भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल ‘रामायण’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निर्माताओं ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। फिल्म को केवल भारतीय दर्शकों तक सीमित रखने के बजाय दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले लोगों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसी दिशा में निर्माता नमित मल्होत्रा, निर्देशक नितेश तिवारी और अभिनेता यश ने मिलकर फिल्म के ग्लोबल कैंपेन की घोषणा की है। इस अभियान की शुरुआत सोनी पिक्चर्स के सहयोग से की जा रही है और इसके तहत फिल्म का इंटरनेशनल ट्रेलर आज, 15 अक्टूबर को रिलीज किया जाएगा। इस घोषणा के बाद दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। खास बात यह है कि ‘रामायण’ भारतीय संस्कृति, परंपरा और पौराणिक विरासत से जुड़ी ऐसी कहानी है, जिससे देश के करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। अब फिल्म की टीम इसी गाथा को आधुनिक तकनीक और बड़े सिनेमाई कैनवास के जरिए अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने पेश करने की तैयारी में है।
भारतीय महागाथा को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की मुहिम
‘रामायण’ के निर्माताओं की योजना इस कहानी को विदेशों में भी बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने की है। इसके लिए फिल्म की प्रचार रणनीति को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों की जरूरतों और उनकी भाषाई विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। नमित मल्होत्रा, नितेश तिवारी और यश ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस अभियान की जानकारी साझा की। उनकी पोस्ट से स्पष्ट है कि फिल्म को वैश्विक स्तर पर एक बड़े सिनेमाई आयोजन के रूप में स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। टीम का मानना है कि रामायण की कहानी केवल भारत की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा नहीं है, बल्कि इसमें मौजूद रिश्तों, कर्तव्य, त्याग, साहस और संघर्ष जैसे विषय अलग-अलग देशों के दर्शकों को भी आकर्षित कर सकते हैं। इसी वजह से फिल्म को उन लोगों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिन्हें भारतीय महाकाव्य की कहानी के बारे में बहुत कम जानकारी है। आज जारी होने वाला इंटरनेशनल ट्रेलर इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसके जरिए दुनिया भर के दर्शकों को फिल्म की दुनिया, उसके किरदारों और उसके भव्य सिनेमाई स्वरूप की झलक देखने को मिल सकती है।
छह तस्वीरों के जरिए कई भाषाओं में दिया संदेश
ग्लोबल कैंपेन की घोषणा करने के लिए फिल्म से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट साझा की है। इसमें छह तस्वीरों का कैरोसेल शामिल है, जिसके माध्यम से अलग-अलग भाषाओं में दर्शकों तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई है। अंग्रेजी के साथ हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं को भी इसमें जगह दी गई है। इस पहल से पता चलता है कि निर्माता फिल्म की पहुंच को केवल हिंदी भाषी दर्शकों तक सीमित नहीं रखना चाहते। भारतीय भाषाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रचार को जोड़कर वे देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों और विदेशों में बसे भारतीय समुदायों तक भी पहुंच बनाना चाहते हैं। पोस्ट में टीम ने अपने उस उद्देश्य को सामने रखा, जिसके तहत ‘रामायण’ को भारत की सीमाओं से बाहर ले जाने का सपना देखा गया है। निर्माताओं के संदेश का सार यह है कि फिल्म बनाने के पीछे उनकी सोच एक परिचित कहानी को नए सिनेमाई अनुभव के रूप में प्रस्तुत करना और उसे उन दर्शकों से जोड़ना है, जिन्होंने अब तक इस गाथा को करीब से नहीं जाना है। टीम ने इस प्रयास को भारतीयों के लिए गर्व का विषय बताते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने रखने की बात कही है। पोस्ट में ‘भारत से पूरी दुनिया तक’ पहुंचने का संदेश भी प्रमुखता से सामने आया है।
नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी की टीम का बड़ा विजन
फिल्म के निर्माण से जुड़े नमित मल्होत्रा और इसके निर्देशन की जिम्मेदारी संभाल रहे नितेश तिवारी के लिए ‘रामायण’ एक बड़े पैमाने की परियोजना है। इस फिल्म के माध्यम से भारतीय पौराणिक साहित्य को आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोडक्शन के साथ प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है। यश भी इस परियोजना से अहम भूमिका में जुड़े हुए हैं। तीनों की साझा घोषणा से संकेत मिलता है कि फिल्म की रिलीज से पहले ही इसके प्रचार को व्यापक स्तर पर ले जाने की तैयारी है। इंटरनेशनल ट्रेलर के जरिए फिल्म की प्रस्तुति को विदेशी दर्शकों के सामने स्थापित करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, ट्रेलर रिलीज होने के बाद ही फिल्म के दृश्यों, कहानी की प्रस्तुति और तकनीकी पक्ष के बारे में ज्यादा स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। फिलहाल मेकर्स का जोर रामायण की सांस्कृतिक अहमियत और उसकी वैश्विक पहुंच पर है। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश करने के लिए सोनी पिक्चर्स के साथ सहयोग भी इसी रणनीति का हिस्सा है। इस अभियान के जरिए निर्माता यह संदेश देना चाहते हैं कि भारतीय कहानियों में दुनिया भर के दर्शकों को आकर्षित करने की क्षमता है और उन्हें बड़े स्तर पर पेश करके नए दर्शकों से जोड़ा जा सकता है।
