‘दृश्यम 3’ के बाद भी खुल सकती है नई कहानी! अजय-तब्बू के बयान ने बढ़ाया सस्पेंस, क्या नए परिवार के साथ लौटेगा ‘दृश्यम’?

‘दृश्यम 3’ के बाद भी खुल सकती है नई कहानी! अजय-तब्बू के बयान ने बढ़ाया सस्पेंस, क्या नए परिवार के साथ लौटेगा ‘दृश्यम’?

बॉलीवुड की चर्चित सस्पेंस-थ्रिलर फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ एक बार फिर सुर्खियों में है। विजय सालगांवकर की कहानी ने पिछले करीब एक दशक में दर्शकों के बीच ऐसी जगह बनाई है कि फिल्म से जुड़ी छोटी-सी जानकारी भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बन जाती है। अब जब ‘दृश्यम 3’ को फ्रेंचाइजी की आखिरी फिल्म यानी ‘द कन्क्लूजन’ बताया जा रहा है, तब एक बड़ा सवाल सामने खड़ा हो गया है—क्या वाकई इस कहानी का सफर यहीं खत्म हो जाएगा?

फिल्म की टीम भले ही ‘दृश्यम 3’ को कहानी का अंतिम अध्याय बता रही हो, लेकिन अजय देवगन और तब्बू के हालिया बयानों ने भविष्य को लेकर एक उम्मीद जरूर जगा दी है। दोनों कलाकारों ने जिस अंदाज में फिल्म के खत्म होने और आगे की संभावनाओं पर बात की, उससे यह संकेत मिला कि पर्दे पर विजय सालगांवकर की कहानी का अंत भले हो जाए, लेकिन ‘दृश्यम’ नाम से जुड़ा यूनिवर्स आगे भी किसी नए रूप में दिखाई दे सकता है।

दरअसल, हाल ही में गोवा में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च से जुड़े कार्यक्रम में कलाकारों और मेकर्स ने ‘दृश्यम 3’ को लेकर कई बातें साझा कीं। इसी दौरान जब फिल्म को अंतिम कड़ी बताए जाने पर सवाल किया गया, तो तब्बू के जवाब ने पूरी चर्चा को एक अलग दिशा दे दी।

तब्बू ने ऐसा क्या कह दिया?

फिल्म में आईजी मीरा देशमुख का किरदार निभाने वाली तब्बू से जब पूछा गया कि क्या ‘दृश्यम 3’ के बाद इस फ्रेंचाइजी को अलविदा कह दिया जाएगा, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में ऐसा जवाब दिया जिसने वहां मौजूद लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया।

तब्बू ने फिल्म के निर्माता कुमार मंगत पाठक की ओर इशारा करते हुए कहा कि जब तक मेकर्स उन्हें लिखित तौर पर यह नहीं दे देते कि यही आखिरी फिल्म है, तब तक वह इसे अंतिम नहीं मानेंगी। अभिनेत्री ने मजाक करते हुए यह भी कहा कि ऐसा हो सकता है कि किसी दिन निर्माता की ओर से फोन आए और निर्देशक अभिषेक कोई ऐसा आइडिया लेकर सामने आ जाएं, जिससे ‘दृश्यम 4’ की कहानी तैयार हो सके।

तब्बू की इस बात को भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में कहा गया हो, लेकिन फ्रेंचाइजी के प्रशंसकों ने इसमें भविष्य की संभावना तलाश ली है। आखिरकार ‘दृश्यम’ की दुनिया में एक नया केस, नया परिवार और नया रहस्य जोड़ने की गुंजाइश हमेशा मौजूद रहती है।

यही वजह है कि अब चर्चा सिर्फ इस बात की नहीं हो रही कि ‘दृश्यम 3’ में विजय और मीरा की कहानी किस मुकाम पर पहुंचेगी, बल्कि यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या तीसरी फिल्म के बाद इसी फॉर्मेट को नए किरदारों के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है।

विजय सालगांवकर की कहानी के बाद क्या होगा?

