हरियाणा सरकार ने औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कई नई औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए किए जा रहे प्रयास अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। हाल ही में विभिन्न कंपनियों के साथ हुए निवेश समझौतों के बाद सरकार ने तेजी दिखाते हुए कई निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पंचकूला में आयोजित सशक्त कार्यकारी समिति (ईईसी) की बैठक में सात प्रमुख कंपनियों को राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटित करने की स्वीकृति दी गई। इन कंपनियों द्वारा कुल 1,316 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा।
निवेश समझौतों से परियोजनाओं तक पहुंचा सफर
हरियाणा सरकार ने हाल ही में गुरुग्राम में आयोजित एक बड़े निवेश कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए थे। उस समय सरकार ने दावा किया था कि निवेशकों को तेज और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से जल्द से जल्द परियोजनाएं शुरू करने का अवसर दिया जाएगा।
अब इन दावों को अमल में लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निवेश समझौतों को केवल दस्तावेजों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक परियोजनाओं में परिवर्तित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भूमि आवंटन की हालिया मंजूरी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
सोहना बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स निवेश का नया केंद्र
मंजूरी प्राप्त परियोजनाओं में सबसे बड़ा निवेश इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र से जुड़ा है। ट्रोनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को सोहना औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 13 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
कंपनी यहां करीब 790 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह परियोजना राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को नई गति दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर कुशल और अर्धकुशल युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र भविष्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है और हरियाणा इस क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
वस्त्र उद्योग को भी मिलेगा प्रोत्साहन
औद्योगिक विस्तार की इस श्रृंखला में वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र को भी बढ़ावा मिला है। ओरिएंट फैशन एक्सपोर्ट्स को सोहना क्षेत्र में लगभग तीन एकड़ भूमि आवंटित की गई है।
कंपनी यहां 51.50 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। परियोजना के शुरू होने के बाद वस्त्र उत्पादन और निर्यात गतिविधियों को बल मिलने की उम्मीद है। साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।
फैशन और परिधान उद्योग श्रम-प्रधान क्षेत्र माना जाता है, इसलिए सरकार इसे रोजगार सृजन के प्रभावी माध्यम के रूप में देख रही है।
बावल में विदेशी निवेशकों का बढ़ता भरोसा
रेवाड़ी जिले के बावल औद्योगिक क्षेत्र में भी दो विदेशी निवेश वाली कंपनियों को भूमि आवंटन की मंजूरी दी गई है। यह हरियाणा में वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
बोलहॉफ फास्टनिंग प्राइवेट लिमिटेड यहां लगभग 116 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी औद्योगिक फास्टनिंग समाधान और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्माण से जुड़ी है। इसके अलावा मैककोर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को भी परियोजना स्थापित करने की अनुमति दी गई है, जिसके तहत करीब 45 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
इन दोनों परियोजनाओं से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ तकनीकी कौशल आधारित रोजगार अवसर भी बढ़ेंगे।
बरही और धारूहेड़ा में भी नई औद्योगिक गतिविधियां
सरकार ने सोनीपत के बरही और रेवाड़ी के धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्रों में भी नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें पारस पॉलिमर्स, रिचाको एक्सपोर्ट्स और अन्य औद्योगिक इकाइयों को अपनी उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए भूमि आवंटित की गई है।
इन परियोजनाओं के शुरू होने से प्लास्टिक, निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में संतुलित औद्योगिक विकास से रोजगार के अवसर भी व्यापक स्तर पर उपलब्ध होंगे।
5000 से अधिक रोजगार अवसरों की संभावना
सरकार का अनुमान है कि मंजूर की गई परियोजनाओं के माध्यम से 5,000 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
इनमें इंजीनियर, तकनीशियन, मशीन ऑपरेटर, प्रशासनिक कर्मचारी, उत्पादन कर्मचारी, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े पेशेवरों के लिए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों को भी इन औद्योगिक इकाइयों से अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई फैक्ट्रियों के शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों में आवास, परिवहन, खानपान और अन्य सेवा क्षेत्रों की मांग भी बढ़ेगी, जिससे अतिरिक्त रोजगार अवसर पैदा होंगे।
उद्योगों के लिए आसान हुई भूमि आवंटन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक भूमि आवंटन की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और तेज बनाया है।
उन्होंने बताया कि निवेशकों को समय पर जमीन उपलब्ध कराने और मंजूरी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे उद्योगों की स्थापना में आने वाली देरी कम हुई है और निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवेशक परियोजनाओं की घोषणा के बाद जल्द से जल्द उत्पादन शुरू कर सकें। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को भी मजबूत किया गया है।
उद्योग-अनुकूल माहौल बनाने पर सरकार का फोकस
हरियाणा सरकार पिछले कुछ वर्षों से राज्य को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने के प्रयास कर रही है। बेहतर सड़क नेटवर्क, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता, विकसित औद्योगिक ढांचा और कुशल मानव संसाधन राज्य की प्रमुख ताकत माने जाते हैं।
सरकार का दावा है कि निवेशकों को सिंगल विंडो प्रणाली, ऑनलाइन मंजूरी और त्वरित प्रशासनिक प्रक्रियाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी वजह से विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां हरियाणा में निवेश करने में रुचि दिखा रही हैं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
नई औद्योगिक परियोजनाओं का प्रभाव केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा। इनके माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। औद्योगिक इकाइयों के संचालन से परिवहन, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, मरम्मत सेवाओं और छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी लाभ होगा।
इसके अलावा राज्य सरकार को कर राजस्व में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
हरियाणा के औद्योगिक भविष्य की नई तस्वीर
1,316 करोड़ रुपये के निवेश वाली इन परियोजनाओं को हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। निवेश समझौतों को तेजी से वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की प्रक्रिया से यह संकेत मिलता है कि राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ उन्हें धरातल पर उतारने पर भी गंभीरता से काम कर रही है।
यदि सभी स्वीकृत परियोजनाएं निर्धारित समय के भीतर शुरू हो जाती हैं, तो हरियाणा में विनिर्माण क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ-साथ हरियाणा की पहचान एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।



