एपल ने अपने सालाना प्रोडक्ट लॉन्च इवेंट में इस बार ऐसा डिवाइस पेश किया है, जिसका इंतजार कंपनी के फैंस लंबे समय से कर रहे थे। बुधवार रात आयोजित ‘सरप्राइज एंड शाइन’ इवेंट में एपल ने अपना पहला फोल्डेबल आईफोन लॉन्च कर दिया। कंपनी ने इसका नाम आईफोन डुओ रखा है। किताब की तरह खुलने वाला यह स्मार्टफोन एपल के अब तक के सबसे बड़े और सबसे महंगे आईफोन के तौर पर सामने आया है।
आईफोन डुओ को खोलने पर इसमें 7.6 इंच का बड़ा मेन डिस्प्ले मिलता है। वहीं, फोन को बंद रखने पर 5.4 इंच की कवर स्क्रीन इस्तेमाल की जा सकती है। इस तरह कंपनी ने एक ही डिवाइस में सामान्य स्मार्टफोन और छोटे टैबलेट जैसा अनुभव देने की कोशिश की है। फोन को बीच से मोड़ने पर इसका आकार चौड़े आईफोन जैसा दिखाई देता है, जबकि पूरी तरह खोलने पर बड़ी स्क्रीन सामने आती है।
अमेरिकी बाजार में आईफोन डुओ की शुरुआती कीमत 1,999 डॉलर बताई गई है। इसके सबसे ज्यादा स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत 3,200 डॉलर तक पहुंचती है। भारतीय बाजार में इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है, जबकि टॉप मॉडल के लिए कीमत करीब 4.50 लाख रुपये तक जा सकती है। भारत में इसकी बुकिंग 16 अक्टूबर से और बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
कई साल की तैयारी के बाद फोल्डेबल फोन लेकर आई एपल
फोल्डेबल आईफोन पर एपल के भीतर कई वर्षों से काम चल रहा था। कंपनी ने अब जाकर इसे अपने मुख्य आईफोन लाइनअप का हिस्सा बनाया है। एपल के मुताबिक, आईफोन डुओ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दूसरे फोल्डेबल स्मार्टफोन से अलग अनुभव दे।
कंपनी के मंच से बताया गया कि डुओ को आईपैड से प्रेरणा मिली है। हालांकि, इसका मकसद सिर्फ बड़ी स्क्रीन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि फोल्ड और अनफोल्ड करने की प्रक्रिया को ज्यादा सहज बनाना भी है। एपल का कहना है कि उसने ऐसा डिजाइन तैयार करने की कोशिश की है, जिसमें फोन दो अलग-अलग डिवाइस को जोड़कर बनाए गए गैजेट जैसा महसूस न हो।
कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, कई मौजूदा फोल्डेबल फोन बंद होने पर दो फोन को जोड़ने जैसे दिखाई देते हैं। एपल ने डुओ के जरिए इस धारणा को बदलने की कोशिश की है। यही वजह है कि कंपनी ने इसके डिजाइन और स्क्रीन अनुभव को लॉन्च इवेंट में खास महत्व दिया।
टिम कुक के बाद नए नेतृत्व में बड़ा प्रोडक्ट लॉन्च
एपल के नेतृत्व में बदलाव के बाद यह लॉन्च और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टिम कुक के पद से हटने के बाद कंपनी की कमान संभालने वाले टर्नस पहली बार कंपनी के बड़े सालाना प्रोडक्ट इवेंट में प्रमुख भूमिका में दिखाई दिए। मंच के पीछे फोल्डेबल आईफोन की बड़ी तस्वीरें लगाई गई थीं और कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डुओ ही रहा।
टर्नस लंबे समय तक एपल के हार्डवेयर डिवीजन से जुड़े रहे हैं और फोल्डेबल आईफोन के विकास की प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका रही है। इसी वजह से विश्लेषकों का मानना है कि नेतृत्व परिवर्तन और इतने बड़े प्रोडक्ट लॉन्च का समय एक-दूसरे से जुड़ा हो सकता है।
टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म CCS Insight के विश्लेषक बेन वुड के मुताबिक, एपल में प्रोडक्ट लॉन्च और नेतृत्व से जुड़े फैसले आमतौर पर सोच-समझकर किए जाते हैं। उनके अनुसार, कंपनी का नया फोल्डेबल आईफोन आने वाले वर्षों में एपल के लिए सबसे महत्वपूर्ण लॉन्च में से एक साबित हो सकता है।
18 प्रो और 18 प्रो मैक्स में कैमरा बना सबसे बड़ा आकर्षण
फोल्डेबल आईफोन के साथ एपल ने आईफोन 18 सीरीज के प्रीमियम मॉडल भी पेश किए हैं। इस बार कंपनी ने खास तौर पर आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स पर फोकस किया है। दोनों मॉडल में कैमरा सिस्टम को काफी प्रमुखता दी गई है।
आईफोन 18 प्रो सीरीज के मेन कैमरे में प्रोफेशनल DSLR कैमरों से प्रेरित तकनीक का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। इसका उद्देश्य फोटो और वीडियो की क्वालिटी को ज्यादा बेहतर बनाना है। एपल ने कैमरा सिस्टम के साथ प्रो-लेवल शूटिंग अनुभव देने पर जोर दिया है।
भारत में आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 रुपये और आईफोन 18 प्रो मैक्स की शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये बताई गई है। इनकी बुकिंग 12 सितंबर से शुरू होगी, जबकि बिक्री 18 सितंबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है।
अमेरिकी बाजार में आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,199 डॉलर और प्रो मैक्स की कीमत 1,299 डॉलर से शुरू होती है। कंपनी ने इन मॉडलों में कैमरा अपग्रेड के साथ-साथ बड़ी बैटरी पर भी विशेष ध्यान दिया है।
एपल के लिए फोल्डेबल फोन कितना बड़ा दांव?
आईफोन डुओ की कीमत सामान्य आईफोन मॉडल के मुकाबले काफी ज्यादा है। यही कारण है कि इसके बाजार में प्रदर्शन को लेकर टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में चर्चा शुरू हो गई है। विश्लेषकों के मुताबिक, महंगा फोल्डेबल फोन एपल के लिए ब्रांड वैल्यू बढ़ाने का काम कर सकता है, लेकिन इसे बड़े पैमाने पर बेच पाना अलग चुनौती होगी।
फिलहाल सैमसंग और हुआवेई जैसी कंपनियां पहले से फोल्डेबल स्मार्टफोन बेच रही हैं, लेकिन कुल स्मार्टफोन बिक्री में इन डिवाइस की हिस्सेदारी अभी भी काफी कम है। CCS Insight के अनुमान के मुताबिक, मौजूदा फोल्डेबल फोन कुल स्मार्टफोन बाजार का लगभग 2 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। एपल के आने के बाद इस कैटेगरी में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है, हालांकि अगले दशक में भी फोल्डेबल डिवाइस की हिस्सेदारी लगभग 4 प्रतिशत तक रहने का अनुमान लगाया गया है।
एक अन्य चुनौती यह भी है कि लोग सालों से पारंपरिक आईफोन इस्तेमाल करने के तरीके के आदी हैं। फोल्डेबल फोन में स्क्रीन का आकार, सॉफ्टवेयर इंटरफेस और इस्तेमाल करने का तरीका अलग हो सकता है। ऐसे में नए ग्राहकों को इसके साथ सहज होने में समय लग सकता है।
विश्लेषकों ने यह भी चेतावनी दी है कि आईफोन डुओ कहीं एपल के महंगे Vision Pro की तरह सीमित बाजार वाला प्रोडक्ट न बन जाए। Vision Pro को कंपनी ने बेहद प्रीमियम कीमत पर पेश किया था, लेकिन यह आम खरीदारों के बीच आईफोन या एपल वॉच जैसी लोकप्रियता हासिल नहीं कर सका।