‘दृश्यम’ की सबसे बड़ी खासियत इसका सस्पेंस और परिवार के इर्द-गिर्द बुना गया अपराध-कथा का ढांचा रहा है। विजय सालगांवकर अपने परिवार को बचाने के लिए जिस तरह पुलिस की जांच से बचने की योजना बनाता है, उसने दर्शकों को शुरुआत से ही बांधकर रखा।

फिल्म की कहानी में आम परिवार, अपराध, पुलिस जांच और लगातार बढ़ते तनाव का ऐसा मिश्रण देखने को मिला, जिसने इसे बाकी क्राइम थ्रिलर फिल्मों से अलग पहचान दी। अजय देवगन के विजय सालगांवकर और तब्बू की मीरा देशमुख के बीच टकराव इस फ्रेंचाइजी की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक रहा है।

अब तीसरी फिल्म के साथ इस टकराव को एक निष्कर्ष तक पहुंचाने की बात कही जा रही है। लेकिन अगर विजय और मीरा की कहानी वास्तव में खत्म हो जाती है, तो भी ‘दृश्यम’ के फॉर्मेट को पूरी तरह समाप्त करना जरूरी नहीं होगा।

मेकर्स चाहें तो आगे किसी दूसरे परिवार को केंद्र में रख सकते हैं। नया शहर, नया परिवार, नया अपराध, नई पुलिस जांच और एक ऐसा रहस्य जिसे दर्शक फिल्म के अंत तक सुलझाने की कोशिश करते रहें—इस फॉर्मूले के जरिए फ्रेंचाइजी को नई दिशा दी जा सकती है।

नए परिवार के साथ शुरू हो सकती है नई कहानी

फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह की चर्चाएं पहले भी सामने आती रही हैं कि किसी लोकप्रिय फ्रेंचाइजी को उसके मूल किरदारों से आगे बढ़ाया जा सकता है। ‘दृश्यम’ के मामले में भी यही मॉडल काम कर सकता है।

अगर तीसरी फिल्म विजय सालगांवकर के परिवार की कहानी को पूर्ण विराम देती है, तो जरूरी नहीं कि ‘दृश्यम’ का पूरा यूनिवर्स भी समाप्त हो जाए। मेकर्स उसी नाम और उसी सस्पेंस वाले फॉर्मेट को बरकरार रखते हुए एक बिल्कुल नई कहानी पेश कर सकते हैं।

मान लीजिए किसी नए परिवार से जुड़ा कोई अपराध सामने आता है और परिवार का मुखिया पुलिस से बचने के लिए ऐसा प्लान बनाता है जिसे समझना जांच अधिकारियों के लिए मुश्किल हो। कहानी में धीरे-धीरे नए सुराग सामने आएं, दर्शकों को कई बार लगे कि अब राज खुलने वाला है, लेकिन आखिरी क्षण में कोई नया ट्विस्ट सबकुछ बदल दे। इस तरह की कहानी ‘दृश्यम’ की पहचान से जुड़ी हुई है और इसे नए किरदारों के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मेकर्स ने ऐसी किसी अगली कहानी पर आधिकारिक रूप से काम शुरू किया है या नहीं। इसलिए नए परिवार वाली चर्चा को अभी संभावना और इंडस्ट्री की अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

अजय देवगन के जवाब ने भी छोड़ी उम्मीद

जहां तब्बू ने मजाकिया अंदाज में चौथी फिल्म की संभावना का जिक्र किया, वहीं अजय देवगन ने भी ऐसा जवाब दिया जिसने इस चर्चा को और हवा दे दी।

जब अभिनेता से पूछा गया कि क्या ‘दृश्यम 3’ के बाद फ्रेंचाइजी पूरी तरह खत्म हो जाएगी, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल यह फिल्म कहानी का अंत है, लेकिन भविष्य में कुछ भी संभव हो सकता है।

अजय का यह जवाब बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने एक तरफ तीसरी फिल्म को मौजूदा कहानी का अंतिम पड़ाव बताया, वहीं दूसरी ओर आगे की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया। यही बात फैंस को सबसे ज्यादा उत्साहित कर रही है।

अगर किसी फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म के बाद भी उसके कलाकार और निर्माता भविष्य के दरवाजे को पूरी तरह बंद नहीं करते, तो दर्शकों के लिए उम्मीद बनी रहती है कि कभी न कभी इस दुनिया में वापसी हो सकती है।

‘द कन्क्लूजन’ नाम से क्यों बढ़ी उत्सुकता?

