कॉफी आज दुनिया के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पेय पदार्थों में शामिल है। सुबह उठते ही कई लोगों की दिनचर्या एक कप गर्म कॉफी के साथ शुरू होती है। कुछ लोग काम के दौरान ताजगी बनाए रखने के लिए कॉफी पीते हैं, तो कुछ लोग थकान कम करने और ध्यान बढ़ाने के लिए इसका सहारा लेते हैं। कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर को सक्रिय महसूस कराने में मदद करता है, वहीं इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट भी स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं।
लंबे समय से वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कॉफी का शरीर पर वास्तविक प्रभाव क्या होता है। क्या कॉफी केवल ऊर्जा बढ़ाने वाला पेय है या फिर इसके सेवन से सेहत को कुछ अतिरिक्त फायदे भी मिल सकते हैं? इसी विषय पर हुई एक नई रिसर्च ने कॉफी पीने वालों के लिए कुछ दिलचस्प संकेत दिए हैं।
एक हालिया अध्ययन में रोजाना कॉफी पीने की आदत और उम्र लंबी होने के बीच संबंध देखा गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इसके नतीजों को सही तरीके से समझना जरूरी है। स्टडी में कॉफी पीने और बेहतर स्वास्थ्य के बीच संबंध पाया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ कॉफी पीने से ही व्यक्ति लंबी उम्र तक जीवित रह सकता है। स्वस्थ जीवन के लिए खानपान, व्यायाम, नींद और दूसरी आदतों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
रिसर्च में कॉफी और लंबी उम्र को लेकर क्या पता चला?
पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की कॉफी पीने की आदत, उनकी सेहत और मृत्यु से जुड़े कारणों के बीच संबंध को समझने की कोशिश की।
रिसर्च में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से रोजाना लगभग एक से दो कप कॉफी पीते थे, उनमें कॉफी न पीने वाले लोगों की तुलना में लंबी उम्र से जुड़ा सकारात्मक संबंध देखा गया। इसके अलावा, कुछ मामलों में हृदय संबंधी बीमारियों से होने वाली मौत के खतरे में भी कमी का संबंध सामने आया।
वैज्ञानिकों का मानना है कि कॉफी में मौजूद कई प्राकृतिक तत्व इसके पीछे भूमिका निभा सकते हैं। कॉफी में पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और कई बीमारियों से जुड़ा होता है।
इसके अलावा, कुछ अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि सीमित मात्रा में कॉफी का सेवन मेटाबॉलिज्म और हृदय स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है।
क्या कॉफी पीने से सच में उम्र बढ़ जाती है?
इस सवाल का जवाब थोड़ा समझदारी से लेने की जरूरत है। रिसर्च में कॉफी पीने वालों और लंबी उम्र के बीच संबंध देखा गया है, लेकिन यह सीधा प्रमाण नहीं है कि कॉफी पीने से उम्र बढ़ती ही है। किसी व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य कई चीजों पर निर्भर करते हैं। उसकी जीवनशैली, खानपान, शारीरिक गतिविधि, तनाव का स्तर, नींद और आनुवंशिक कारण भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं।
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति कॉफी तो पीता है लेकिन उसका खानपान खराब है, वह व्यायाम नहीं करता और पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो सिर्फ कॉफी पीने से उसे स्वास्थ्य लाभ मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। विशेषज्ञों के अनुसार, कॉफी को स्वस्थ जीवनशैली का एक छोटा हिस्सा माना जा सकता है, लेकिन इसे किसी दवा या लंबी उम्र की गारंटी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
दिन में कितनी कॉफी पीना फायदेमंद हो सकता है?
कॉफी की सही मात्रा हर व्यक्ति के शरीर और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करती है। रिसर्च में रोजाना एक से दो कप कॉफी पीने वाले लोगों में बेहतर परिणामों का संबंध देखा गया है। आमतौर पर स्वस्थ वयस्कों के लिए सीमित मात्रा में कैफीन का सेवन सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, कुछ लोगों का शरीर कैफीन के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है। ऐसे लोगों को कम मात्रा में भी कॉफी पीने के बाद परेशानी महसूस हो सकती है।
अगर कॉफी पीने के बाद आपको बेचैनी महसूस होती है, रात में नींद आने में दिक्कत होती है, दिल की धड़कन तेज लगती है या घबराहट बढ़ जाती है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके शरीर को ज्यादा कैफीन पसंद नहीं आ रहा है। ऐसी स्थिति में कॉफी की मात्रा कम करना बेहतर होता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह भी ली जा सकती है।
ज्यादा कॉफी पीने के नुकसान भी हो सकते हैं
कॉफी का सीमित सेवन कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में इसका सेवन परेशानी पैदा कर सकता है। अधिक कैफीन लेने से नींद प्रभावित हो सकती है और शरीर में तनाव जैसी स्थिति बढ़ सकती है। कुछ लोगों को ज्यादा कॉफी पीने से सिरदर्द, पेट में जलन, बेचैनी, हाथ कांपना या ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।
इसके अलावा, कॉफी में ज्यादा मात्रा में चीनी, फ्लेवर सिरप या क्रीम मिलाने से इसके स्वास्थ्य लाभ कम हो सकते हैं। कई बार लोग कॉफी को स्वादिष्ट बनाने के लिए उसमें इतनी ज्यादा कैलोरी वाली चीजें मिला देते हैं कि यह एक हेल्दी ड्रिंक की बजाय ज्यादा कैलोरी वाला पेय बन जाता है। इसलिए अगर आप कॉफी पीते हैं तो कोशिश करें कि उसमें चीनी और अन्य अतिरिक्त चीजों की मात्रा सीमित रखें।
किन लोगों को कॉफी पीने में सावधानी रखनी चाहिए?
कुछ लोगों के लिए कॉफी का सेवन सावधानी के साथ करना जरूरी हो सकता है। खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को कैफीन की मात्रा को लेकर सतर्क रहना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, दिल से जुड़ी बीमारी है, चिंता या घबराहट की परेशानी रहती है या नींद से जुड़ी समस्या है, उन्हें भी कॉफी पीने से पहले अपनी स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
अगर किसी व्यक्ति को कॉफी पीने के बाद लगातार बेचैनी, दिल की तेज धड़कन, कमजोरी या अन्य परेशानी महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कॉफी पीने का सही तरीका क्या हो सकता है?
अगर आप कॉफी पीना पसंद करते हैं तो कुछ छोटी बातों का ध्यान रखकर इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं। सुबह या दिन के शुरुआती समय में कॉफी पीना कई लोगों के लिए बेहतर रहता है, क्योंकि देर शाम कॉफी पीने से नींद प्रभावित हो सकती है।
कॉफी के साथ संतुलित आहार लेना भी जरूरी है। सिर्फ कॉफी पर निर्भर रहना शरीर के लिए अच्छा नहीं है। पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करना और पौष्टिक भोजन लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
नई स्टडी यह संकेत देती है कि सीमित मात्रा में कॉफी पीने वाले लोगों में बेहतर स्वास्थ्य और लंबी उम्र से जुड़ा संबंध देखा जा सकता है। लेकिन कॉफी को स्वस्थ जीवन का विकल्प नहीं माना जा सकता। सही मात्रा, अच्छी जीवनशैली और अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही इसका सेवन करना सबसे बेहतर तरीका है।
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