बदलते मौसम में रूखी और बेजान हो रही है त्वचा? घर पर तैयार करें 5 आसान नेचुरल टोनर, चेहरे पर आएगी नई चमक

बदलते मौसम में रूखी और बेजान हो रही है त्वचा? घर पर तैयार करें 5 आसान नेचुरल टोनर, चेहरे पर आएगी नई चमक

मौसम में बदलाव का असर केवल हमारी सेहत पर ही नहीं, बल्कि त्वचा पर भी दिखाई देने लगता है। कभी गर्मी, कभी ठंडी हवा और वातावरण में नमी के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण स्किन की नमी कम होने लगती है। ऐसे में चेहरा खिंचा-खिंचा महसूस हो सकता है। त्वचा पर रूखापन बढ़ने के साथ उसकी प्राकृतिक चमक भी कम नजर आने लगती है। कई बार चेहरा धोने के बाद भी स्किन में खिंचाव महसूस होता है और मेकअप लगाने पर रूखी परतें साफ दिखाई देने लगती हैं।

इस समस्या से बचने के लिए जरूरी नहीं कि हर बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का ही सहारा लिया जाए। घर पर मौजूद कुछ सामान्य चीजों से भी त्वचा की देखभाल की जा सकती है। गुलाब जल, एलोवेरा, खीरा और ग्रीन टी जैसी चीजों से तैयार किए गए घरेलू मिश्रण त्वचा को ताजगी देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले उसकी उपयुक्तता और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।

अगर बदलते मौसम में आपकी स्किन भी अपनी नमी खो रही है, तो आइए जानते हैं पांच ऐसे घरेलू टोनर और हल्के स्किन केयर विकल्पों के बारे में, जिन्हें अपनी त्वचा की जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है।

ग्रीन टी से त्वचा को दें ताजगी

स्किन केयर रूटीन में ग्रीन टी का इस्तेमाल केवल पीने तक सीमित नहीं है। इसमें पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जिन पर त्वचा की देखभाल के संदर्भ में अध्ययन किया गया है। ठंडी की गई ग्रीन टी कुछ लोगों को चेहरे पर ताजगी का एहसास दे सकती है। हालांकि, इससे झुर्रियां कम होने या त्वचा में कसाव आने की गारंटी नहीं दी जा सकती।

कैसे तैयार करें टोनर?

सबसे पहले एक कप पानी गर्म करके उसमें ग्रीन टी का एक बैग डालें या थोड़ी पत्तियां मिलाएं। कुछ मिनट बाद इसे छान लें और पूरी तरह ठंडा होने दें। इसके बाद थोड़ी मात्रा में इसे साफ हाथों से चेहरे पर लगाएं या साफ कॉटन पैड का इस्तेमाल करें।

इस मिश्रण को बनाने के लिए किसी तरह की खुशबू, नींबू का रस या अन्य तेज सामग्री मिलाने की जरूरत नहीं है। अगर इसे स्टोर करना चाहते हैं, तो साफ, बंद डिब्बे में फ्रिज में रखें और बेहतर होगा कि थोड़ी मात्रा में बनाकर जल्द इस्तेमाल कर लें। रंग, गंध या बनावट में बदलाव दिखे, तो इसे फेंक दें।

ध्यान रखें कि ग्रीन टी त्वचा को मॉइश्चराइजर का विकल्प नहीं देती। इस्तेमाल के बाद अपनी त्वचा के अनुसार मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।

गुलाब जल और ग्लिसरीन का मिश्रण, रूखेपन के लिए उपयोगी विकल्प

अगर चेहरा धोने के बाद त्वचा पर खिंचाव महसूस होता है, तो गुलाब जल और ग्लिसरीन का मिश्रण एक विकल्प हो सकता है। ग्लिसरीन एक ह्यूमेक्टेंट है, यानी यह त्वचा की ऊपरी परत में नमी बनाए रखने में मदद करता है। दूसरी ओर, गुलाब जल का इस्तेमाल कई लोग त्वचा को तरोताजा महसूस कराने के लिए करते हैं। हालांकि, खुशबू वाले गुलाब जल से कुछ लोगों को जलन भी हो सकती है।

घर पर बनाने का तरीका

एक साफ कटोरी में दो चम्मच बिना खुशबू वाला गुलाब जल लें। इसमें ग्लिसरीन की कुछ बूंदें मिलाएं और अच्छी तरह हिला लें। पहली बार इस्तेमाल करते समय मिश्रण को अधिक गाढ़ा न बनाएं। इसे चेहरे पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर परीक्षण करें।

