पंचकूला स्थित शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों में सोमवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा बिना पूर्व सूचना के निरीक्षण के लिए पहुंचे। विभागीय कार्यों की गुणवत्ता, कर्मचारियों की उपस्थिति और लंबित मामलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए उन्होंने मौलिक शिक्षा और उच्चतर शिक्षा विभाग के कार्यालयों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं, फाइलों के निस्तारण और ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार शिक्षा विभाग को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना चाहती है, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
लंबित मामलों पर जताई चिंता
कार्यालयों में कई मामलों के लंबित पाए जाने पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन फाइलों या आवेदनों का निपटारा लंबे समय से नहीं हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
डिजिटल कार्यप्रणाली को मिलेगी गति
शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी महत्वपूर्ण आंकड़े, रिकॉर्ड और सूचनाएं प्रतिदिन ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट की जाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम के माध्यम से कार्यों की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। सरकार चाहती है कि शिक्षा विभाग के सभी कार्यालय आधुनिक कार्यप्रणाली अपनाते हुए पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ें।
कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं
निरीक्षण के दौरान शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने विशेष रूप से मेडिकल बिलों के भुगतान में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों के वैध दावों का समय पर निपटारा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की नौबत नहीं आनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे।
नियमित समीक्षा से बढ़ेगी जवाबदेही
महिपाल ढांडा ने कहा कि विभागीय कार्यों की निगरानी को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए हर पंद्रह दिन में कार्यों की समीक्षा की जाएगी और यह देखा जाएगा कि दिए गए निर्देशों पर कितना अमल हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि केवल आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके परिणाम भी धरातल पर दिखाई देने चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्कूलों और विभागीय कार्यालयों में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने के लिए निरंतर निरीक्षण और समीक्षा की प्रक्रिया जारी रहेगी। उनका कहना था कि जवाबदेह प्रशासन और समयबद्ध कार्यप्रणाली से ही आम जनता का भरोसा मजबूत होगा तथा शिक्षा विभाग की सेवाओं में और अधिक सुधार आएगा।
निरीक्षण के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया, माध्यमिक शिक्षा निदेशक जितेंद्र दहिया, उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक एस. नारायणन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



