सीजफायर, कच्चे तेल में गिरावट और RBI मीटिंग की उम्मीद से बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 2700 अंक चढ़ा

सीजफायर, कच्चे तेल में गिरावट और RBI मीटिंग की उम्मीद से बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 2700 अंक चढ़ा

घरेलू शेयर बाजार में आज निवेशकों के लिए बेहद उत्साहजनक कारोबारी सत्र देखने को मिला। सप्ताह के कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में मजबूत खरीदारी का माहौल बना रहा और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) तथा निफ्टी 50 (Nifty 50) ने शानदार बढ़त दर्ज की। शुरुआती कारोबार में ही दोनों इंडेक्स गैप-अप ओपनिंग के साथ खुले और पूरे दिन तेजी का रुख कायम रहा। इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हुआ, क्योंकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) में करीब 13 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर सकारात्मक संकेत मिलने के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। अंतरराष्ट्रीय तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक से जुड़ी उम्मीदों ने बाजार को मजबूती प्रदान की। इन सभी कारणों का संयुक्त प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 2,716 अंक यानी लगभग 3.64 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,300 अंक के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी लगभग 798 अंकों की छलांग लगाकर 23,900 के आसपास कारोबार करता नजर आया। यह तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अधिकांश सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों ने जोरदार रुचि दिखाई।

बाजार की शुरुआत रही बेहद मजबूत

आज का कारोबारी दिन सकारात्मक संकेतों के साथ शुरू हुआ। प्री-ओपन सेशन में ही बाजार में खरीदारी का दबाव दिखाई देने लगा था। जैसे ही नियमित कारोबार शुरू हुआ, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने मजबूत गैप-अप ओपनिंग की। शुरुआती घंटों में कुछ मुनाफावसूली जरूर देखने को मिली, लेकिन बाजार का समग्र रुझान सकारात्मक बना रहा।

दोपहर तक अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। निवेशकों का विश्वास इस बात से भी झलक रहा था कि बड़े निवेशकों के साथ-साथ रिटेल निवेशकों ने भी खरीदारी जारी रखी। दिनभर बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहने से सूचकांकों ने अपनी बढ़त बनाए रखी।

निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा

आज की तेजी का सबसे बड़ा लाभ निवेशकों को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में लगभग 13 लाख करोड़ रुपये का इजाफा दर्ज किया गया। बाजार पूंजीकरण में यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि निवेशकों के पोर्टफोलियो की वैल्यू में एक ही कारोबारी सत्र के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

मार्केट कैपिटलाइजेशन किसी भी कंपनी के कुल बाजार मूल्य को दर्शाता है। जब शेयरों की कीमतों में तेजी आती है, तो कंपनियों का कुल मूल्य भी बढ़ जाता है। इसी कारण पूरे बाजार का कुल मार्केट कैप भी बढ़ा।

अंतरराष्ट्रीय तनाव में कमी से मिला समर्थन

आज की तेजी के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की खबर रही। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दबाव बनाया था। हालांकि, दो सप्ताह के संभावित सीजफायर को लेकर सामने आई सकारात्मक खबरों ने निवेशकों की चिंताओं को काफी हद तक कम किया।

जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक जोखिम घटते हैं, तो निवेशकों का जोखिम उठाने का भरोसा बढ़ता है। यही कारण है कि विदेशी बाजारों में भी सकारात्मक माहौल देखने को मिला और उसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी बड़ी वजह

शेयर बाजार की तेजी के पीछे दूसरा बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट रही। रिपोर्ट के अनुसार, WTI Crude Oil में करीब 19 प्रतिशत और Brent Crude Oil में लगभग 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं, तो इससे देश का आयात बिल घट सकता है। इसके अलावा महंगाई पर भी दबाव कम होने की संभावना रहती है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में गिरावट को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।

कच्चा तेल सस्ता होने से परिवहन लागत, उत्पादन लागत और कई उद्योगों के खर्च पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे कंपनियों की लाभप्रदता में सुधार की उम्मीद बढ़ जाती है।

