सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई, करियर और भविष्य से जुड़े बेहतर निर्णय लेने में मदद करने के लिए जिला प्रशासन लुधियाना ने मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया है। इसी उद्देश्य से ‘सारथी—दूसरों को मार्गदर्शन करने वालों को मार्गदर्शन करना’ कार्यक्रम के तीसरे चरण ‘सारथी 3.0’ की शुरुआत की गई।
कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी, गडवासू, लुधियाना में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने किया। जिला प्रशासन की ओर से एक्ट ह्यूमन सोसायटी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में सरकारी शिक्षण संस्थानों से जुड़े मार्गदर्शन काउंसलरों को विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप अधिक प्रभावी तरीके से काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
काउंसलरों के लिए शुरू किया गया डिजिटल प्लेटफॉर्म
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने ‘सारथी पोर्टल’ का भी औपचारिक शुभारंभ किया। यह पोर्टल मार्गदर्शन काउंसलरों के प्रशिक्षण को व्यवस्थित करने के साथ-साथ उनके निरंतर क्षमता निर्माण के लिए डिजिटल मंच के रूप में काम करेगा।
प्रशासन के अनुसार, पोर्टल के माध्यम से काउंसलरों को अपने अनुभव और ज्ञान साझा करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें पेशेवर स्तर पर आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य काउंसलिंग से जुड़े शिक्षकों को एक ऐसे नेटवर्क से जोड़ना है, जहां वे लगातार सीख सकें और विद्यार्थियों से संबंधित चुनौतियों का बेहतर समाधान तलाश सकें।
छात्रों के सर्वांगीण विकास में काउंसलिंग अहम : डीसी
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में मार्गदर्शन और काउंसलिंग की भूमिका केवल करियर चुनने तक सीमित नहीं है। सही समय पर मिलने वाली सलाह विद्यार्थियों को अपनी रुचियों, क्षमताओं और संभावनाओं को समझने में भी मदद करती है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी अलग क्षमता और रुचि होती है। ऐसे में प्रशिक्षित काउंसलर छात्रों को उनकी योग्यता के अनुरूप सही विकल्प तलाशने में मदद कर सकते हैं। इससे विद्यार्थी शिक्षा और करियर से जुड़े फैसले अधिक आत्मविश्वास के साथ ले पाएंगे।
डीसी ने कहा कि बदलते समय में विद्यार्थियों के सामने करियर के पहले की तुलना में कहीं अधिक विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में उन्हें सही दिशा दिखाने के लिए काउंसलरों का प्रशिक्षित और सक्षम होना बेहद जरूरी है। ‘सारथी 3.0’ इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
सरकारी संस्थानों में मजबूत होगा काउंसलिंग सिस्टम
‘सारथी 3.0’ को जिला प्रशासन की उस व्यापक पहल का हिस्सा बताया गया है, जिसके तहत सरकारी शिक्षण संस्थानों में मार्गदर्शन और काउंसलिंग की व्यवस्था को एक मजबूत एवं प्रभावी प्रणाली के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें उच्च शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, करियर विकल्प और व्यक्तिगत विकास से संबंधित सही जानकारी भी समय पर उपलब्ध कराना जरूरी है।
इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई में तैनात काउंसलरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि काउंसलर विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और परिस्थितियों को समझते हुए उनका मार्गदर्शन करें तो छात्र अपनी शिक्षा और भविष्य को लेकर अधिक बेहतर निर्णय ले सकते हैं।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में क्षमता निर्माण पर फोकस
‘सारथी 3.0’ के तहत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम दो दिनों का है। इसमें मार्गदर्शन काउंसलरों को अपने कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
कार्यक्रम का उद्देश्य काउंसलरों की पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर देना भी है। इसके जरिए मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग से जुड़े कार्यों में एकरूपता और बेहतर समन्वय विकसित करने की कोशिश की जा रही है।
जिला प्रशासन की ओर से उम्मीद जताई गई है कि इस प्रशिक्षण के बाद सरकारी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को मिलने वाली काउंसलिंग सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार आएगा।
पोर्टल से प्रशिक्षण प्रक्रिया को मिलेगा नया आधार
सारथी पोर्टल की शुरुआत को इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पोर्टल के माध्यम से काउंसलरों की प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की योजना है।
यह मंच केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि काउंसलरों के लिए निरंतर क्षमता निर्माण, ज्ञान साझा करने और पेशेवर सहयोग का माध्यम भी बनेगा। इससे समय के साथ काउंसलरों के सामने आने वाली नई चुनौतियों पर चर्चा करने और उनके समाधान तलाशने की व्यवस्था मजबूत हो सकती है।
शिक्षा व्यवस्था में काउंसलिंग को दिया जा रहा बढ़ावा
जिला प्रशासन का यह प्रयास इस सोच पर आधारित है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी सक्षम बनाना है। इसी कारण विद्यार्थियों की मानसिक, शैक्षणिक और करियर संबंधी जरूरतों को समझने वाले प्रशिक्षित मार्गदर्शकों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
‘सारथी’ पहल के जरिए काउंसलरों को भी लगातार सीखने और अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने का अवसर दिया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक, मजबूत काउंसलिंग व्यवस्था का सीधा लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर शिक्षा और करियर के अवसर तलाश रहे हैं।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (गडवासू) के वाइस चांसलर डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान, एक्ट ह्यूमन सोसायटी की संस्थापक हरलीन कौर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान ‘सारथी 3.0’ के उद्देश्यों, प्रशिक्षण प्रक्रिया और पोर्टल की उपयोगिता को लेकर जानकारी साझा की गई। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पहुंचाने के लिए काउंसलरों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
विद्यार्थियों के भविष्य पर केंद्रित पहल
जिला प्रशासन के अनुसार, ‘सारथी 3.0’ केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षण संस्थानों में मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग की पूरी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ाया गया कदम है।
इस पहल के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई के विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप भविष्य के विकल्प समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही काउंसलरों को भी आधुनिक जरूरतों के अनुसार अपनी क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिलेगा।
दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन अगले दिन होगा। जिला प्रशासन का लक्ष्य इस पहल के जरिए सरकारी शिक्षण संस्थानों में ऐसा काउंसलिंग नेटवर्क तैयार करना है, जो विद्यार्थियों को पढ़ाई से लेकर करियर चयन तक लगातार और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध करा सके।




