जींद: हरियाणा के जींद जिले में 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री इस दौरे के दौरान देश की महत्वाकांक्षी हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना से जुड़े कार्यों के साथ जींद और नरवाना रेलवे जंक्शन की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ कर सकते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से कार्यक्रम की अंतिम आधिकारिक समय-सारिणी और आयोजन स्थल की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जिला प्रशासन, रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए तैयारियों का दायरा बढ़ा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, संभावित कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पिछले कई दिनों से व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, रेलवे परियोजनाओं की तैयारियां, मंच निर्माण, पार्किंग, जनसभा की संभावित व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं सहित सभी पहलुओं पर विस्तार से काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे तैयारियों की समीक्षा
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का जींद दौरा भी प्रस्तावित है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, रेलवे और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सभी विभागों से तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट लेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे ताकि संभावित कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा न आए।
इसके साथ ही भाजपा संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक प्रस्तावित बताई जा रही है, जिसमें कार्यक्रम के दौरान संगठन की जिम्मेदारियों और जनसंपर्क व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी।
भाजपा प्रदेश नेतृत्व भी रहेगा सक्रिय
मुख्यमंत्री के साथ भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के भी जींद पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार प्रदेश नेतृत्व संभावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करेगा तथा संगठन स्तर पर चल रही तैयारियों की समीक्षा करेगा। पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने, कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भाजपा संगठन का प्रयास है कि प्रशासन और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बना रहे ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
आयोजन स्थल को लेकर अभी अंतिम फैसला बाकी
प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम के लिए फिलहाल दो प्रमुख स्थानों पर विचार किया जा रहा है।
इनमें—
- एकलव्य स्टेडियम
- चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) परिसर का मैदान
शामिल हैं।
अधिकारियों द्वारा दोनों स्थानों की क्षमता, सुरक्षा मानकों, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, मंच निर्माण, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि अंतिम निर्णय सुरक्षा एजेंसियों और तकनीकी टीम की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
जैसे ही आयोजन स्थल तय होगा, वहां बैरिकेडिंग, मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, मीडिया सेंटर, वीआईपी जोन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।
हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना पर रहेगा विशेष ध्यान
प्रस्तावित कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना को माना जा रहा है।
भारत रेलवे क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी क्रम में हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित ट्रेनों को भविष्य की आधुनिक रेल व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
यदि कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होता है, तो इस परियोजना से जुड़े कार्यों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जा सकता है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित रेल परिवहन भविष्य में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जींद और नरवाना रेलवे जंक्शन की परियोजनाओं का भी हो सकता है शुभारंभ
हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के अलावा जींद और नरवाना रेलवे जंक्शन से जुड़ी विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित बताया जा रहा है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाना तथा परिचालन क्षमता में सुधार करना है।
सूत्रों के अनुसार स्टेशन परिसरों में यात्री सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत संरचना के उन्नयन तथा रेलवे सेवाओं को अधिक आधुनिक बनाने से संबंधित कई कार्यों को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सकता है।
हालांकि किन-किन परियोजनाओं का उद्घाटन होगा, इसकी आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं की गई है।
लगातार निरीक्षण कर रहे हैं वरिष्ठ अधिकारी
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए रेलवे और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के दौरे लगातार जारी हैं।
सबसे पहले रेलवे मंडल प्रबंधक (डीआरएम) पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने जींद पहुंचकर रेलवे परियोजनाओं और तैयारियों की समीक्षा की।
इसके बाद हिसार रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कुलदीप सिंह यादव ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
हाल ही में रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने भी जींद पहुंचकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की तथा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
लगातार हो रहे इन निरीक्षणों से स्पष्ट है कि रेलवे प्रशासन कार्यक्रम को लेकर किसी भी प्रकार की कमी नहीं छोड़ना चाहता।
सुरक्षा एजेंसियां पहले से हुईं सक्रिय
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
जिला पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), विशेष सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन संयुक्त रूप से सुरक्षा योजना तैयार कर रहे हैं।
संभावित कार्यक्रम स्थल, रेलवे स्टेशन, प्रधानमंत्री के संभावित मार्ग और आसपास के क्षेत्रों का सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है।
इसके अलावा—
- प्रवेश एवं निकास मार्ग
- पार्किंग व्यवस्था
- भीड़ नियंत्रण
- आपातकालीन निकासी
- वीआईपी मूवमेंट
- चिकित्सा सहायता
जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अलग-अलग विभाग कार्य कर रहे हैं।
जिला प्रशासन ने बढ़ाई तैयारियां
जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठकों का सिलसिला तेज कर दिया है।
इन बैठकों में बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद, परिवहन विभाग, अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस, अग्निशमन व्यवस्था, साफ-सफाई और यातायात नियंत्रण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
संगठन स्तर पर भी बढ़ी गतिविधियां
प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर भाजपा संगठन भी सक्रिय हो गया है।
पार्टी के विभिन्न पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
संभावित कार्यक्रम में संगठन की भूमिका, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां और जनसंपर्क गतिविधियों को लेकर भी तैयारियां चल रही हैं।
प्रदेश नेतृत्व का प्रयास है कि कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और संगठन के बीच बेहतर समन्वय बना रहे तथा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हों।
आधिकारिक कार्यक्रम का अभी भी इंतजार
हालांकि तैयारियां तेजी से जारी हैं, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं किया गया है।
फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्रधानमंत्री केवल रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे या इसके साथ किसी सार्वजनिक सभा को भी संबोधित करेंगे।
इसके अलावा अंतिम आयोजन स्थल और समय-सारिणी की पुष्टि भी आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
प्रशासन का कहना है कि जैसे ही आधिकारिक कार्यक्रम प्राप्त होगा, उसी के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
रेलवे परियोजनाओं और विकास कार्यों पर टिकी हैं उम्मीदें
जींद में प्रस्तावित प्रधानमंत्री दौरे को जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेलवे से जुड़ी विकास परियोजनाओं, हाइड्रोजन ट्रेन पहल और आधारभूत ढांचे के विस्तार से संबंधित संभावित घोषणाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्सुकता बनी हुई है। फिलहाल प्रशासन, रेलवे, सुरक्षा एजेंसियां और संबंधित विभाग समन्वित रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की समीक्षा बैठक के बाद कार्यक्रम की तैयारियों को और गति मिलने की संभावना है, जबकि अंतिम आधिकारिक कार्यक्रम जारी होने के बाद आयोजन स्थल, समय और शामिल परियोजनाओं की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।




