भवन नक्शों की मंजूरी होगी अब ज्यादा आसान, ऑनलाइन सिस्टम से घर बैठे मिलेगी हर अपडेट

भवन नक्शों की मंजूरी होगी अब ज्यादा आसान, ऑनलाइन सिस्टम से घर बैठे मिलेगी हर अपडेट

भवन निर्माण से जुड़े नक्शों को मंजूरी दिलाने के लिए अब आवेदकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने या अपनी फाइल की प्रगति जानने के लिए अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रशासन ने भवन योजना अनुमोदन की ऑनलाइन व्यवस्था को और व्यापक बनाते हुए इसे आवासीय भवनों के साथ-साथ वाणिज्यिक और औद्योगिक प्लॉटों पर लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत आवेदन से लेकर अंतिम स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से ट्रैक किया जा सकेगा।

ऑनलाइन सिस्टम में आवेदन जमा होने के बाद संबंधित दस्तावेजों की जांच, फीस की गणना, तकनीकी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी), अधिकारियों द्वारा जांच और अंतिम मंजूरी जैसे सभी चरणों की जानकारी आवेदक को समय-समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए सिस्टम के माध्यम से एसएमएस और ई-मेल अलर्ट भेजे जाएंगे। इससे लोगों को अपनी फाइल की स्थिति जानने के लिए कार्यालयों में मैनुअल फॉलोअप करने की आवश्यकता कम होगी।

प्रशासन का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य भवन योजनाओं की मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करने के साथ-साथ इसे अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इसके लिए अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के लिए रीयल-टाइम डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से अलग-अलग स्तरों पर लंबित आवेदनों की निगरानी की जा सकेगी।

तीनों श्रेणियों के प्लॉट ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल

ऑनलाइन भवन योजना अनुमोदन प्रणाली के दायरे को बढ़ाकर अब आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक प्लॉटों को इसमें शामिल किया गया है। इससे अलग-अलग प्रकार के निर्माण कार्यों के लिए भवन योजना जमा कराने वाले आवेदकों को एक ही डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से अपनी प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलेगी।

प्रशासन के मुताबिक अप्रैल 2022 में ऑनलाइन भवन योजना अनुमोदन प्रणाली की शुरुआत की गई थी। अब इसे व्यापक स्तर पर लागू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा आवेदक डिजिटल माध्यम से भवन नक्शे की मंजूरी के लिए आवेदन कर सकें।

इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पात्र वास्तुकारों को भी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा दी गई है। इससे उन मामलों में अनावश्यक देरी को कम किया जा सकेगा, जहां निर्धारित मानकों के तहत वास्तुकार स्वयं योजना का प्रमाणीकरण कर सकते हैं।

पंजीकृत वास्तुकारों को स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा

नई व्यवस्था के तहत काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर (सीओए) में पंजीकृत और निर्धारित पात्रता रखने वाले वास्तुकार आवासीय, वाणिज्यिक तथा औद्योगिक प्लॉटों के लिए स्व-प्रमाणीकरण योजना के तहत भवन योजनाएं ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे।

स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा से भवन योजना तैयार करने और उसे अनुमोदन प्रक्रिया में आगे बढ़ाने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि इससे वास्तुकारों और भवन निर्माण की योजना बना रहे लोगों दोनों को राहत मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, जब पात्र मामलों में वास्तुकार स्वयं निर्धारित मानकों के अनुरूप योजना का प्रमाणीकरण कर सकेंगे तो सामान्य प्रक्रिया में लगने वाले अतिरिक्त समय को कम किया जा सकेगा। साथ ही नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।

आवेदन की हर गतिविधि पर मिलेगा अलर्ट

नई ऑनलाइन व्यवस्था में आवेदक के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि उसे अपनी फाइल के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए संबंधित कार्यालय में फोन करने या व्यक्तिगत रूप से पहुंचने की आवश्यकता कम हो जाएगी।

आवेदन जमा होने के बाद सिस्टम में जैसे-जैसे प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, संबंधित चरण की जानकारी आवेदक तक पहुंचती रहेगी। दस्तावेजों की जांच पूरी होने, शुल्क निर्धारित होने, तकनीकी एनओसी की प्रक्रिया, अन्य आवश्यक जांच और अंतिम स्वीकृति जैसे चरणों की स्थिति एसएमएस तथा ई-मेल के माध्यम से बताई जाएगी।

