छूट?
एयरपोर्ट पर प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट पाने वाली श्रेणी काफी विस्तृत है। इसमें देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों से लेकर न्यायपालिका, केंद्र और राज्य सरकारों तथा सेना के कुछ शीर्ष पद शामिल हैं।
इस सूची में भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व उपराष्ट्रपति को भी इस श्रेणी में रखा गया है। संसद के कुछ प्रमुख पदों पर बैठे लोगों के लिए भी यही प्रावधान लागू होता है।
लोकसभा अध्यक्ष को इस विशेष श्रेणी में शामिल किया गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को भी प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट प्राप्त है। इसी तरह हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के लिए भी विशेष प्रावधान मौजूद है।
केंद्र और राज्य सरकार के कई पदाधिकारी शामिल
केंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को भी एयरपोर्ट पर इस व्यक्तिगत सुरक्षा जांच से छूट दी गई है। केंद्र सरकार में राज्य मंत्री भी निर्धारित सूची में शामिल हैं। इसके अलावा राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी इस श्रेणी में आते हैं।
केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी यह सुविधा प्राप्त है। राज्यों के उपमुख्यमंत्री तथा केंद्र शासित प्रदेशों के उपमुख्यमंत्री भी निर्धारित श्रेणी का हिस्सा हैं।
इसका उद्देश्य सामान्य यात्रियों को मिलने वाली सुविधा से किसी व्यक्ति को अलग तरह का दर्जा देना मात्र नहीं है, बल्कि निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इन पदों पर बैठे लोगों की यात्रा को संचालित करना है। इन लोगों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं पहले से तय प्रोटोकॉल के मुताबिक की जाती हैं।
संसद के वरिष्ठ पद भी सूची में
एयरपोर्ट की विशेष सुरक्षा छूट वाली सूची में संसद के कुछ वरिष्ठ पदों को भी शामिल किया गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता इस श्रेणी में आते हैं। राज्यसभा के उपसभापति और लोकसभा के उपाध्यक्ष को भी प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट दी गई है।
इस तरह सूची केवल सत्ता में बैठे पदाधिकारियों तक सीमित नहीं है। संसद के विभिन्न महत्वपूर्ण संवैधानिक और संस्थागत पदों को भी इसके दायरे में रखा गया है।
सेना के शीर्ष अधिकारियों के लिए भी अलग व्यवस्था
देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ सर्वोच्च सैन्य पदों को भी एयरपोर्ट पर इस विशेष प्रावधान के तहत रखा गया है। तीनों सेनाओं के पूर्ण जनरल या उनके समकक्ष रैंक वाले प्रमुखों को प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट दी गई है।
यह व्यवस्था सैन्य नेतृत्व से जुड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा है। ऐसे अधिकारियों की यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा और आवागमन के लिए अलग व्यवस्थाएं की जा सकती हैं। इसलिए उन्हें आम यात्रियों के साथ सामान्य सुरक्षा कतार में देखना जरूरी नहीं होता।
अटॉर्नी जनरल और कैबिनेट सचिव भी शामिल
केंद्र सरकार के कुछ शीर्ष प्रशासनिक और कानूनी पदों को भी इस सूची में जगह मिली है। भारत के अटॉर्नी जनरल और कैबिनेट सचिव को भी प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट प्राप्त श्रेणी में रखा गया है।
इन पदों की संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को देखते हुए संबंधित अधिकारियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था सामान्य यात्रियों से अलग निर्धारित की जाती है। यही वजह है कि एयरपोर्ट पर उनकी यात्रा के दौरान अलग प्रोटोकॉल देखने को मिल सकता है।
विदेशी राजनयिकों के लिए भी विशेष नियम
भारत में आने-जाने वाले कुछ विदेशी विशिष्ट लोगों को भी इस तरह की व्यक्तिगत सुरक्षा जांच से छूट दी गई है। विदेशों के राजदूत, Chargé d’Affaires और हाई कमिश्नर तथा उनके जीवनसाथी निर्धारित श्रेणी में आते हैं। इनके अलावा समान स्तर के विदेशी विशिष्ट अतिथियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।