रणबीर कपूर निभाएंगे भगवान राम, यश बनेंगे रावण
फिल्म की स्टारकास्ट भी इसे लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाने वाला बड़ा कारण है। ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। फिल्म में यश को रावण की भूमिका सौंपी गई है। इसके अलावा सनी देओल भगवान हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में दिखाई देंगे। इन प्रमुख किरदारों के जरिए कहानी के अलग-अलग महत्वपूर्ण पक्षों को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी है। रणबीर कपूर के भगवान राम के रूप में नजर आने और यश के रावण का किरदार निभाने की खबरों ने पहले से ही फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाई हुई है। वहीं, साई पल्लवी, सनी देओल और रवि दुबे की मौजूदगी भी इस परियोजना को खास बनाती है। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं, जिन्हें बड़े पैमाने की कहानियों को पर्दे पर उतारने के लिए जाना जाता है। इस बार उनके सामने रामायण जैसी व्यापक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण गाथा को सिनेमाई रूप देने की चुनौती है। दर्शकों को उम्मीद है कि फिल्म में किरदारों के साथ-साथ कहानी के महत्वपूर्ण प्रसंगों को भी प्रभावशाली अंदाज में दिखाया जाएगा।
ऑस्कर विजेता तकनीकी कंपनी भी परियोजना का हिस्सा
‘रामायण’ के निर्माण में तकनीकी गुणवत्ता और दृश्य प्रभावों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। इस फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के सहयोग से तैयार किया है। DNEG अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विजुअल इफेक्ट्स के क्षेत्र में अपनी पहचान रखती है और आठ बार ऑस्कर जीत चुकी है। इस कंपनी की भागीदारी के कारण फिल्म के दृश्य प्रभावों और भव्यता को लेकर भी काफी उम्मीदें हैं। रामायण की कथा में कई ऐसे प्रसंग हैं, जिन्हें पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से दिखाने के लिए बड़े स्तर के सेट, तकनीकी कौशल और विजुअल इफेक्ट्स की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में अनुभवी तकनीकी टीम की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि, फिल्म के वास्तविक दृश्य अनुभव और उसके तकनीकी स्तर का अंदाजा ट्रेलर तथा बाद में पूरी फिल्म देखने के बाद ही लगाया जा सकेगा। निर्माता इस परियोजना को बड़े सिनेमाई अनुभव के तौर पर प्रस्तुत करना चाहते हैं, इसलिए इसकी तकनीकी तैयारी और अंतरराष्ट्रीय प्रचार दोनों को अहम माना जा रहा है।
दो हिस्सों में सामने आएगी रामायण की कहानी
मेकर्स ने इस महागाथा को दो भागों में रिलीज करने की योजना बनाई है। फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाना निर्धारित है। वहीं, दूसरे भाग को दिवाली 2027 के अवसर पर रिलीज करने की तैयारी है। इस तरह दर्शकों को रामायण की कहानी दो अलग-अलग सिनेमाई हिस्सों में देखने का मौका मिलेगा। फिल्म को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज करने की योजना है। इसके अलावा दर्शक इसे IMAX फॉर्मेट में भी देख सकेंगे, जिससे बड़े पर्दे पर फिल्म के दृश्य और भव्यता देखने का अलग अनुभव मिल सकता है। विभिन्न भाषाओं में रिलीज करने का फैसला फिल्म को भारत के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी संभावनाओं को भी मजबूत कर सकता है। हालांकि, अलग-अलग देशों में रिलीज की तारीखों और उपलब्धता से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आगे की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना होगा।
विदेशों में वितरण संभालेगी सोनी पिक्चर्स
फिल्म के अंतरराष्ट्रीय वितरण की जिम्मेदारी सोनी पिक्चर्स संभालेगी। इसका उद्देश्य ‘रामायण’ को विदेशी बाजारों में व्यापक स्तर पर रिलीज करने और वहां के दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करना है। दूसरी ओर, भारत में फिल्म का वितरण सोनी पिक्चर्स के जिम्मे नहीं होगा। हिंदी भाषी बाजार में इसे रिलीज करने की जिम्मेदारी धर्मा प्रोडक्शंस संभालेगा। इस तरह फिल्म के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अलग-अलग वितरण व्यवस्था रखी गई है। ग्लोबल कैंपेन और इंटरनेशनल ट्रेलर की घोषणा इसी व्यापक रणनीति से जुड़ी हुई है। आज ट्रेलर जारी होने के बाद फिल्म की मार्केटिंग को लेकर आगे की योजनाओं पर भी दर्शकों की नजर रहेगी। ट्रेलर से फिल्म के लुक, कलाकारों की झलक और कहानी को पेश करने के तरीके के बारे में शुरुआती संकेत मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि ‘रामायण’ की टीम भारतीय महागाथा को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने किस अंदाज में पेश करती है और यह अभियान फिल्म के लिए दुनिया भर में कैसी प्रतिक्रिया हासिल करता है।




