चंडीगढ़ में 18 अगस्त को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में सामने आई जलभराव और अव्यवस्था की समस्या को लेकर अब बाजारों के कारोबारी भी प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे हैं। सेक्टर-22-बी स्थित मोबाइल मार्केट में बारिश के दौरान पैदा होने वाली परेशानियों को लेकर शुक्रवार को सेक्टर-22-बी ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मेयर सौरभ जोशी से मुलाकात की। कारोबारियों ने इस दौरान सड़क, ड्रेनेज, जलभराव और पार्किंग से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से उनके सामने रखा।
कारोबारियों का कहना था कि चंडीगढ़ को देश के योजनाबद्ध और आधुनिक शहरों में गिना जाता है, लेकिन बारिश के दौरान बाजार की जमीनी स्थिति कई सवाल खड़े कर देती है। उनका कहना था कि थोड़ी तेज बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने लगता है, जिससे दुकानदारों के साथ-साथ खरीदारी के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
सेक्टर-22-बी की मोबाइल मार्केट में लंबे समय से सड़क और जल निकासी से संबंधित समस्याएं बनी हुई हैं। व्यापारियों ने मेयर को बताया कि बाजार की सड़क कई जगह से खराब है और इसकी सतह भी समान नहीं है। जगह-जगह बने गड्ढों और सड़क के ऊबड़-खाबड़ हिस्सों के कारण बारिश का पानी आसानी से नहीं निकल पाता। नतीजतन कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है और दुकानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
व्यापारियों के अनुसार, बाजार में ड्रेनेज से जुड़े कुछ काम लंबे समय से चल रहे हैं, लेकिन इनके पूरी तरह प्रभावी नहीं होने के कारण बारिश के समय स्थिति बिगड़ जाती है। उनका कहना था कि यदि जल निकासी की व्यवस्था समय रहते दुरुस्त कर दी जाए और सड़क की मरम्मत कराई जाए तो बरसात के दौरान होने वाली काफी परेशानी को कम किया जा सकता है।
बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी का असर सीधे व्यापार पर भी पड़ता है। बाजार में आने वाले ग्राहक जलभराव और खराब सड़क की वजह से वहां जाने से बचते हैं। दुकानदारों का कहना था कि त्योहारी सीजन नजदीक है और इस दौरान बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। ऐसे में यदि जलभराव और पार्किंग जैसी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कारोबार प्रभावित हो सकता है।
ट्रेडर्स एसोसिएशन ने बाजार में पार्किंग की समस्या भी मेयर के सामने उठाई। कारोबारियों का कहना था कि अनधिकृत वेंडिंग और अतिक्रमण के कारण बाजार में उपलब्ध पार्किंग स्थान लगातार कम हो रहे हैं। सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत तरीके से कब्जे होने के कारण वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। इससे दुकानदारों के अलावा बाजार में आने वाले ग्राहकों को भी वाहन पार्क करने में परेशानी होती है।
कारोबारियों ने मेयर से मांग की कि बाजार में अनधिकृत वेंडिंग और अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि बाजार की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल सड़क और ड्रेनेज की मरम्मत पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पार्किंग क्षेत्र को भी व्यवस्थित करना जरूरी है। यदि ग्राहकों को आसानी से वाहन खड़ा करने की जगह नहीं मिलेगी तो इसका सीधा असर बाजार की गतिविधियों पर पड़ेगा।
एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि बाजार में आने वाले ग्राहकों की संख्या खास तौर पर त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है। इस दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी के लिए सेक्टर-22 पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क पर पानी, गड्ढे, अव्यवस्थित पार्किंग और अतिक्रमण जैसी समस्याएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।
कारोबारियों की शिकायतें सुनने के बाद मेयर सौरभ जोशी ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाए रखना नगर निगम और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। खास तौर पर त्योहारी मौसम को देखते हुए बाजारों में लोगों की आवाजाही को सुगम बनाना जरूरी है।
मेयर ने अधिकारियों से कहा कि सेक्टर-22-बी मोबाइल मार्केट का मौके पर निरीक्षण किया जाए और वहां की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने सड़क की खराब स्थिति को ठीक करने, ड्रेनेज से जुड़े लंबित कार्यों को पूरा करने और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही पार्किंग की समस्या का भी समाधान तलाशने को कहा गया। मेयर ने संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बाजार में अनधिकृत वेंडिंग और अतिक्रमण की वजह से यातायात तथा पार्किंग व्यवस्था प्रभावित न हो। बाजार में आने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध हो, इस दिशा में भी कदम उठाने की बात कही गई।
व्यापारियों ने मेयर के सामने यह भी स्पष्ट किया कि बारिश से जुड़ी समस्या केवल एक दिन की परेशानी नहीं है। यदि जल निकासी की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होती और सड़क की सतह खराब रहती है तो हर तेज बारिश के बाद बाजार में ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए उन्होंने अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी समाधान की मांग की।
कारोबारियों का कहना था कि सड़क की मरम्मत और ड्रेनेज सिस्टम को एक साथ ठीक किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में बारिश का पानी सड़क पर जमा न हो। उनका मानना है कि यदि सड़क निर्माण और जल निकासी के काम को समन्वय के साथ पूरा किया जाए तो समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
चंडीगढ़ के बाजार शहर की आर्थिक गतिविधियों का अहम हिस्सा हैं। सेक्टर-22-बी की मोबाइल मार्केट भी शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक और कारोबारी पहुंचते हैं। ऐसे में बाजार की सड़क, जल निकासी, पार्किंग और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं का सीधे तौर पर कारोबार पर असर पड़ता है।
व्यापारियों ने कहा कि बाजार को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने से न केवल दुकानदारों को फायदा होगा, बल्कि ग्राहकों के लिए भी खरीदारी का अनुभव बेहतर होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेयर के निर्देश के बाद संबंधित विभाग जल्द ही मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान शुरू करेंगे।
मेयर सौरभ जोशी ने भी आश्वासन दिया कि व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर के बाजारों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता में है और बरसात के मौसम में जलभराव जैसी समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बैठक के दौरान कारोबारियों ने आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजार में विशेष व्यवस्था करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि आने वाले दिनों में बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी। इसलिए उससे पहले सड़क और ड्रेनेज की व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ पार्किंग तथा अतिक्रमण की समस्या पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
मेयर की ओर से अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का अब समाधान होगा। एसोसिएशन के सदस्यों ने समस्याओं को सुनने और संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश देने के लिए मेयर सौरभ जोशी का आभार जताया।
फिलहाल सेक्टर-22-बी के कारोबारी अब प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के दौरान सामने आई परेशानियों के बाद व्यापारियों की मांग स्पष्ट है कि बाजार में केवल तत्काल राहत नहीं, बल्कि सड़क, जल निकासी और पार्किंग व्यवस्था को स्थायी तौर पर बेहतर बनाया जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान दुकानदारों और ग्राहकों को दोबारा ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।




