ओटीटी की दुनिया में किसी फिल्म या सीरीज को दर्शकों तक पहुंचाने से पहले कई स्तरों पर काम किया जाता है। कहानी लिखने से लेकर कलाकारों की तैयारी, एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग और अंतिम एडिटिंग तक, हर चरण में पूरी टीम को काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसके बावजूद कई बार ऐसे दृश्य अंतिम संस्करण का हिस्सा नहीं बन पाते, जिन्हें तैयार करने में कलाकारों ने अपना काफी समय और ऊर्जा लगाई होती है। अभिनेता अनूप सोनी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। नेटफ्लिक्स की थ्रिलर ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ में उनके कई सीन फिल्म के फाइनल कट में शामिल नहीं किए गए। अब अभिनेता ने इन दृश्यों की झलक सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अपनी निराशा जाहिर की है।
अनूप सोनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ ऐसे वीडियो क्लिप पोस्ट किए हैं, जिनमें उनके किरदार इंस्पेक्टर खुराना का एक अलग अंदाज देखने को मिलता है। इन दृश्यों में अभिनेता की शारीरिक तैयारी, एक्शन के दौरान उनकी मेहनत और किरदार को वास्तविक बनाने के लिए किए गए प्रयासों की झलक दिखाई देती है। हालांकि, ये हिस्से दर्शकों को रिलीज हुए शो में देखने को नहीं मिले, लेकिन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने इस बात की चर्चा शुरू कर दी है कि पर्दे के पीछे किसी एक्शन सीन को तैयार करने में कितनी मेहनत लगती है।
फाइनल एडिट में जगह नहीं बना पाए अनूप सोनी के सीन
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ में अनूप सोनी ने इंस्पेक्टर खुराना की भूमिका निभाई है। इस किरदार के लिए शूट किए गए कुछ दृश्यों को अंतिम संस्करण से बाहर कर दिया गया। अभिनेता ने जब इन सीन की झलक अपने प्रशंसकों के साथ साझा की, तो उन्होंने यह भी बताया कि किसी दृश्य को बनाने के पीछे केवल कलाकार का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि पूरी टीम का योगदान होता है।
अनूप की पोस्ट में दिखाई देने वाली क्लिप्स से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन दृश्यों को फिल्माने के लिए काफी तैयारी की गई थी। खास तौर पर एक्शन से जुड़े हिस्सों में अभिनेता की शारीरिक मेहनत साफ नजर आती है। उनके शरीर पर चोट के निशान दिखाई देते हैं, जो एक लड़ाई वाले सीन से पहले की तैयारी का हिस्सा हैं। इन दृश्यों में उनके किरदार का सामना अभिनेता विक्की अरोड़ा के किरदार से होता है।
एक क्लिप में दोनों के बीच होने वाले संघर्ष की झलक देखने को मिलती है। सीन के अंत में अनूप सोनी अपने प्रतिद्वंद्वी का गला दबाते हुए दिखाई देते हैं। यह दृश्य कहानी के तनावपूर्ण माहौल और उनके किरदार के सख्त अंदाज को दिखाने के लिए तैयार किया गया था। हालांकि, यह हिस्सा अंतिम रिलीज में जगह नहीं बना पाया।
एक अन्य वीडियो में अभिनेता की हालत एक्शन के बाद की थकान जैसी दिखाई देती है। उनकी सांसें तेज चल रही हैं और कमर पर कैमरा लगा हुआ नजर आता है। इन क्लिप्स के जरिए दर्शकों को शूटिंग के दौरान इस्तेमाल की गई तकनीक और कलाकारों की शारीरिक तैयारी की भी झलक मिलती है।
इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताई अपनी परेशानी
अनूप सोनी ने इन दृश्यों को साझा करते हुए फिल्म निर्माण की प्रक्रिया से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात सामने रखी। उनके मुताबिक, किसी सीन को तैयार करना सिर्फ कैमरे के सामने अभिनय करने तक सीमित नहीं होता। इसके लिए कहानी की जरूरत को समझना, दृश्यों की योजना बनाना, कलाकारों को तैयार करना और तकनीकी टीम के साथ तालमेल बैठाना जरूरी होता है।
अभिनेता ने अपने पोस्ट में बताया कि एक दृश्य को पर्दे पर उतारने के लिए लेखक, निर्देशक, एक्शन कोरियोग्राफर, कलाकार, सिनेमैटोग्राफर, निर्माता और अन्य क्रू मेंबर्स मिलकर काम करते हैं। कई बार इस प्रक्रिया में काफी समय, मेहनत और संसाधन खर्च होते हैं। इसके बाद भी जरूरी नहीं कि शूट किया गया हर सीन अंतिम संस्करण में शामिल हो।
उनके द्वारा साझा किए गए वीडियो उन दृश्यों की याद दिलाते हैं, जिन्हें बनाने में पूरी टीम ने योगदान दिया, लेकिन दर्शकों को वे देखने का मौका नहीं मिला। अनूप ने अपनी बात रखते हुए यह भी स्वीकार किया कि ऐसे सीन हटने पर कलाकार को थोड़ी निराशा होना स्वाभाविक है।
उन्होंने अपने कैप्शन में लिखा कि ‘शक’ से इंस्पेक्टर खुराना के कुछ दृश्य फाइनल वर्जन में शामिल नहीं हो पाए। इन दृश्यों को तैयार करने में काफी सोच-विचार, समय, मेहनत और संसाधन लगे थे। उन्होंने उन सभी लोगों के योगदान का उल्लेख किया, जो किसी सीन को वास्तविक रूप देने के लिए पर्दे के पीछे काम करते हैं।
‘थोड़ी निराशा होती है’, लेकिन कहानी सबसे ज्यादा जरूरी
