पूर्व उपप्रधानमंत्री और हरियाणा के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में शामिल चौधरी देवीलाल की 113वीं जयंती के अवसर पर 25 सितंबर 2026 को जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) की ओर से हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर उनकी प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उनके सार्वजनिक जीवन और जनहित से जुड़े कार्यों को याद किया। जयंती कार्यक्रमों के दौरान किसानों, ग्रामीण समाज, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों से संबंधित मुद्दों का उल्लेख प्रमुखता से किया गया।
जेजेपी के कार्यक्रमों में ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव शक्कर मंदोरी का आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने चौधरी देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण किया। इससे पहले पार्टी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित देवीलाल की प्रतिमाओं की साफ-सफाई और कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी करने की जानकारी दी थी। जेजेपी ने जयंती के अवसर पर स्थानीय स्तर पर सभाओं और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों का भी आयोजन किया।
शक्कर मंदोरी में प्रतिमा का अनावरण
ऐलनाबाद के गांव शक्कर मंदोरी में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. अजय सिंह चौटाला ने चौधरी देवीलाल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में चौधरी देवीलाल के राजनीतिक जीवन, ग्रामीण समाज के साथ उनके जुड़ाव और उनके कार्यकाल के दौरान लागू की गई विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों का उल्लेख किया गया। प्रतिमा अनावरण को जेजेपी ने चौधरी देवीलाल की जयंती के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल किया था।
डॉ. अजय सिंह चौटाला ने अपने संबोधन में चौधरी देवीलाल की राजनीति को आम लोगों की समस्याओं से जोड़ते हुए कई पुराने फैसलों और योजनाओं का उल्लेख किया। जेजेपी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उन्होंने काम के बदले अनाज की योजना, रेडियो, साइकिल और ट्रैक्टरों पर टैक्स से जुड़े फैसलों, गांवों में चौपालों के निर्माण तथा बुजुर्गों के लिए पेंशन जैसी पहलों का जिक्र किया।
इन योजनाओं का उल्लेख करते हुए डॉ. चौटाला ने कहा कि चौधरी देवीलाल की राजनीति में जरूरतमंद और ग्रामीण समाज के मुद्दों को महत्व दिया जाता था। ये बातें उनके 25 सितंबर के संबोधन में पार्टी द्वारा जारी विवरण के अनुसार कही गईं।
ग्रामीण समाज और जनहित से जुड़ी राजनीति का उल्लेख
चौधरी देवीलाल का राजनीतिक जीवन हरियाणा के ग्रामीण समाज और किसान राजनीति से लंबे समय तक जुड़ा रहा। उनके सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते समय जेजेपी नेता विशेष रूप से किसानों, श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित विषयों को सामने रखते हैं।
जयंती के अवसर पर भी पार्टी नेताओं के संबोधनों में यही मुद्दे दिखाई दिए। डॉ. अजय सिंह चौटाला ने कहा कि देवीलाल ने जिन नीतियों की कल्पना की, उन्हें लागू कराने की दिशा में भी काम किया। जेजेपी के अनुसार, उनके लिए राजनीतिक निर्णयों का संबंध आम लोगों की जरूरतों से था।
ऐतिहासिक संदर्भ में उपलब्ध जानकारी के अनुसार चौधरी देवीलाल का जन्म 25 सितंबर 1914 को सिरसा क्षेत्र के तेजाखेड़ा गांव में हुआ था। वे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और बाद में हरियाणा की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाई। वे हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे और 1989 में भारत के उपप्रधानमंत्री बने।
बुजुर्गों की पेंशन और सामाजिक योजनाओं का जिक्र
जयंती कार्यक्रमों में बुजुर्गों से संबंधित सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया। दिग्विजय सिंह चौटाला ने अपने संबोधन में चौधरी देवीलाल से जुड़ी बुजुर्गों की पेंशन और महिलाओं के लिए जच्चा-बच्चा योजना का उल्लेख किया। उनके अनुसार, देवीलाल की नीतियों में समाज के उन वर्गों की समस्याओं को महत्व दिया जाता था जिन्हें सरकारी सहायता की आवश्यकता होती थी।
चौधरी देवीलाल से जुड़ी सामाजिक कल्याण योजनाओं का उल्लेख हरियाणा की राजनीतिक चर्चा में लंबे समय से होता रहा है। विशेष रूप से वृद्धावस्था सम्मान भत्ता को उनके कार्यकाल से जुड़ी प्रमुख सामाजिक नीतियों में गिना जाता है। हालांकि अलग-अलग स्रोत इन योजनाओं की शुरुआत और विस्तार के संदर्भ में अलग-अलग विवरण देते हैं, इसलिए जयंती कार्यक्रमों में किए गए दावों को संबंधित नेताओं के बयानों के रूप में देखना अधिक उपयुक्त है।
गुरुग्राम में ताऊ देवीलाल स्टेडियम में श्रद्धांजलि
गुरुग्राम स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में भी 113वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि और जयंती समारोह आयोजित किया गया। यहां पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में जेजेपी के वरिष्ठ नेताओं, जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।
