युवाओं का शेयर बाजार की ओर बढ़ता रुझान: हर 10वां भारतीय निवेशक

भारतीय शेयर बाजार की तस्वीर पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदली है। पहले जहां निवेश को केवल अनुभवी लोगों या बड़े शहरों तक सीमित माना जाता था, वहीं अब युवा वर्ग बड़ी संख्या में शेयर बाजार से जुड़ रहा है। खासतौर पर Gen-Z यानी नई पीढ़ी निवेश के प्रति पहले से कहीं अधिक जागरूक और सक्रिय नजर आ रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, आसान ट्रेडिंग ऐप्स और वित्तीय जानकारी तक आसान पहुंच ने इस बदलाव को नई गति दी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की मार्केट पल्स जुलाई 2026 रिपोर्ट इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के…

जून में थोक महंगाई 44 महीने के उच्चतम स्तर पर, रोजमर्रा की चीजों के बढ़े दाम; खुदरा महंगाई भी लगातार छठे महीने चढ़ी

देश में महंगाई का दबाव एक बार फिर तेज होता दिखाई दे रहा है। जून महीने में थोक स्तर पर महंगाई (Wholesale Price Index-WPI) बढ़कर 9.87 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो करीब 44 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। इससे पहले सितंबर 2022 में थोक महंगाई 10.70 प्रतिशत दर्ज की गई थी। मई महीने में यह दर 9.68 प्रतिशत थी, यानी एक महीने के भीतर इसमें और बढ़ोतरी देखने को मिली है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि खाने-पीने की वस्तुओं और रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामानों की कीमतों में लगातार…

शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में; ऑटो, बैंकिंग और मेटल शेयरों में बिकवाली हावी

सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही और शुरुआती घंटों में ही निवेशकों के बीच मुनाफावसूली का माहौल देखने को मिला। सोमवार, 13 जुलाई को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ लगभग 77,200 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 भी करीब 100 अंक टूटकर 24,100 के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और मेटल सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला, जिसके चलते बाजार का समग्र रुख कमजोर बना रहा। विशेषज्ञों…

होर्मुज संकट से भारतीय बाजार पर मंडराया खतरा, तेल महंगा हुआ तो शेयरों से लेकर रुपये तक पड़ सकता है असर

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव अब केवल सैन्य या कूटनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। सबसे ज्यादा चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जताई जा रही है, जो वैश्विक कच्चे तेल की सप्लाई का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। ईरान की ओर से इस रणनीतिक रास्ते को बंद किए जाने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचैनी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव…

14 जुलाई से खुलेगा देश के सबसे बड़े AMC का पब्लिक इश्यू, जानिए प्राइस बैंड, लॉट साइज और निवेश से जुड़ी हर अहम जानकारी

अगर आप शेयर बाजार में नए आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो अगले सप्ताह निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर आने वाला है। देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) में शामिल SBI Funds Management अपना बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लेकर आ रही है। करीब 11,693 करोड़ रुपये के इस मेगा इश्यू को वर्ष 2026 के सबसे बड़े आईपीओ में गिना जा रहा है। लंबे समय से इस इश्यू का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए अब आवेदन की तारीखें भी तय हो चुकी हैं। 14 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया कंपनी का आईपीओ आम निवेशकों…

NSE का IPO एक कदम और आगे बढ़ा, 30 हजार करोड़ रुपये तक का हो सकता है देश का सबसे बड़ा शेयर इश्यू

देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। लंबे समय से बाजार में NSE की लिस्टिंग को लेकर चर्चा चल रही थी और अब यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह इश्यू करीब 30 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है, जो इसे भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल कर सकता है। अनलिस्टेड मार्केट में…

NSE ने बढ़ाया इंडेक्स दायरा, 11 नए सेक्टर-आधारित बेंचमार्क जोड़े; निवेशकों को मिलेगी बेहतर ट्रैकिंग की सुविधा

