Haryana: हरियाणवी सिंगर का एक और गाना प्रतिबंधित: ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे’ से मिली थी पहचान, बोले- नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

Haryana: हरियाणवी सिंगर का एक और गाना प्रतिबंधित: ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे’ से मिली थी पहचान, बोले- नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

Haryana में हरियाणवी गानों पर बैन को लेकर विवाद, सिंगर अंकित बालियान ने उठाए सवाल

Haryana में गन कल्चर और हिंसा को बढ़ावा देने वाले हरियाणवी गानों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। सरकार और प्रशासन की ओर से ऐसे कई गानों को हटाने या प्रतिबंधित करने की कार्रवाई की गई है, जिनके बोल युवाओं को हथियारों और हिंसा की ओर आकर्षित करने वाले माने गए हैं। अब इसी कार्रवाई को लेकर हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों में नाराजगी भी सामने आने लगी है।

‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ जैसे चर्चित गाने से पहचान बनाने वाले हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान ने अपने दो गाने बैन किए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि गानों पर प्रतिबंध लगाने से कलाकारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है और इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा, यह भी एक बड़ा सवाल है।

अंकित बालियान का कहना है कि उनके गानों को लेकर कार्रवाई करने से पहले यह देखा जाना चाहिए कि क्या वास्तव में किसी गाने के बोल समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं या नहीं। उन्होंने दावा किया कि उनके कई गाने लाखों-करोड़ों लोगों ने सुने हैं और बड़ी संख्या में दर्शकों का प्यार मिला है।

250 मिलियन व्यूज वाले गाने के बाद दूसरा गाना भी हुआ बैन

अंकित बालियान ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके एक गाने को पहले हटाया गया, जिस पर करीब 250 मिलियन व्यूज थे। इसके बाद उनके दूसरे गाने ‘112-NE’ को भी बैन कर दिया गया, जिसे लगभग 10 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले थे।

सिंगर ने सवाल उठाया कि जब किसी कलाकार का गाना लंबे समय तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहता है और उससे कमाई जुड़ी होती है, तो अचानक प्रतिबंध लगने के बाद होने वाले आर्थिक नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि कलाकार अपनी मेहनत और निजी निवेश से गाने तैयार करते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर लगातार इस तरह की कार्रवाई होती रही तो हरियाणवी कलाकारों के लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों को अपनी संस्कृति और भाषा के गानों के लिए आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

सिंगर ने कहा- मेरे कौन से गाने से समाज खराब हो रहा है

अंकित बालियान ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने अब तक बहुत ज्यादा गाने नहीं बनाए हैं। वह करीब दो साल पहले ही संगीत की दुनिया में आए हैं और अब तक उनके पांच-छह गाने ही रिलीज हुए हैं। इनमें से दो गानों पर प्रतिबंध लग चुका है।

उन्होंने कहा कि उनके गानों को सुनने वाले परिवारों और युवाओं से पूछा जाना चाहिए कि क्या उनके गीत वास्तव में समाज के लिए नुकसानदायक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कलाकार पर कार्रवाई करने से पहले गाने के पूरे संदर्भ को समझना जरूरी है।

सिंगर का कहना है कि हरियाणवी संगीत प्रदेश की संस्कृति और पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में कुछ गलत सामग्री वाले गानों के कारण पूरी म्यूजिक इंडस्ट्री को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

खुद के पैसे से तैयार किए गाने, नुकसान की भरपाई पर उठाया सवाल

अंकित बालियान ने कहा कि उनके गानों को किसी बड़ी म्यूजिक कंपनी ने तैयार नहीं किया था। उन्होंने खुद के पैसे और मेहनत से गाने बनाए और उन्हें रिलीज किया। ऐसे में गाने बैन होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी कलाकार का गाना प्रतिबंधित किया जाता है तो उससे होने वाले नुकसान की भरपाई कौन करेगा। उन्होंने कहा कि कलाकारों को भी अपनी मेहनत और निवेश का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने मीडिया और लोगों से अपील की कि कलाकारों की परेशानियों को भी सामने लाया जाए। उनके अनुसार, कार्रवाई के साथ-साथ कलाकारों की समस्याओं को समझना भी जरूरी है।

Haryana में अब तक 30 से ज्यादा गानों पर हुई कार्रवाई

Haryana में गन कल्चर, हथियारों के प्रदर्शन और हिंसा को बढ़ावा देने वाले गानों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। अब तक 30 से अधिक हरियाणवी गानों को प्रतिबंधित या हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।

इनमें कई बड़े हरियाणवी कलाकारों के गाने शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे गीत युवाओं के बीच हथियारों के प्रदर्शन और आपराधिक गतिविधियों को सामान्य बनाने का प्रयास करते हैं, इसलिए इन पर रोक लगाना जरूरी है।

कई प्रसिद्ध कलाकारों के गाने कार्रवाई की सूची में शामिल

गन कल्चर को बढ़ावा देने वाले गानों की कार्रवाई में कई लोकप्रिय हरियाणवी गायकों के नाम सामने आए हैं। इनमें मासूम शर्मा के कई गाने शामिल हैं। इसके अलावा अमित सैनी रोहतकिया, गजेंद्र फोगाट और रैपर ढांडा न्योलीवाला जैसे कलाकारों के कुछ गानों पर भी कार्रवाई की गई है।

प्रशासन का उद्देश्य हरियाणवी संगीत को रोकना नहीं, बल्कि ऐसे कंटेंट पर नियंत्रण रखना है जिससे समाज में हिंसा या अपराध को बढ़ावा मिलने की आशंका हो। वहीं कलाकारों का पक्ष है कि कार्रवाई करते समय गानों के उद्देश्य और संदर्भ को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

शामली रोड शो मामले में भी दर्ज हो चुकी है FIR

अंकित बालियान पहले भी एक विवाद के कारण चर्चा में रह चुके हैं। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक रोड शो को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला जुलाई 2023 का है, जब शामली के लिलौन बाईपास क्षेत्र में उनके सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

आरोप था कि कार्यक्रम के दौरान बिना प्रशासनिक अनुमति के वाहनों और बाइकों का काफिला निकाला गया। इस दौरान कुछ समर्थकों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद अंकित बालियान सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में बढ़ रही बहस

गानों पर कार्रवाई को लेकर हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में लगातार बहस चल रही है। एक ओर जहां प्रशासन समाज में सकारात्मक संदेश देने वाले संगीत को बढ़ावा देने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर कलाकारों का कहना है कि सभी गानों को एक ही नजर से नहीं देखा जाना चाहिए।

कलाकारों का मानना है कि हरियाणवी संगीत प्रदेश की संस्कृति, बोली और परंपराओं को देशभर में पहचान दिलाता है। इसलिए जरूरी है कि ऐसे नियम बनाए जाएं जिनसे आपत्तिजनक सामग्री पर रोक लगे और साथ ही रचनात्मक कलाकारों को भी नुकसान न हो।

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