दुष्यंत चौटाला ने अपने संबोधन में चौधरी देवीलाल के जीवन को संघर्ष, सादगी, किसान हित और जनसेवा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि देवीलाल ने किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न सामाजिक वर्गों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनाया।
उनके संबोधन में चौधरी देवीलाल के हरियाणा की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक के सफर का भी उल्लेख हुआ। दुष्यंत चौटाला के अनुसार, ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर देवीलाल ने प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई और बाद में राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गुरुग्राम कार्यक्रम में पार्टी नेताओं की मौजूदगी
ताऊ देवीलाल स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में दुष्यंत चौटाला के अलावा जेजेपी के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. केसी बांगड़ सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चौधरी देवीलाल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देना और उनके सार्वजनिक जीवन को याद करना था।
जेजेपी के अलग-अलग नेताओं ने अपने संबोधनों में देवीलाल की राजनीतिक शैली और जनसरोकारों से जुड़े उनके काम का उल्लेख किया। पार्टी की ओर से जारी बयान में भी जयंती कार्यक्रमों को प्रदेशभर में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।
बृज शर्मा ने जनसेवा को बताया श्रद्धांजलि का माध्यम
जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा ने करनाल में आयोजित कार्यक्रम में चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने किसानों, श्रमिकों और जरूरतमंद लोगों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि देवीलाल के विचारों और जनसेवा से जुड़ी राजनीतिक परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
बृज शर्मा के अनुसार, किसी सार्वजनिक व्यक्ति की विरासत को केवल जयंती या स्मृति कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक कार्यों और जनसरोकार से जुड़े विषयों के माध्यम से याद किया जाना चाहिए। उनका यह बयान जेजेपी द्वारा जारी 25 सितंबर के कार्यक्रम विवरण में शामिल है।
करनाल के कार्यक्रम के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चौधरी देवीलाल की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित किए। स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके राजनीतिक जीवन और सामाजिक नीतियों का उल्लेख किया गया।
दिग्विजय सिंह चौटाला ने स्वतंत्रता आंदोलन का किया उल्लेख
जेजेपी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने चौधरी देवीलाल के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े जीवन का उल्लेख किया। पार्टी की ओर से जारी बयान के मुताबिक उन्होंने कहा कि देवीलाल कम उम्र में ही आजादी के आंदोलन से जुड़े थे और स्वतंत्रता के बाद भी आम लोगों से जुड़े विषयों को उठाते रहे।
दिग्विजय चौटाला ने बुजुर्गों की पेंशन और महिलाओं के लिए जच्चा-बच्चा योजना जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, देवीलाल के निर्णयों का आधार ग्रामीण समाज और आम लोगों की समस्याएं थीं।
इस संबोधन में उन्होंने प्रशासनिक निर्णयों और स्थानीय जरूरतों के बीच संबंध की बात भी रखी। जेजेपी के अनुसार, दिग्विजय चौटाला ने कहा कि देवीलाल की राजनीति में गांव और आम लोगों की समस्याओं को समझना महत्वपूर्ण था। ये विचार पार्टी द्वारा जारी उनके बयान में दर्ज हैं।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
जेजेपी ने 113वीं जयंती से पहले प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना घोषित की थी। पार्टी के अनुसार, 25 सितंबर को विभिन्न जिलों में स्थित चौधरी देवीलाल की प्रतिमाओं की साफ-सफाई की गई और वहां श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं। कुछ स्थानों पर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम भी रखे गए।
जयंती कार्यक्रमों की तैयारियों की जानकारी पार्टी ने सितंबर के पहले हिस्से में भी दी थी। उस समय बताया गया था कि ऐलनाबाद के शक्कर मंदोरी में प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा और सिरसा में जेजेपी के जिला कार्यालय का उद्घाटन भी कार्यक्रमों का हिस्सा रहेगा।
इस तरह 25 सितंबर का आयोजन केवल एक केंद्रीय कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय पार्टी इकाइयों ने अपनी-अपनी जगह पर कार्यक्रम आयोजित किए और कार्यकर्ताओं ने चौधरी देवीलाल को श्रद्धांजलि दी।
पंचकूला सहित अन्य स्थानों पर भी आयोजन