भारतीय शेयर बाजार में सेक्टोरल निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने बड़ा कदम उठाया है। एक्सचेंज की इंडेक्स इकाई NSE इंडाइसेज लिमिटेड ने 11 नए सेक्टोरल इंडेक्स पेश किए हैं। इनकी शुरुआत के बाद निफ्टी परिवार के अंतर्गत आने वाले सेक्टोरल इंडेक्स की कुल संख्या बढ़कर 34 हो गई है। इस विस्तार का उद्देश्य निवेशकों को भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न उद्योगों की गतिविधियों और प्रदर्शन को अधिक बारीकी से समझने का अवसर देना है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था में कई ऐसे सेक्टर्स तेजी से उभरे हैं,…

मई में महंगाई ने पकड़ी रफ्तार, RBI की बढ़ी चिंता; खाने-पीने का सामान और ट्रांसपोर्ट हुआ महंगा

देश में खुदरा महंगाई दर एक बार फिर तेजी से बढ़ी है और मई 2026 के आंकड़ों ने नीति निर्माताओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं। साल की शुरुआत में जहां महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित नजर आ रही थी, वहीं अब लगातार बढ़ते दामों ने आम लोगों की जेब पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। मई में खुदरा महंगाई दर 3.93% दर्ज की गई, जो अप्रैल के 3.48% के मुकाबले काफी अधिक है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि बाजार में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई केवल 2.74%…

विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए सरकार की नई तैयारी, सरकारी बॉण्ड पर टैक्स राहत संभव

विदेशी निवेश आकर्षित करने की दिशा में बड़ा नीतिगत कदम भारत सरकार एक व्यापक आर्थिक रणनीति के तहत विदेशी निवेश को बढ़ाने पर जोर दे रही है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, तब भारत का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक स्थिर और दीर्घकालिक विदेशी पूंजी को देश के वित्तीय ढांचे में शामिल किया जाए। इसी क्रम में सरकार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities – G-Secs) पर टैक्स राहत देने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह कदम भारतीय बॉण्ड और ऋण बाजार को वैश्विक…

आज से शुरू हुई RBI की अहम MPC बैठक, 5 जून को आएगा ब्याज दरों पर फैसला

RBI मॉनेटरी पॉलिसी बैठक शुरू, रेपो रेट पर बाजार की नजरें; 5 जून को आएगा फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिवसीय बैठक 3 जून से शुरू हो गई है। यह बैठक देश की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक 5 जून तक चलेगी, जिसके बाद RBI गवर्नर समिति द्वारा लिए गए फैसलों की घोषणा करेंगे। मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार केंद्रीय बैंक रेपो रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं कर सकता…

RBI Report: पश्चिम एशिया तनाव और कमजोर मॉनसून से बढ़ सकती है महंगाई, अर्थव्यवस्था पर भी नजर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में देश की अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद कुछ प्रमुख जोखिमों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक ऊर्जा बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव और सामान्य से कमजोर मॉनसून की आशंका आने वाले समय में महंगाई पर दबाव बढ़ा सकती है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है और घरेलू मांग, सार्वजनिक निवेश तथा वित्तीय क्षेत्र की स्थिरता भविष्य की वृद्धि को समर्थन दे सकती है। आरबीआई के…

ग्लोबल दबाव में टूटा भारतीय शेयर बाजार, निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक फिसला और निफ्टी 23,450 के नीचे पहुंचा भारतीय शेयर बाजार में आज का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। सप्ताह के मध्य में बाजार ने कमजोर शुरुआत की और शुरुआती घंटों में ही बिकवाली का दबाव बढ़ता नजर आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स बाजार खुलते ही लाल निशान में पहुंच गया और कुछ ही समय में करीब 600 अंकों की गिरावट के साथ 74,500 के आसपास कारोबार करने लगा। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 50 भी शुरुआती कारोबार में दबाव…

ट्रंप के बयान से बाजार में भूचाल, निवेशकों के ₹7 लाख करोड़ डूबे, सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट

पश्चिम एशिया तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर असर, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत ही भारी गिरावट के साथ हुई, जहां निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर बिकवाली की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही सेंसेक्स में 1,000 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जबकि निफ्टी भी 300 अंकों से ज्यादा फिसल…

रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, डॉलर के मुकाबले एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बना

भारतीय मुद्रा पर एक बार फिर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 95.86 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार शुरू होते ही भारतीय मुद्रा में करीब 20 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। रुपये की लगातार कमजोरी ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी पूंजी के प्रवाह को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कारोबार की शुरुआत में रुपया 95.74 के स्तर…

घरेलू बाजार में चीनी संकट रोकने के लिए सरकार सख्त, 30 सितंबर 2026 तक एक्सपोर्ट बंद

देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और घरेलू बाजार में कीमतों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने 13 मई 2026 से चीनी के निर्यात को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहने वाली है। इस संबंध में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। सरकार के इस फैसले का सीधा असर चीनी कारोबार, निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय चीनी…

ईरान युद्ध पर उदय कोटक का अलर्ट: भारत को लग सकता है बड़ा आर्थिक झटका

भारत के जाने-माने उद्योगपति और कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के बदलते परिदृश्य को लेकर कारोबार जगत और नीति निर्माताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका मानना है कि दुनिया इस समय ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध, व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और रणनीतिक संसाधनों पर नियंत्रण की होड़ का असर आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों पर अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। सीआईआई के वार्षिक बिजनेस समिट 2026 में अपने विचार रखते हुए उदय कोटक ने ईरान में जारी संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का…

टॉप कंपनियों पर बाजार की मार: 7 बड़ी कंपनियों की मार्केट वैल्यू में ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में पिछले कारोबारी हफ्ते के दौरान देखने को मिली कमजोरी का असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर भी दिखाई दिया। बाजार में लगातार बिकवाली और निवेशकों की सतर्कता के चलते मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर देश की टॉप-10 कंपनियों में से 7 कंपनियों की कुल बाजार वैल्यू में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, इन सात प्रमुख कंपनियों के मार्केट कैप में कुल मिलाकर करीब ₹2.05 लाख करोड़ की कमी आई है। इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर देश की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर पड़ा। कंपनी की बाजार वैल्यू में…

₹9.25 लाख करोड़ की कमाई! ट्रंप के संकेत से शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी ने भरी उड़ान

भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 1300 अंक चढ़ा और निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में आज शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबारी सत्र की शुरुआत होते ही घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल बन गया और प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ खुले। बीएसई सेंसेक्स में करीब 1300 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी लगभग 400 अंकों की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। सुबह के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 78,166 के स्तर के आसपास पहुंच गया,…

सीजफायर, कच्चे तेल में गिरावट और RBI मीटिंग की उम्मीद से बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 2700 अंक चढ़ा

घरेलू शेयर बाजार में आज निवेशकों के लिए बेहद उत्साहजनक कारोबारी सत्र देखने को मिला। सप्ताह के कारोबार की शुरुआत से ही बाजार में मजबूत खरीदारी का माहौल बना रहा और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) तथा निफ्टी 50 (Nifty 50) ने शानदार बढ़त दर्ज की। शुरुआती कारोबार में ही दोनों इंडेक्स गैप-अप ओपनिंग के साथ खुले और पूरे दिन तेजी का रुख कायम रहा। इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हुआ, क्योंकि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) में करीब 13 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों…

Modi Government का बड़ा Decision: कपास पर Import Duty हटाने से किसानों में गुस्सा, Kejriwal बोले- “किसानों के साथ बड़ा धोखा”

देश के किसानों के लिए आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जिसे लेकर राजनीति गरमा गई है। सरकार ने अमेरिका से आने वाली कपास (Cotton) पर लगने वाले 11% आयात शुल्क (Import Duty) को हटा दिया है। पहले अमेरिका से भारत आने वाली कपास पर यह टैक्स लागू था, लेकिन अब यह छूट 19 अगस्त से 30 सितंबर 2025 तक यानी 40 दिनों के लिए दी गई है। बाद में वित्त मंत्रालय ने इस छूट को 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाने का ऐलान किया। इस फैसले…