अनूप सोनी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए फिल्म निर्माण की एक दूसरी सच्चाई को भी स्वीकार किया। उनके मुताबिक, किसी दृश्य पर बहुत मेहनत होने के बावजूद उसे अंतिम कट से हटाया जा सकता है। ऐसा फैसला हमेशा उस दृश्य की गुणवत्ता के आधार पर ही नहीं, बल्कि पूरी कहानी की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
अभिनेता ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि जब कोई सीक्वेंस फाइनल एडिट का हिस्सा नहीं बन पाता, तो उससे निराशा हो सकती है। आखिरकार, कलाकार उस दृश्य को तैयार करने के लिए काफी मेहनत करता है और चाहता है कि दर्शक भी उसके काम को देखें। लेकिन फिल्म या सीरीज को एक संपूर्ण कहानी के रूप में प्रस्तुत करना जरूरी होता है।
कई बार कोई दृश्य अपने आप में अच्छा होने के बावजूद कहानी की गति को धीमा कर सकता है या कथानक के प्रवाह में बाधा बन सकता है। ऐसे में संपादन के दौरान उसे हटाना जरूरी हो सकता है। अनूप ने भी इसी पहलू को स्वीकार करते हुए कहा कि कभी-कभी किसी हिस्से को निकाल देने से पूरी कहानी पहले से बेहतर बन जाती है।
उनकी बात से यह समझा जा सकता है कि फिल्म निर्माण में व्यक्तिगत मेहनत और अंतिम कहानी के बीच संतुलन बनाना कितना महत्वपूर्ण है। कलाकार के लिए किसी सीन से भावनात्मक जुड़ाव होना स्वाभाविक है, लेकिन निर्देशक और संपादन टीम को पूरे प्रोजेक्ट को ध्यान में रखकर फैसले लेने पड़ते हैं।
इस तरह अनूप सोनी ने केवल अपने हटाए गए दृश्यों की झलक ही नहीं दिखाई, बल्कि मनोरंजन जगत के उस हिस्से पर भी ध्यान दिलाया, जो आमतौर पर दर्शकों के सामने नहीं आता। स्क्रीन पर दिखाई देने वाला अंतिम परिणाम अक्सर कई घंटों की शूटिंग, योजनाओं और संपादन के बाद तैयार होता है। दर्शक भले ही कुछ मिनटों का दृश्य देखें, लेकिन उसके पीछे पूरी टीम का लंबा प्रयास शामिल हो सकता है।
परिणीति चोपड़ा और जेनिफर विंगेट भी हैं अहम भूमिकाओं में
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ एक थ्रिलर प्रोजेक्ट है, जिसमें कई जाने-माने कलाकार दिखाई देते हैं। परिणीति चोपड़ा इस सीरीज में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उनके साथ जेनिफर विंगेट भी महत्वपूर्ण किरदार में नजर आती हैं। इसके अलावा सोनी राजदान, अनूप सोनी, ताहिर राज भसीन, सुमीत व्यास, हरलीन सेठी और ध्रुव चौधरी भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं।
सीरीज की कहानी में रहस्य और तनाव का माहौल बनाए रखने के लिए अलग-अलग किरदारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रोजेक्ट में कहानी को सही गति देना और दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखना संपादन का अहम हिस्सा होता है। इसलिए शूटिंग के दौरान रिकॉर्ड किए गए सभी दृश्यों को अंतिम संस्करण में शामिल करना जरूरी नहीं होता।
अनूप सोनी की पोस्ट से यह भी सामने आया कि इंस्पेक्टर खुराना के किरदार के लिए कुछ अतिरिक्त दृश्य फिल्माए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन दृश्यों को हटाने के पीछे संपादन टीम का कोई विशेष कारण क्या था। अभिनेता ने मुख्य रूप से उन प्रयासों की चर्चा की, जो किसी दृश्य को तैयार करने में लगते हैं, और यह स्वीकार किया कि अंतिम फैसले पूरी कहानी को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।
रेंसिल डी’सिल्वा ने किया है निर्देशन
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ का निर्देशन रेंसिल डी’सिल्वा ने किया है। इस प्रोजेक्ट का निर्माण सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा और सपना मल्होत्रा ने एल्केमी प्रोडक्शंस के बैनर तले किया है। सीरीज 24 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी।
रहस्य और थ्रिलर की शैली में बनी इस सीरीज में कलाकारों के अभिनय के साथ कहानी की प्रस्तुति भी अहम भूमिका निभाती है। अलग-अलग किरदारों के बीच होने वाली घटनाएं और उनसे जुड़ा तनाव कथानक को आगे बढ़ाते हैं। इसी वजह से अंतिम एडिटिंग के दौरान दृश्यों का चयन पूरी कहानी की जरूरतों के हिसाब से किया जाता है।
अनूप सोनी द्वारा साझा किए गए वीडियो ने उनके प्रशंसकों को उनके किरदार के उन हिस्सों की झलक दी है, जो रिलीज के समय देखने को नहीं मिले। इन दृश्यों को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभिनेता ने अपने किरदार को प्रभावी बनाने के लिए कितनी तैयारी की थी।
फिलहाल, इन क्लिप्स के सामने आने से यह साफ है कि अनूप सोनी को अपने हटाए गए दृश्यों के बाहर रह जाने का थोड़ा अफसोस जरूर है, लेकिन वह फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को भी समझते हैं। उनका संदेश यही है कि किसी दृश्य पर मेहनत करना और उसका अंतिम कहानी में शामिल होना दो अलग-अलग बातें हैं। आखिरकार, किसी भी फिल्म या सीरीज का उद्देश्य केवल अच्छे दृश्यों को दिखाना नहीं, बल्कि पूरी कहानी को प्रभावशाली ढंग से दर्शकों तक पहुंचाना होता है।