यदि त्वचा पर लालिमा, खुजली या जलन नहीं होती, तो इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरे पर लगाने के बाद जरूरत के अनुसार मॉइश्चराइजर लगाएं, ताकि त्वचा की नमी लंबे समय तक बनी रहे।

इस मिश्रण को लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने से बचें। घर पर तैयार किए गए मिश्रण में प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए उसमें बैक्टीरिया या दूसरे सूक्ष्मजीव पनपने का खतरा हो सकता है। सबसे सुरक्षित तरीका है कि हर बार थोड़ी मात्रा तैयार की जाए।

एलोवेरा और खीरे से बनाएं हल्का रिफ्रेशिंग टोनर

खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जबकि एलोवेरा जेल त्वचा को आराम देने वाले स्किन केयर उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। इन दोनों का हल्का मिश्रण चेहरे पर ठंडक और ताजगी का अनुभव दे सकता है। खासकर तब, जब मौसम बदलने के कारण त्वचा थकी हुई या बेजान नजर आ रही हो।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि खीरे और एलोवेरा का मिश्रण त्वचा की सभी समस्याओं का इलाज नहीं है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को एलोवेरा से भी एलर्जी हो सकती है। इसलिए इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए।

बनाने की विधि

आधे खीरे को अच्छी तरह धोकर उसका रस निकाल लें। रस को साफ कपड़े या बारीक छलनी से छान लें। अब इसमें थोड़ी मात्रा में शुद्ध, बिना खुशबू वाला एलोवेरा जेल मिलाएं। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद चेहरे पर थोड़ी मात्रा लगाएं।

अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है, तो पहले पैच टेस्ट करें। आंखों के आसपास और त्वचा के कटे या जख्मी हिस्सों पर इसे न लगाएं। इस मिश्रण को फ्रिज में रखने के बावजूद लंबे समय तक इस्तेमाल न करें। ताजा बनाकर जल्द उपयोग करना बेहतर है।

यदि लगाने के बाद खुजली, जलन या लालिमा महसूस हो, तो चेहरे को पानी से धो लें और इसका इस्तेमाल बंद कर दें।

चावल के पानी को स्किन केयर में शामिल करने से पहले जानें ये बातें

घरेलू सौंदर्य नुस्खों में चावल के पानी का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। कुछ लोग इसे त्वचा की रंगत और बनावट बेहतर करने के उद्देश्य से लगाते हैं। हालांकि, चावल का पानी चेहरे को गोरा करने, दाग-धब्बे मिटाने या त्वचा की रंगत बदलने का प्रमाणित उपाय नहीं है। इसके फायदे को लेकर उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण भी सीमित हैं।

फिर भी, यदि आपकी त्वचा इसे सहन करती है, तो आप इसे सावधानी से आजमा सकती हैं।

कैसे करें तैयार?

थोड़े से चावल को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद उन्हें साफ पानी में कुछ देर भिगोकर रखें। पानी को छानकर एक साफ बर्तन में निकाल लें। इसे बिना किसी अतिरिक्त सामग्री के चेहरे पर थोड़ी मात्रा में लगाया जा सकता है।

इस बात का खास ध्यान रखें कि चावल के पानी को कई दिनों तक बोतल में भरकर न रखें। घर पर तैयार किया गया पानी जल्दी खराब हो सकता है, खासकर अगर उसे साफ तरीके से तैयार न किया गया हो। किण्वित यानी फर्मेंटेड चावल के पानी का इस्तेमाल भी हर किसी की त्वचा के लिए उपयुक्त नहीं होता।

अगर आपकी त्वचा पहले से रूखी या संवेदनशील है, तो पहले किसी छोटे हिस्से पर इसका परीक्षण करें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर इसे इस्तेमाल न करें। त्वचा को मुलायम बनाए रखने के लिए इसके बाद मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें।

दूध और शहद के बजाय क्यों चुनें सावधानी वाला तरीका?