इसका मतलब यह है कि एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था में केवल भारतीय संवैधानिक पदों को ही ध्यान में नहीं रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय राजनयिक प्रोटोकॉल और विदेशी विशिष्ट अतिथियों से जुड़े प्रावधानों को भी इसमें शामिल किया गया है।
दलाई लामा और SPG सुरक्षा प्राप्त लोग भी सूची में
निर्धारित सूची में दलाई लामा का नाम भी शामिल है। इसके अलावा एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों के लिए भी प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक को लेकर विशेष प्रावधान मौजूद हैं।
एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों की सुरक्षा पहले से ही विशेष प्रोटोकॉल के तहत होती है। ऐसे में एयरपोर्ट पर उनकी आवाजाही और सुरक्षा जांच की व्यवस्था सामान्य यात्रियों से अलग तरीके से संचालित की जा सकती है।
पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के जीवनसाथी को भी सुविधा
इस विशेष श्रेणी में पूर्व प्रधानमंत्री भी शामिल हैं। इसके साथ ही राष्ट्रपति के जीवनसाथी के लिए भी एक खास प्रावधान है। राष्ट्रपति के जीवनसाथी को यह छूट उस स्थिति में भी मिल सकती है जब वह राष्ट्रपति के साथ यात्रा नहीं कर रहे हों।
इससे साफ होता है कि एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत सुरक्षा जांच से छूट पाने वालों की सूची केवल वर्तमान पदों तक सीमित नहीं है। इसमें कुछ पूर्व पदाधिकारी, संवैधानिक पदों से जुड़े व्यक्ति, विदेशी विशिष्ट अतिथि और निर्धारित अन्य श्रेणियां भी शामिल हैं।
क्या VIPs के सामान की भी जांच नहीं होती?
यह सबसे महत्वपूर्ण बात है जिसे समझना जरूरी है। किसी व्यक्ति को प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से छूट मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उसके सामान को भी बिना जांच के विमान में ले जाने की अनुमति है। व्यक्तिगत सुरक्षा जांच और बैगेज स्क्रीनिंग अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
आम तौर पर यात्रियों के हैंड बैगेज और अन्य सामान की सुरक्षा जांच निर्धारित प्रक्रिया के तहत होती है। इसलिए किसी VIP को व्यक्तिगत फ्रिस्किंग या मेटल डिटेक्टर जांच से गुजरते हुए नहीं देखना यह साबित नहीं करता कि उनकी यात्रा में सुरक्षा जांच पूरी तरह नहीं हुई।
एयरपोर्ट सुरक्षा कई स्तरों पर काम करती है और अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों के लिए अलग प्रोटोकॉल हो सकते हैं। VIPs की आवाजाही के दौरान भी सुरक्षा एजेंसियां निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखती हैं।
आम यात्रियों के लिए क्या है नियम?
आम यात्रियों को एयरपोर्ट पर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। उन्हें सुरक्षा जांच क्षेत्र से गुजरना, मेटल डिटेक्टर या अन्य निर्धारित जांच प्रक्रिया पूरी करना और अपने सामान की स्क्रीनिंग करानी होती है। यह प्रक्रिया विमान और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाती है।
वहीं, जिन लोगों के नाम या पद BCAS की निर्धारित छूट वाली श्रेणी में आते हैं, उनके लिए व्यक्तिगत प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक का प्रोटोकॉल अलग होता है। यही वजह है कि एयरपोर्ट पर कुछ बेहद विशिष्ट लोगों की यात्रा आम यात्रियों की तुलना में अलग तरीके से होती दिखाई देती है।
एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच से छूट किसी व्यक्ति के सेलिब्रिटी होने या प्रसिद्ध होने के आधार पर नहीं दी जाती। इसके लिए निर्धारित आधिकारिक श्रेणियां और सुरक्षा प्रोटोकॉल मौजूद हैं। भारत रत्न सम्मानित व्यक्तियों से लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, शीर्ष सैन्य अधिकारी, कुछ सांसद, राजनयिक, पूर्व प्रधानमंत्री और एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों तक कई श्रेणियों को प्री-एम्बार्केशन सिक्योरिटी चेक से विशेष छूट दी गई है। हालांकि, इस छूट को पूरी तरह सुरक्षा-मुक्त यात्रा समझना सही नहीं है, क्योंकि सामान और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाएं अपने निर्धारित नियमों के अनुसार जारी रहती हैं।