‘दृश्यम 3’ के साथ ‘द कन्क्लूजन’ टैग जुड़ने के बाद से ही दर्शकों में उत्सुकता काफी बढ़ी हुई है। इसका सीधा मतलब यही निकाला जा रहा है कि विजय सालगांवकर की कहानी को इस बार निर्णायक मोड़ तक पहुंचाया जाएगा।

फैंस लंबे समय से यह जानना चाहते हैं कि विजय और उसका परिवार आखिरकार पुलिस की पकड़ से पूरी तरह बाहर निकल पाएगा या नहीं। दूसरी तरफ मीरा देशमुख के लिए भी यह केस सिर्फ एक सामान्य जांच नहीं रहा है। विजय के खिलाफ सबूत तलाशने की उसकी कोशिशों ने पूरी फ्रेंचाइजी को लगातार तनावपूर्ण बनाए रखा है।

तीसरी फिल्म में इन दोनों पक्षों के बीच चल रही मानसिक जंग किस निष्कर्ष पर पहुंचती है, यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। मेकर्स कहानी का अंत किस तरह करते हैं, यह फिल्म की रिलीज के बाद ही साफ होगा।

बॉक्स ऑफिस भी तय करेगा फ्रेंचाइजी का भविष्य?

किसी भी फिल्म फ्रेंचाइजी को आगे बढ़ाने में दर्शकों की प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की बड़ी भूमिका होती है। ‘दृश्यम’ ने अपने पिछले अध्यायों के जरिए दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। ऐसे में अगर तीसरी फिल्म भी दर्शकों को पसंद आती है और बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करती है, तो भविष्य में इस ब्रांड को किसी नए तरीके से इस्तेमाल करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि, सिर्फ कमाई के आधार पर चौथी फिल्म बनना तय नहीं माना जा सकता। एक मजबूत कहानी, नए किरदारों के लिए सही स्क्रीनप्ले और दर्शकों को दोबारा चौंकाने वाला सस्पेंस भी उतना ही जरूरी होगा।

अजय देवगन और तब्बू की जोड़ी ने इस फ्रेंचाइजी को जो पहचान दी है, उसे नए कलाकारों के साथ दोहराना मेकर्स के लिए आसान चुनौती नहीं होगी। इसलिए अगर कभी ‘दृश्यम 4’ या इससे जुड़ी कोई नई फिल्म बनती है, तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि वह पुरानी फिल्मों की लोकप्रियता को दोहराने के बजाय अपनी अलग पहचान कैसे बनाएगी।

फिलहाल कहानी का अंत, लेकिन दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं

अभी की स्थिति में ‘दृश्यम 3’ को विजय सालगांवकर की कहानी का अंतिम अध्याय ही माना जा रहा है। मेकर्स ने इसे ‘द कन्क्लूजन’ के तौर पर पेश किया है और कहानी को एक निर्णायक मुकाम तक ले जाने की तैयारी है।

लेकिन तब्बू का मजाकिया बयान और अजय देवगन का ‘आगे कुछ भी हो सकता है’ वाला जवाब यह जरूर बताता है कि भविष्य की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है।

हो सकता है कि तीसरी फिल्म के बाद विजय सालगांवकर और मीरा देशमुख की कहानी पर पर्दा गिर जाए। लेकिन ‘दृश्यम’ नाम की दुनिया के लिए शायद कहानी का दरवाजा पूरी तरह बंद न हो। अगर मेकर्स को कोई दमदार आइडिया मिलता है, तो संभव है कि आने वाले समय में किसी नए परिवार और नए रहस्य के साथ दर्शकों को फिर से उसी तरह के सस्पेंस की दुनिया में ले जाया जाए।

फिलहाल फैंस की नजर ‘दृश्यम 3’ पर है। असली जवाब फिल्म देखने के बाद ही मिलेगा कि यह वाकई ‘द कन्क्लूजन’ है या फिर मेकर्स ने भविष्य के लिए जानबूझकर कोई ऐसा रास्ता खुला छोड़ा है, जहां से इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की अगली कहानी कभी भी सामने आ सकती है।