दूध और शहद को लंबे समय से घरेलू सौंदर्य नुस्खों में जगह मिलती रही है। शहद नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है, लेकिन कच्चे दूध को चेहरे पर लगाना हर किसी के लिए सुरक्षित विकल्प नहीं है। दूध में मौजूद प्रोटीन और अन्य तत्व कुछ लोगों को परेशान कर सकते हैं। इसके अलावा, खाद्य पदार्थों को चेहरे पर लगाने से एलर्जी या दूषित सामग्री के कारण संक्रमण का जोखिम भी हो सकता है।

अगर आप इन सामग्रियों का इस्तेमाल करना चाहती हैं, तो पहले यह समझें कि दूध और शहद का मिश्रण पारंपरिक टोनर की तरह जरूरी नहीं है। यह अधिकतर एक घरेलू फेस पैक जैसा इस्तेमाल होता है, जिसे लगाने के बाद धोना पड़ता है।

क्या रखें ध्यान?

किसी भी नए मिश्रण को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने से बचें। पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर परीक्षण करें। अगर एलर्जी, खुजली या लालिमा की समस्या रही है, तो इस तरह के प्रयोग से बचना बेहतर है। मिश्रण को आंखों और होंठों के आसपास न लगाएं और इस्तेमाल के बाद त्वचा को अच्छी तरह साफ करें।

रूखी त्वचा के लिए बिना खुशबू वाला मॉइश्चराइजर आम तौर पर अधिक भरोसेमंद विकल्प है। यदि घरेलू सामग्री से त्वचा में परेशानी होती है, तो उसे इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है।

घरेलू टोनर लगाते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

सिर्फ टोनर लगाने से त्वचा का रूखापन पूरी तरह दूर नहीं होता। स्किन को स्वस्थ रखने के लिए सफाई, मॉइश्चराइजिंग और धूप से सुरक्षा को नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

चेहरा धोने के बाद मॉइश्चराइजर लगाएं: चेहरा साफ करने के बाद त्वचा को तौलिए से धीरे-धीरे थपथपाकर सुखाएं। जब त्वचा हल्की नम हो, तब मॉइश्चराइजर लगाना उपयोगी हो सकता है। रूखी त्वचा के लिए बिना खुशबू वाला क्रीम आधारित मॉइश्चराइजर चुना जा सकता है।

हर नए नुस्खे का पैच टेस्ट करें: किसी भी घरेलू मिश्रण को चेहरे पर लगाने से पहले हाथ या बांह के छोटे हिस्से पर आजमाएं। यदि जलन, खुजली या लालिमा होती है, तो उसका इस्तेमाल न करें। ध्यान रखें कि पैच टेस्ट से एलर्जी का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता।

मिश्रण को साफ तरीके से तैयार करें: घरेलू टोनर बनाने के लिए साफ बर्तन, साफ पानी और साफ हाथों का इस्तेमाल करें। इनमें प्रिजर्वेटिव नहीं होते, इसलिए इन्हें कई दिनों तक सुरक्षित मानकर स्टोर करना ठीक नहीं है। ताजा तैयार करके जल्द इस्तेमाल करना बेहतर है।

स्किन को बार-बार न धोएं: बहुत गर्म पानी और तेज क्लीनजर त्वचा की प्राकृतिक नमी को कम कर सकते हैं। चेहरे को गुनगुने पानी और सौम्य क्लीनजर से साफ करें। स्क्रब का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने से भी रूखापन बढ़ सकता है।

सनस्क्रीन लगाना न भूलें: मौसम ठंडा होने पर भी सूर्य की पराबैंगनी किरणें त्वचा को प्रभावित कर सकती हैं। दिन में बाहर निकलते समय ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाएं और जरूरत के अनुसार दोबारा इस्तेमाल करें।

त्वचा की समस्या लगातार बनी रहे तो विशेषज्ञ से सलाह लें: यदि त्वचा में बहुत ज्यादा खुजली, दरारें, सूजन, जलन या लगातार पपड़ी बनने की समस्या है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर न रहें। त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

कुल मिलाकर, बदलते मौसम में त्वचा की देखभाल का सबसे जरूरी हिस्सा उसकी नमी बनाए रखना है। ग्रीन टी, गुलाब जल, खीरा और एलोवेरा जैसे विकल्प कुछ लोगों को ताजगी दे सकते हैं, लेकिन हर घरेलू नुस्खा सभी की त्वचा पर एक जैसा असर नहीं करता। इसलिए अपनी त्वचा की जरूरत को समझें, नई चीजों का सावधानी से इस्तेमाल करें और नियमित मॉइश्चराइजर को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।