पंजाब ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में कर संग्रह के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। मई 2026 के दौरान राज्य के वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक रही। इस उपलब्धि को राज्य सरकार आर्थिक गतिविधियों में आई तेजी, कर प्रणाली में पारदर्शिता और कर चोरी के खिलाफ सख्त अभियान का परिणाम मान रही है।
राज्य के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि मई महीने में पंजाब का सकल जीएसटी संग्रह 2,400 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में यह वृद्धि 14.59 प्रतिशत रही, जिससे राज्य के खजाने में 300 करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त राजस्व आया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी अवधि में देशभर में जीएसटी राजस्व वृद्धि की दर अपेक्षाकृत कम रही। ऐसे में पंजाब ने कर संग्रह के मामले में राष्ट्रीय औसत को काफी पीछे छोड़ते हुए अपनी वित्तीय क्षमता और प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया है।
कर प्रशासन की सख्ती का दिखा असर
वित्त मंत्री के अनुसार कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियान बेहद प्रभावी साबित हुए हैं। स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स (SIPU) ने पूरे राज्य में संदिग्ध लेन-देन, फर्जी कंपनियों और टैक्स चोरी के मामलों की गहन जांच की। मई महीने के दौरान विभाग ने 182 करोड़ रुपये से अधिक के दंडात्मक आदेश जारी किए, जबकि लगभग 179 करोड़ रुपये की राशि की सफल वसूली भी की गई।
उन्होंने बताया कि आधुनिक डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल निगरानी प्रणाली, खुफिया सूचनाओं और जमीनी स्तर पर किए गए सत्यापन अभियानों की मदद से कई बड़े मामलों का खुलासा हुआ है। विभाग अब तकनीक आधारित निगरानी को और मजबूत कर रहा है ताकि कर चोरी के नए तरीकों पर भी प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
फर्जी बिलिंग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई
कराधान विभाग ने हाल ही में एक बड़े फर्जी बिलिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसकी अनुमानित राशि 85 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ कारोबारी फर्जी कंपनियों और कागजी लेन-देन के माध्यम से गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल कर रहे थे।
इस मामले में लुधियाना की एक फर्म से जुड़े प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के अवैध टैक्स लाभ लेने के प्रमाण मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार इस नेटवर्क में नकली बिल, फर्जी डेबिट नोट, बनावटी परिवहन दस्तावेज और केवल कागजों पर मौजूद फर्मों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
विभाग ने इस मामले से जुड़े लाभार्थियों की पहचान कर उनसे करोड़ों रुपये की वसूली भी की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार सार्वजनिक धन की सुरक्षा और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी बिलिंग, बोगस कंपनियों और संगठित कर चोरी के मामलों के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति आगे भी जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि बढ़ता जीएसटी संग्रह केवल राजस्व वृद्धि का संकेत नहीं है, बल्कि यह राज्य की अर्थव्यवस्था में बढ़ती गतिविधियों, व्यापारिक विश्वास और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का भी प्रमाण है। सरकार का लक्ष्य करदाताओं को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराते हुए राजस्व आधार को और मजबूत बनाना है, ताकि विकास परियोजनाओं के लिए अधिक संसाधन जुटाए जा सकें।




