गर्मी का मौसम आते ही तापमान लगातार बढ़ने लगता है और इसका असर केवल बाहर के वातावरण पर ही नहीं, बल्कि हमारे शरीर की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है। अधिक तापमान के दौरान शरीर को सामान्य तापमान बनाए रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इसी प्रक्रिया का सीधा प्रभाव ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) पर भी दिखाई देता है। कई लोगों को गर्मियों में अचानक चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, सिरदर्द, धड़कन तेज होना या अत्यधिक थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य गर्मी का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि इनके पीछे ब्लड प्रेशर में होने वाला उतार-चढ़ाव भी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, लो ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, किडनी संबंधी बीमारी या डायबिटीज जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें गर्मियों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। हालांकि स्वस्थ लोगों को भी इस मौसम में अपनी जीवनशैली और खानपान पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक गर्मी किसी भी व्यक्ति के शरीर पर प्रभाव डाल सकती है।
गर्मी का मौसम ब्लड प्रेशर को कैसे प्रभावित करता है?
जब बाहर का तापमान बहुत अधिक होता है, तब शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए रक्तवाहिकाओं (Blood Vessels) को फैलाता है। इस प्रक्रिया को वेसोडाइलेशन (Vasodilation) कहा जाता है। रक्तवाहिकाओं के फैलने से शरीर से गर्मी बाहर निकलने में आसानी होती है, लेकिन इसके कारण कई लोगों का ब्लड प्रेशर सामान्य से कम हो सकता है।
यदि किसी व्यक्ति के शरीर में पहले से पानी की कमी हो या वह पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ न पी रहा हो, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, आंखों के सामने अंधेरा छाना या अचानक बेहोशी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
दूसरी ओर, कुछ लोगों में गर्मी के कारण शरीर पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव, तनाव और डिहाइड्रेशन रक्तचाप को अस्थिर बना सकता है। इसलिए यह कहना सही होगा कि गर्मियों में ब्लड प्रेशर केवल कम ही नहीं होता, बल्कि कई परिस्थितियों में बढ़ भी सकता है।
डिहाइड्रेशन क्यों बन जाता है सबसे बड़ा खतरा?
गर्मियों में शरीर से पसीना सामान्य से कहीं अधिक निकलता है। पसीने के साथ शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम, पोटैशियम और अन्य खनिज भी बाहर निकल जाते हैं। यदि इस कमी की समय पर पूर्ति नहीं की जाती, तो शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है।
डिहाइड्रेशन के दौरान शरीर में रक्त की मात्रा कम होने लगती है। इससे हृदय को पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। गंभीर स्थिति में रक्त गाढ़ा भी हो सकता है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों का जोखिम भी बढ़ सकता है।
किन लोगों को सबसे अधिक सावधानी बरतनी चाहिए?
हर व्यक्ति को गर्मी के मौसम में अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए, लेकिन कुछ लोग विशेष रूप से अधिक जोखिम में होते हैं। इनमें शामिल हैं—
- हाई ब्लड प्रेशर के मरीज
- लो ब्लड प्रेशर वाले लोग
- हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति
- मधुमेह (डायबिटीज) के मरीज
- किडनी रोगी
- 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- छोटे बच्चे
- लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोग
इन लोगों को गर्मी के मौसम में अपने स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करनी चाहिए और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ब्लड प्रेशर बिगड़ने के सामान्य संकेत
यदि गर्मियों के दौरान आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हों, तो यह ब्लड प्रेशर में बदलाव का संकेत हो सकता है—
- बार-बार चक्कर आना
- अत्यधिक कमजोरी
- सिरदर्द
- धुंधला दिखाई देना
- दिल की धड़कन तेज होना
- बहुत ज्यादा पसीना आना
- सांस लेने में परेशानी
- सीने में बेचैनी
- अचानक थकावट महसूस होना
- बेहोशी जैसा महसूस होना
यदि ये लक्षण लगातार बने रहें या गंभीर हो जाएं, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।
पर्याप्त पानी पीना क्यों जरूरी है?
गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे महत्वपूर्ण उपाय माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और ब्लड प्रेशर भी स्थिर रहने में मदद मिलती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर पानी पीते रहें। यदि आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं या अधिक पसीना निकलता है, तो पानी की मात्रा और बढ़ा दें।
इसके अलावा निम्न पेय भी फायदेमंद हो सकते हैं—
- नारियल पानी
- छाछ
- नींबू पानी
- बिना अतिरिक्त चीनी वाले ताजे फलों का रस
- सादा पानी
- इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय (डॉक्टर की सलाह अनुसार)
हालांकि मीठे कार्बोनेटेड पेय और अत्यधिक कैफीन वाले ड्रिंक का सेवन सीमित रखना बेहतर माना जाता है।
खानपान का रखें विशेष ध्यान
गर्मी में सही भोजन भी ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारी, तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
अपनी डाइट में शामिल करें—
- मौसमी फल
- तरबूज
- खरबूजा
- खीरा
- ककड़ी
- हरी पत्तेदार सब्जियां
- सलाद
- साबुत अनाज
- जौ
- रागी
- दालें
- दही
यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो नमक का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियंत्रित रखें।
धूप से बचाव भी है जरूरी
गर्मी के दौरान दोपहर के समय तेज धूप शरीर पर सबसे अधिक प्रभाव डालती है। इसलिए कोशिश करें कि सुबह या शाम के समय ही बाहर निकलें।
यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो—
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
- सिर को टोपी या कपड़े से ढकें।
- धूप का चश्मा इस्तेमाल करें।
- पानी की बोतल साथ रखें।
- लंबे समय तक सीधे सूर्य की रोशनी में खड़े न रहें।
ये छोटे-छोटे उपाय शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
व्यायाम करते समय रखें सावधानी
व्यायाम स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन गर्मियों में इसका समय और तरीका बदलना चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि—
- सुबह जल्दी या शाम को एक्सरसाइज करें।
- तेज धूप में वर्कआउट से बचें।
- व्यायाम से पहले और बाद में पर्याप्त पानी पिएं।
- यदि चक्कर या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत आराम करें।
जिन लोगों को पहले से ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी बीमारी है, उन्हें अपनी शारीरिक गतिविधियों के बारे में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
ब्लड प्रेशर की नियमित जांच क्यों जरूरी है?
यदि आप ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं, तो गर्मियों में नियमित रूप से अपना बीपी जांचते रहें। कई बार मौसम बदलने पर शरीर की प्रतिक्रिया भी बदल जाती है और कुछ मरीजों में दवा की आवश्यकता या उसकी मात्रा को लेकर डॉक्टर समीक्षा कर सकते हैं।
बिना चिकित्सकीय सलाह के अपनी दवा बंद करना या उसकी मात्रा बदलना उचित नहीं है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि गर्मी के दौरान निम्न स्थितियां दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें—
- लगातार चक्कर आना
- बार-बार बेहोशी महसूस होना
- सीने में दर्द
- सांस लेने में कठिनाई
- अत्यधिक कमजोरी
- ब्लड प्रेशर का लगातार बहुत अधिक या बहुत कम रहना
- तेज धड़कन के साथ बेचैनी
समय पर इलाज मिलने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
स्वस्थ जीवनशैली से कम किया जा सकता है जोखिम
गर्मी का मौसम अपने साथ कई स्वास्थ्य चुनौतियां लेकर आता है, लेकिन सही दिनचर्या अपनाकर इनसे काफी हद तक बचा जा सकता है। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन करना, धूप से बचना, नियमित ब्लड प्रेशर की जांच करवाना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करना सबसे प्रभावी उपाय माने जाते हैं।
यदि किसी व्यक्ति को पहले से हाई या लो ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो उसे गर्मियों में अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है। वहीं स्वस्थ लोगों को भी मौसम में होने वाले बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही जानकारी, संतुलित जीवनशैली और समय पर सावधानी अपनाकर गर्मियों में भी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखा जा सकता है और हृदय संबंधी गंभीर समस्याओं के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।