पंचकूला में भी चौधरी देवीलाल की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय जेजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर उनके सार्वजनिक जीवन को याद किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पंचकूला स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में भी जयंती कार्यक्रम आयोजित हुआ।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुए इन आयोजनों में कार्यक्रमों का स्वरूप स्थानीय स्तर पर अलग रहा, लेकिन अधिकांश सभाओं में किसानों, ग्रामीण समाज, श्रमिकों और सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों का उल्लेख किया गया।
चौधरी देवीलाल की राजनीतिक विरासत पर चर्चा
चौधरी देवीलाल की जयंती हर वर्ष हरियाणा की राजनीति में उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक विरासत को याद करने का अवसर बनती है। 2026 में 113वीं जयंती के अवसर पर भी जेजेपी नेताओं के संबोधनों में उनके किसान हित, ग्रामीण समाज और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यों पर चर्चा हुई।
चौधरी देवीलाल हरियाणा के उन नेताओं में रहे जिन्होंने प्रदेश की राजनीति के साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी भूमिका निभाई। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार वे दो बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे और 1989 में उपप्रधानमंत्री बने। उनका सार्वजनिक जीवन स्वतंत्रता आंदोलन से शुरू होकर कई दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहा।
उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल और नेता अपने-अपने दृष्टिकोण से चर्चा करते रहे हैं। जेजेपी के लिए चौधरी देवीलाल की विरासत पार्टी की राजनीतिक पहचान से भी जुड़ी हुई है। इसलिए जयंती कार्यक्रमों में उनके नाम के साथ किसानों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों से संबंधित विषयों को विशेष रूप से सामने रखा गया।
जयंती कार्यक्रमों में नीतियों और सामाजिक सरोकारों पर जोर
इस वर्ष के कार्यक्रमों में चौधरी देवीलाल से संबंधित कई नीतियों और योजनाओं का उल्लेख किया गया। डॉ. अजय सिंह चौटाला ने काम के बदले अनाज, टैक्स से जुड़े फैसलों, गांवों में चौपालों और वृद्धावस्था पेंशन का जिक्र किया। दिग्विजय सिंह चौटाला ने पेंशन और जच्चा-बच्चा योजना सहित सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों को सामने रखा।
इन बयानों से यह स्पष्ट है कि जयंती समारोहों में चौधरी देवीलाल के राजनीतिक जीवन को केवल उनके पदों के संदर्भ में नहीं, बल्कि उन नीतियों और सामाजिक मुद्दों के संदर्भ में भी प्रस्तुत किया गया जिनसे पार्टी नेता उनके सार्वजनिक जीवन को जोड़ते हैं।
पार्टी संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण रहा आयोजन
113वीं जयंती के कार्यक्रम जेजेपी के संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण रहे। सितंबर की शुरुआत में पार्टी ने प्रदेशभर में आयोजन की घोषणा करते हुए स्थानीय इकाइयों को कार्यक्रमों की तैयारियों से जोड़ने की जानकारी दी थी। ऐलनाबाद में प्रतिमा अनावरण और सिरसा में जिला कार्यालय के उद्घाटन की योजना इसी कार्यक्रम का हिस्सा थी।
25 सितंबर को हुए आयोजनों में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ स्थानीय पदाधिकारी भी शामिल हुए। जेजेपी की ओर से जारी जानकारी में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. केसी बांगड़, राष्ट्रीय संगठन सचिव राजेंद्र लितानी और राष्ट्रीय प्रधान महासचिव राधेश्याम शर्मा समेत कई नेताओं की भागीदारी का उल्लेख किया गया।
इससे जयंती कार्यक्रमों का एक पहलू चौधरी देवीलाल की स्मृति से जुड़ा रहा, जबकि दूसरा पहलू पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठनात्मक इकाइयों की भागीदारी से संबंधित रहा।
देवीलाल की जयंती पर सामने आए प्रमुख मुद्दे
25 सितंबर 2026 को आयोजित जेजेपी के कार्यक्रमों में चौधरी देवीलाल के जीवन से जुड़े कई विषय बार-बार सामने आए। इनमें ग्रामीण समाज, किसान हित, श्रमिक वर्ग, सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं से संबंधित योजनाएं और आम लोगों की समस्याओं का उल्लेख प्रमुख रहा।
शक्कर मंदोरी में प्रतिमा अनावरण के दौरान डॉ. अजय सिंह चौटाला ने देवीलाल से जुड़े पुराने फैसलों का उल्लेख किया। गुरुग्राम में दुष्यंत चौटाला ने उनके संघर्ष और जनसेवा से जुड़े जीवन पर बात की। करनाल में बृज शर्मा ने जनसेवा को श्रद्धांजलि का माध्यम बताया, जबकि दिग्विजय सिंह चौटाला ने स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक योजनाओं का संदर्भ दिया।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों ने चौधरी देवीलाल की जयंती को स्थानीय स्तर पर भी सार्वजनिक स्मरण का अवसर बनाया। प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि, सभाओं और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े विषयों को सामने रखा। जेजेपी नेताओं के अनुसार, इन कार्यक्रमों के माध्यम से चौधरी देवीलाल के जनसरोकारों और उनके राजनीतिक जीवन को याद किया गया।




