चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने कॉमन कैडर के ग्रुप-डी कर्मचारियों को क्लर्क पद पर पदोन्नति पाने के लिए एक अहम राहत दी है। लंबे समय से विभागीय स्तर पर आ रही अड़चनों के कारण SETC पार्ट-1 परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे पात्र कर्मचारियों के लिए अब रास्ता साफ कर दिया गया है। राज्य के मानव संसाधन विभाग ने सभी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले किसी भी कर्मचारी को कंप्यूटर दक्षता से जुड़ी इस परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाए।
सरकार के इस फैसले से उन हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो वर्तमान में कॉमन कैडर ग्रुप-डी के पदों पर कार्यरत हैं और सेवा में आगे बढ़कर क्लर्क पद पर पदोन्नति हासिल करना चाहते हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पात्र कर्मचारियों को परीक्षा में आवेदन करने या उसमें शामिल होने के दौरान अनावश्यक विभागीय बाधाओं का सामना न करना पड़े।
मानव संसाधन विभाग की ओर से जारी निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को भेजे गए हैं। आदेश का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए SETC पार्ट-1 परीक्षा में भाग लेने का रास्ता विभागीय स्तर पर बंद नहीं किया जा सकता।
सरकार ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब ग्रुप-डी कर्मचारियों की ओर से क्लर्क पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक परीक्षा में शामिल होने को लेकर विभिन्न स्तरों पर कठिनाइयों की शिकायतें सामने आ रही थीं। कर्मचारियों का कहना था कि पात्र होने के बावजूद कई मामलों में विभागीय अनुमति या प्रक्रिया से जुड़ी अड़चनें उनके परीक्षा में बैठने के रास्ते में आ रही थीं। अब सरकार ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देकर इस स्थिति को दूर करने का प्रयास किया है।
हरियाणा में क्लर्क पद पर पदोन्नति से संबंधित व्यवस्था के तहत कॉमन कैडर के ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए SETC पार्ट-1 परीक्षा पास करना महत्वपूर्ण योग्यता निर्धारित की गई है। हरियाणा क्लेरिकल (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2026 के तहत इस परीक्षा को पदोन्नति की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्लर्क पद पर पदोन्नत होने वाले कर्मचारी कंप्यूटर और कार्यालयीन कार्यों से संबंधित आवश्यक दक्षता रखते हों।
सरकार के नए निर्देशों के बाद अब जो कर्मचारी निर्धारित शैक्षणिक एवं सेवा संबंधी पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें SETC पार्ट-1 परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। संबंधित विभाग उन्हें केवल विभागीय स्तर की किसी ऐसी प्रक्रिया के आधार पर परीक्षा से वंचित नहीं कर सकेंगे, जो निर्धारित पात्रता शर्तों में बाधा नहीं बनती हो।
इस फैसले को ग्रुप-डी कर्मचारियों के करियर में आगे बढ़ने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। ग्रुप-डी पदों पर नियुक्त कर्मचारी लंबे समय तक सेवा देने के बाद उच्च पदों पर पदोन्नति की उम्मीद रखते हैं। क्लर्क पद पर पदोन्नति न केवल उनकी जिम्मेदारियों में बदलाव लाती है, बल्कि उनके करियर ग्रोथ और भविष्य की सेवा संभावनाओं को भी प्रभावित करती है।
SETC पार्ट-1 परीक्षा में सफलता हासिल करना इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। ऐसे में परीक्षा में शामिल होने का अवसर ही नहीं मिलने पर कर्मचारी पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया से बाहर हो जाते थे। सरकार के ताजा निर्देश के बाद पात्र कर्मचारियों को कम से कम परीक्षा में अपनी योग्यता साबित करने का मौका मिलेगा।
मानव संसाधन विभाग ने अपने निर्देशों के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट कर दी है। प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों के अलावा मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को भी कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीन आने वाले पात्र कर्मचारी बिना अनावश्यक रुकावट के SETC परीक्षा में हिस्सा ले सकें।
सरकार के आदेश का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें विभागीय स्तर पर परीक्षा में शामिल होने से रोकने की स्थिति को स्पष्ट रूप से संबोधित किया गया है। इसका मतलब है कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित नियमों के तहत परीक्षा देने की पात्रता रखता है तो संबंधित विभाग को उसके लिए परीक्षा में भाग लेने की प्रक्रिया सुगम बनानी होगी।
अधिकारियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि पदोन्नति की पात्रता और परीक्षा में बैठने की पात्रता अलग-अलग प्रक्रियाएं हो सकती हैं। परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मिलने का अर्थ यह नहीं होगा कि कर्मचारी को स्वतः क्लर्क पद पर पदोन्नति मिल जाएगी। पदोन्नति के लिए लागू अन्य सभी सेवा नियमों और निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी रहेगा। हालांकि, परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलने से कर्मचारियों के लिए पदोन्नति प्रक्रिया में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण रास्ता जरूर खुल जाएगा।
सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि कर्मचारी निर्धारित योग्यता रखते हैं तो केवल विभागीय स्तर की प्रक्रिया या अनुमति से जुड़ी वजहों के कारण उन्हें परीक्षा से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मानव संसाधन विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कॉमन कैडर के ग्रुप-डी कर्मचारियों की संख्या काफी अधिक है और इनमें से बड़ी संख्या में कर्मचारी लंबे समय से सेवा में हैं। उनके लिए पदोन्नति के अवसर सीमित होने के कारण क्लर्क पद पर जाने का मौका महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे कर्मचारियों के लिए SETC परीक्षा में बैठने की अनुमति उनके करियर में आगे बढ़ने का आधार बन सकती है।
सरकार के फैसले के बाद अब संबंधित विभागों के सामने पात्र कर्मचारियों की पहचान करने और उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में शामिल कराने की जिम्मेदारी होगी। कर्मचारियों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि वे परीक्षा के लिए निर्धारित सभी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और सेवा संबंधी मानदंड पूरे करते हों। पात्रता पूरी होने की स्थिति में उन्हें परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक विभागीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
मानव संसाधन विभाग की ओर से जारी निर्देशों का असर उन कर्मचारियों पर विशेष रूप से पड़ सकता है जो पहले विभागीय अनुमति या अन्य प्रशासनिक कारणों से SETC पार्ट-1 परीक्षा नहीं दे पा रहे थे। अब उन्हें इस परीक्षा में शामिल होकर अपनी कंप्यूटर दक्षता साबित करने का अवसर मिलेगा।
हरियाणा सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों के बीच भी सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है। ग्रुप-डी से क्लर्क पद पर पदोन्नति का अवसर कर्मचारियों के लिए जिम्मेदारी और पद दोनों में बदलाव का माध्यम बन सकता है। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर आधारित कार्यों और डिजिटल प्रक्रियाओं के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए SETC जैसी परीक्षा के जरिए कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकार की ओर से यह व्यवस्था ऐसे समय में सामने आई है जब सरकारी कार्यालयों में कामकाज तेजी से डिजिटल हो रहा है। फाइलों, रिकॉर्ड, ऑनलाइन सेवाओं और विभागीय पोर्टलों से जुड़े कार्यों में कंप्यूटर का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। ऐसे में क्लर्क स्तर के कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर संबंधी दक्षता आवश्यक मानी जा रही है। SETC पार्ट-1 परीक्षा इसी क्षमता को परखने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
नई व्यवस्था के तहत सरकार ने एक तरफ परीक्षा को पदोन्नति की आवश्यक योग्यता के रूप में बनाए रखा है, वहीं दूसरी तरफ पात्र कर्मचारियों को परीक्षा देने का अवसर सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। इससे कर्मचारियों के बीच यह स्पष्टता भी आएगी कि पदोन्नति के लिए आवश्यक परीक्षा में शामिल होने से उन्हें केवल विभागीय स्तर की अनावश्यक अड़चन के कारण वंचित नहीं किया जाएगा।
हालांकि, कर्मचारियों के लिए यह भी जरूरी होगा कि वे केवल परीक्षा में शामिल होने पर निर्भर न रहें, बल्कि पदोन्नति से जुड़े सभी नियमों और आवश्यकताओं को पूरा करें। SETC पार्ट-1 पास करने के बाद भी पदोन्नति की प्रक्रिया में अन्य निर्धारित शर्तें लागू रहेंगी।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह निर्देश कॉमन कैडर ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक राहत के रूप में सामने आया है। SETC पार्ट-1 परीक्षा में शामिल होने की राह में आ रही विभागीय अड़चनों को दूर करने के निर्देश से पात्र कर्मचारियों को अब अपनी योग्यता साबित करने का समान अवसर मिल सकेगा। इसके बाद परीक्षा पास करने वाले कर्मचारी क्लर्क पद पर पदोन्नति की निर्धारित प्रक्रिया में आगे बढ़ सकेंगे।
सरकार के इस फैसले से न केवल कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी संभावनाएं बेहतर होंगी, बल्कि सरकारी विभागों में कंप्यूटर दक्षता रखने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि संबंधित विभाग इन निर्देशों को कितनी तेजी से लागू करते हैं और पात्र ग्रुप-डी कर्मचारियों को SETC पार्ट-1 परीक्षा में शामिल होने की सुविधा कितनी जल्दी उपलब्ध कराई जाती है।




