तीन महीने की साजिश के बाद वारदात: इन्फ्लुएंसर कमल कौर केस में मुख्य आरोपी के सनसनीखेज खुलासे

तीन महीने की साजिश के बाद वारदात: इन्फ्लुएंसर कमल कौर केस में मुख्य आरोपी के सनसनीखेज खुलासे

लुधियाना की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कमल कौर उर्फ कंचन कुमारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि महीनों से रची गई एक सुनियोजित साजिश का परिणाम थी।

जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले करीब तीन महीनों से पीड़िता की गतिविधियों पर नजर रख रहा था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी दिनचर्या, घर और संपर्कों की पूरी जानकारी जुटाई। कई दिनों तक उसकी रेकी की गई ताकि वारदात को अंजाम देने में कोई चूक न हो।

आरोपी ने कंचन को फंसाने के लिए कार शोरूम प्रमोशन का झांसा दिया। शुरुआत में उसने मना किया, लेकिन बार-बार संपर्क करने और कार मरम्मत का बहाना बनाकर उसे विश्वास में ले लिया गया। 9 जून को उसे लुधियाना से बठिंडा ले जाया गया, जहां पहले सामान्य गतिविधियों के जरिए शक दूर किया गया।

देर रात सुनसान स्थान पर ले जाकर आरोपियों ने उससे मोबाइल का पासवर्ड लिया और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में हुई। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को कार सहित अस्पताल की पार्किंग में छोड़ दिया गया, ताकि मामला सामान्य लगे।

हालांकि, एक अहम सबूत कार में ही छूट गया, जिससे जांच को दिशा मिली। बाद में आरोपी सबूत मिटाने लौटा, लेकिन तब तक पुलिस केस की कड़ी जोड़ चुकी थी।

हत्या के तुरंत बाद आरोपी देश छोड़कर भाग गया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सहयोग से उसे विदेश में पकड़ लिया गया और भारत लाया गया। उसकी गिरफ्तारी को इस मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार आरोपी का अतीत भी विवादों से जुड़ा रहा है और उसकी कट्टर सोच इस अपराध के पीछे एक अहम कारण मानी जा रही है। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।