इससे आवेदक को यह पता चलता रहेगा कि उसका आवेदन किस स्तर पर है और अगली कार्रवाई के लिए क्या स्थिति है। यदि किसी कारण से आवेदन प्रक्रिया में समय लग रहा है तो आवेदक को ऑनलाइन स्थिति देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकेगा।

प्रशासन का मानना है कि इससे भवन नक्शों की मंजूरी को लेकर लोगों के बीच रहने वाली अनिश्चितता कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी।

अधिकारियों की भी होगी ऑनलाइन निगरानी

डिजिटल व्यवस्था सिर्फ आवेदकों के लिए ही नहीं, बल्कि अधिकारियों के स्तर पर निगरानी को मजबूत करने के लिए भी तैयार की गई है। अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के लिए विशेष रीयल-टाइम डैशबोर्ड उपलब्ध कराया गया है।

इस डैशबोर्ड के माध्यम से यह देखा जा सकेगा कि कितने आवेदन प्रक्रिया में हैं, कितने मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है और कितने आवेदन किसी विशेष स्तर पर लंबित हैं। इससे किसी अधिकारी या विभागीय स्तर पर फाइल अधिक समय तक लंबित रहने की स्थिति में उसकी पहचान करना आसान होगा।

रीयल-टाइम निगरानी की सुविधा से प्रशासन को विभिन्न स्तरों पर काम की गति पर नजर रखने में मदद मिलेगी। साथ ही सिटीजन चार्टर में तय की गई समयसीमा के भीतर आवेदन निपटाने की प्रक्रिया की भी निगरानी की जा सकेगी।

मैनुअल फॉलोअप और कार्यालयों के चक्कर होंगे कम

भवन नक्शों की मंजूरी के दौरान अक्सर आवेदकों को अपनी फाइल की स्थिति जानने के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क करना पड़ता है। कई बार दस्तावेजों, शुल्क या तकनीकी मंजूरी से संबंधित जानकारी के लिए भी अलग-अलग स्तरों पर फॉलोअप करना पड़ता है।

ऑनलाइन प्रणाली के विस्तार से इस तरह की मैनुअल प्रक्रिया को कम करने का प्रयास किया गया है। आवेदन से संबंधित जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने के कारण आवेदक अपनी प्रक्रिया की स्थिति अधिक आसानी से देख सकेगा।

इस व्यवस्था से न केवल लोगों का समय बचने की उम्मीद है, बल्कि सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ और फाइलों के बारे में बार-बार पूछताछ की स्थिति में भी कमी आ सकती है।

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर

प्रशासन का कहना है कि भवन योजना अनुमोदन की प्रक्रिया को डिजिटल करने का मकसद केवल सुविधा प्रदान करना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना भी है।

जब आवेदन के प्रत्येक चरण की डिजिटल एंट्री और निगरानी संभव होगी तो फाइल के आगे बढ़ने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा। अधिकारियों के लिए उपलब्ध डैशबोर्ड से लंबित मामलों पर समय रहते ध्यान दिया जा सकेगा।

इसके अलावा, एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से आवेदकों को नियमित जानकारी मिलने से उन्हें अपनी फाइल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग से कार्यालय का रुख नहीं करना पड़ेगा।

प्रशासन ने बताया नागरिक-केंद्रित पहल

उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि ऑनलाइन भवन योजना अनुमोदन प्रणाली का विस्तार भवन नक्शों की मंजूरी की प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि योग्य वास्तुकारों को स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा, आवेदन के विभिन्न चरणों में एसएमएस और ई-मेल के जरिए सूचना तथा अधिकारियों के लिए रीयल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं प्रक्रिया में होने वाली देरी को कम करने में सहायक हैं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को ज्यादा सरल और प्रभावी बनाया जाए। तकनीक के इस्तेमाल से लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत देने के साथ-साथ सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाई जा सकती है।

प्रशासन के अनुसार, ऑनलाइन भवन योजना अनुमोदन प्रणाली को व्यापक स्तर पर लागू किए जाने से आने वाले समय में भवन निर्माण से जुड़े आवेदनों के निपटारे की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। आवेदकों को आवेदन की स्थिति की जानकारी डिजिटल माध्यम से मिलती रहेगी, जबकि अधिकारियों के स्तर पर लंबित मामलों की निगरानी की जा सकेगी। इस तरह नई व्यवस्था का उद्देश्य भवन नक्शों की मंजूरी को सुविधाजनक बनाने के साथ नागरिकों के लिए सरकारी सेवा वितरण को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।