सिरी को भी मिला AI का नया अवतार
लॉन्च इवेंट में एपल ने अपने डिजिटल असिस्टेंट सिरी के नए AI फीचर्स की जानकारी भी साझा की। अब सिरी को ज्यादा स्मार्ट और व्यक्तिगत सहायक बनाने की दिशा में काम किया गया है। आईफोन 18 से शुरू होकर यह सिस्टम यूजर के फोन में मौजूद अलग-अलग जानकारियों को समझकर ज्यादा उपयोगी जवाब देने में सक्षम होगा।
उदाहरण के लिए, सिरी मैसेज और ईमेल जैसी निजी जानकारियों में मौजूद डेटा के आधार पर यूजर के सवालों का जवाब खोज सकेगी। इसके अलावा, आने वाले समय में यह यूजर की ओर से कुछ काम करने में भी मदद कर सकती है।
सिरी अब सामान्य कमांड के अलावा ज्यादा प्राकृतिक बातचीत को समझने की क्षमता के साथ पेश की जा रही है। यानी यूजर अगर किसी बात को अटक-अटक कर कहता है, वाक्य पूरा नहीं करता या बातचीत के अंदाज में निर्देश देता है, तो भी असिस्टेंट उसके मतलब को समझने की कोशिश करेगा।
इसके अलावा, स्क्रीन के नीचे डबल टैप करके सिरी को लिखित कमांड देने की सुविधा भी जोड़ी गई है। इससे उन परिस्थितियों में मदद मिल सकती है, जब यूजर बोलकर कमांड नहीं देना चाहता।
ChatGPT की मदद से मुश्किल सवालों के जवाब
सिरी के नए अनुभव में ChatGPT का सपोर्ट भी शामिल किया गया है। जब किसी सवाल का जवाब सिरी के लिए मुश्किल होगा, तो वह ChatGPT की मदद ले सकती है। इसका इस्तेमाल जानकारी हासिल करने, टेक्स्ट तैयार करने या रेसिपी जैसी चीजों के लिए किया जा सकता है।
एपल ने AI को अपनी डिवाइस इकोसिस्टम में शामिल करते हुए प्राइवेसी पर भी खास जोर दिया है। कंपनी का कहना है कि कई AI प्रोसेस सीधे डिवाइस पर ही किए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि हर जानकारी को बाहरी सर्वर पर भेजने की जरूरत नहीं होगी।
जब किसी काम के लिए क्लाउड या थर्ड-पार्टी सिस्टम की आवश्यकता होगी, तब भी एपल ने डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। कंपनी के अनुसार, यूजर की निजी जानकारी को इस तरह संभाला जाएगा कि एपल खुद भी उस डेटा तक अनावश्यक पहुंच न बना सके।
नई एपल वॉच में भी AI फीचर्स का फायदा
AI से जुड़े कुछ फीचर्स नए Apple Watch मॉडल में भी देखने को मिलेंगे। इनमें बातचीत के दौरान नोट्स लेने और उन्हें टेक्स्ट में बदलने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। यह फीचर यूजर की अनुमति और सक्रिय किए गए विकल्पों के आधार पर काम करेगा।
इवेंट में इसके अलावा AirPods 5, Apple Watch Series 12 और Watch Ultra 4 भी पेश किए गए। इस तरह एपल ने एक ही कार्यक्रम में आईफोन, फोल्डेबल डिवाइस, वियरेबल और ऑडियो कैटेगरी में कई नए प्रोडक्ट उतारे।
एपल के लिए आईफोन सबसे महत्वपूर्ण प्रोडक्ट बना हुआ है और कंपनी की कुल बिक्री में इसका योगदान आधे से ज्यादा रहता है। ऐसे में आईफोन डुओ सिर्फ एक नया मॉडल नहीं, बल्कि कंपनी के स्मार्टफोन कारोबार की अगली दिशा का संकेत भी माना जा रहा है। अगर ग्राहक इसे पसंद करते हैं, तो आने वाले वर्षों में फोल्डेबल आईफोन एपल के पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा बन सकता है। वहीं, इसकी बेहद ऊंची कीमत यह तय करेगी कि यह बड़े पैमाने का लोकप्रिय फोन बनता है या फिर प्रीमियम और सीमित ग्राहकों तक ही सीमित रहता है।