RBI की MPC बैठक पर टिकी बाजार की नजर

आज बाजार की तेजी के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) की बैठक को लेकर भी उम्मीदें महत्वपूर्ण रहीं। निवेशकों को उम्मीद है कि आरबीआई महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसे फैसले ले सकता है, जो बाजार के लिए सकारात्मक साबित हों।

हालांकि बैठक के अंतिम निर्णय का इंतजार है, लेकिन संभावित नीतिगत संकेतों को लेकर निवेशकों का रुख सकारात्मक दिखाई दिया। ब्याज दरों, महंगाई और तरलता से जुड़े फैसलों का सीधा असर बैंकिंग, रियल एस्टेट, ऑटो और कई अन्य सेक्टरों पर पड़ता है।

लगभग सभी सेक्टरों में दिखी मजबूती

आज के कारोबारी सत्र की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि तेजी केवल चुनिंदा कंपनियों तक सीमित नहीं रही। अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स में खरीदारी देखने को मिली।

बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, आईटी, एफएमसीजी, मेटल, कैपिटल गुड्स, ऑयल एंड गैस और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा व्यापक स्तर पर मजबूत हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार जब बाजार में सभी सेक्टरों में एक साथ तेजी आती है, तो इसे व्यापक भागीदारी (Broad-Based Rally) माना जाता है और यह बाजार की मजबूती का सकारात्मक संकेत होता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शानदार खरीदारी

सिर्फ बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने जोरदार खरीदारी की। आमतौर पर जब निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है, तब वे केवल ब्लूचिप कंपनियों तक सीमित नहीं रहते बल्कि मध्यम और छोटी कंपनियों में भी निवेश बढ़ाते हैं।

इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में सकारात्मक भावना व्यापक स्तर पर मौजूद है।

बाजार की चौड़ाई भी रही बेहद मजबूत

आज का बाजार केवल सूचकांकों की तेजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) भी काफी मजबूत दिखाई दी।

बीएसई पर कुल 2,679 शेयरों में कारोबार हुआ।

इनमें से—

  • 2,408 शेयरों में तेजी दर्ज की गई।
  • 178 शेयरों में गिरावट रही।
  • 93 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।

यह आंकड़े बताते हैं कि अधिकांश कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का माहौल बना रहा और तेजी पूरे बाजार में फैली हुई थी।

कई शेयर पहुंचे 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर

आज के कारोबारी सत्र में कई कंपनियों ने नए रिकॉर्ड भी बनाए।

  • 36 शेयर अपने 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।
  • 11 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार करते दिखाई दिए।

इसके अलावा बाजार में तेज खरीदारी के चलते—

  • 123 शेयरों में अपर सर्किट लगा।
  • 32 शेयर लोअर सर्किट में बंद हुए।

यह दर्शाता है कि कुछ कंपनियों में निवेशकों की मांग काफी मजबूत रही।

बाजार की तेजी का अर्थ क्या है?

शेयर बाजार में तेजी केवल निवेशकों की कमाई तक सीमित नहीं होती। मजबूत बाजार अक्सर यह संकेत देता है कि निवेशकों को भविष्य में आर्थिक गतिविधियों के बेहतर रहने की उम्मीद है।

हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और केवल एक दिन की तेजी के आधार पर किसी दीर्घकालिक प्रवृत्ति का आकलन नहीं किया जा सकता। बाजार की दिशा कई घरेलू और वैश्विक कारकों जैसे आर्थिक आंकड़ों, ब्याज दरों, कॉर्पोरेट नतीजों, विदेशी निवेश, कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों से प्रभावित होती रहती है।

फिलहाल बाजार में सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है, लेकिन निवेशकों के लिए यह भी जरूरी है कि वे किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम क्षमता और विशेषज्ञ सलाह को ध्यान में रखें। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेत, आरबीआई की मौद्रिक नीति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।