पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती पर जननायक जनता पार्टी ने शुक्रवार को हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। ऐलनाबाद के गांव शक्कर मंदोरी में जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने चौधरी देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए देवीलाल के राजनीतिक जीवन और जनहित से जुड़ी पहलों को याद किया।
प्रदेशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने चौधरी देवीलाल की प्रतिमाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। जेजेपी की ओर से पहले ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रमों की तैयारी की गई थी।
डॉ. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल का राजनीतिक जीवन आम लोगों से जुड़े मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा। उन्होंने कहा कि देवीलाल ने जिन नीतियों की कल्पना की, उन्हें लागू कराने के लिए भी प्रयास किए और उनकी राजनीति का केंद्र समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग रहे।
शक्कर मंदोरी में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. चौटाला ने देवीलाल से जुड़ी कई योजनाओं और फैसलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि काम के बदले अनाज जैसी योजना के माध्यम से ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने रेडियो, साइकिल और ट्रैक्टरों पर टैक्स हटाने, गांवों में हरिजन चौपालों के निर्माण तथा बुजुर्गों के लिए पेंशन शुरू किए जाने जैसे फैसलों का भी जिक्र किया।
जनकल्याण की नीतियों को आगे बढ़ाने का दावा
डॉ. अजय चौटाला ने कहा कि जेजेपी चौधरी देवीलाल की विचारधारा को आधार मानकर जनहित के मुद्दों पर काम कर रही है। उन्होंने पार्टी के कार्यकाल के दौरान किसानों, श्रमिक वर्ग, युवाओं और महिलाओं से संबंधित उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के कार्यकाल में भी इन वर्गों से जुड़े मुद्दों पर कई नीतिगत फैसले किए गए। जेजेपी नेताओं का कहना है कि चौधरी देवीलाल की राजनीति में आम आदमी की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाती थी और पार्टी उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
दुष्यंत चौटाला ने स्टेडियम में दी श्रद्धांजलि
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने गुरुग्राम स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देवीलाल का जीवन संघर्ष, सादगी, किसान हित और जनसेवा से जुड़ा रहा। उनके अनुसार देवीलाल ने किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न वर्गों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रखा।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल ने हरियाणा की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और बाद में राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि देवीलाल के विचार आज भी सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
गुरुग्राम में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। समकालीन रिपोर्टिंग के अनुसार, 113वीं जयंती के अवसर पर राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जेजेपी की ओर से श्रद्धांजलि और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बृज शर्मा ने जनसेवा को बताया श्रद्धांजलि का माध्यम
जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा ने चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने किसानों, श्रमिकों और जरूरतमंद लोगों की आवाज को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देवीलाल की जयंती पर उनके बताए रास्ते पर चलने और जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी नेता की विरासत केवल स्मरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज से जुड़े कार्यों के माध्यम से उसके विचारों को आगे बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए।
दिग्विजय ने स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा देवीलाल का जीवन
जेजेपी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने भी चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देवीलाल कम उम्र में ही स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे और आजादी के बाद भी जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे।
दिग्विजय चौटाला ने देवीलाल से जुड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए बुजुर्गों की पेंशन और महिलाओं के लिए जच्चा-बच्चा योजना जैसी पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देवीलाल की राजनीति का आधार आम लोगों से जुड़ी समस्याएं थीं।
उन्होंने कहा कि देवीलाल के फैसलों की दिशा गांवों और आम लोगों की जरूरतों से तय होती थी। उनके अनुसार, गांव और ग्रामीण समाज की समस्याओं को समझकर नीतियां बनाने की यही शैली देवीलाल की राजनीति को अलग पहचान देती थी।
प्रदेशभर में प्रतिमाओं पर कार्यक्रम
जेजेपी की ओर से चौधरी देवीलाल की जयंती पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम किए गए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रतिमाओं की साफ-सफाई कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और स्थानीय स्तर पर सभाओं का आयोजन किया। जयंती से पहले पार्टी ने विभिन्न स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं के आसपास तैयारियां भी की थीं।
कार्यक्रमों में पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चौधरी देवीलाल के जीवन और उनके सार्वजनिक योगदान को याद किया। कई स्थानों पर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
जेजेपी के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. केसी बांगड़, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लितानी, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव राधेश्याम शर्मा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने भी अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लिया और चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि दी।
जेजेपी ने बताई राजनीतिक विरासत
जेजेपी नेताओं ने जयंती कार्यक्रमों के दौरान चौधरी देवीलाल की राजनीतिक विरासत को पार्टी की विचारधारा से जोड़ते हुए किसानों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने कहा कि देवीलाल का सार्वजनिक जीवन ग्रामीण समाज और आम लोगों की समस्याओं के बीच से निकला था।
शक्कर मंदोरी में प्रतिमा के अनावरण के साथ जेजेपी ने जयंती कार्यक्रमों की शुरुआत को प्रमुख रूप दिया। वहीं गुरुग्राम सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए।
जयंती के अवसर पर पार्टी नेताओं के संबोधनों में देवीलाल की नीतियों, सामाजिक कल्याण से जुड़े फैसलों और ग्रामीण समाज के साथ उनके जुड़ाव का उल्लेख प्रमुखता से किया गया। जेजेपी नेताओं ने कहा कि चौधरी देवीलाल के नाम और उनके राजनीतिक योगदान को याद करने के साथ-साथ जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहना ही उनके प्रति सम्मान का माध्यम है।




