सुबह की शुरुआत अच्छी और पौष्टिक डाइट के साथ करना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। दिनभर शरीर को एक्टिव रखने, मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने और बार-बार भूख लगने की परेशानी को कम करने में नाश्ते की अहम भूमिका होती है। इसके बावजूद कई लोग सुबह के खाने में ऐसी चीजें चुनते हैं, जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा तो अच्छी होती है, लेकिन प्रोटीन पर्याप्त नहीं मिल पाता। पोहा, उपमा, इडली और आलू के पराठे भारतीय घरों में पसंद किए जाने वाले नाश्ते हैं। इन्हें डाइट से हटाने की जरूरत नहीं है, बल्कि कुछ आसान बदलाव करके इनकी पौष्टिकता बढ़ाई जा सकती है।
प्रोटीन शरीर के विकास, मांसपेशियों की मरम्मत और कई जरूरी शारीरिक प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। यह पेट भरा होने का एहसास बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। यही वजह है कि सुबह के भोजन में प्रोटीन के स्रोत शामिल करने की सलाह दी जाती है। अगर आप भी रोजाना एक जैसा नाश्ता खाते हैं और उसमें प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं, तो अपनी पसंदीदा डिश में कुछ पौष्टिक चीजें शामिल कर सकते हैं।
न्यूट्रिशनिस्ट राशि चौधरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए भारतीय नाश्ते को अधिक प्रोटीन युक्त बनाने के कुछ आसान तरीके साझा किए हैं। इनका उद्देश्य रोजाना खाए जाने वाले घरेलू व्यंजनों को छोड़े बिना उनकी पौष्टिकता बढ़ाना है। आइए जानते हैं कि साधारण नाश्ते में छोटे-छोटे बदलाव करके प्रोटीन की मात्रा किस तरह बढ़ाई जा सकती है।
1. आलू के पराठे की जगह ट्राई करें पनीर पराठा
भारतीय घरों में सुबह के नाश्ते के लिए पराठे काफी लोकप्रिय हैं। खासतौर पर आलू का पराठा बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आता है। हालांकि, अगर आप नाश्ते में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं, तो आलू की स्टफिंग के साथ-साथ पनीर से तैयार पराठे को भी अपने मेन्यू में शामिल कर सकते हैं।
पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है। इसलिए इसे पराठे की स्टफिंग में इस्तेमाल करने से नाश्ते की पोषण गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। इसके लिए पनीर को अच्छी तरह मैश करके उसमें बारीक कटा प्याज, हरा धनिया, हरी मिर्च और अपनी पसंद के मसाले मिला लें। इसके बाद इस मिश्रण को आटे में भरकर पराठा तैयार करें।
अगर आपको आलू का स्वाद पसंद है, तो आलू और पनीर को मिलाकर भी स्टफिंग बनाई जा सकती है। इस तरह आपको अपने पसंदीदा नाश्ते का स्वाद भी मिलेगा और उसमें प्रोटीन का एक अतिरिक्त स्रोत भी जुड़ जाएगा। पराठे को कम मात्रा में तेल या घी से सेंकना बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके साथ सादा दही लेने से भोजन में प्रोटीन की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।
2. पोहे को बनाएं ज्यादा हेल्दी, मिलाएं पनीर और मूंगफली
पोहा हल्का और जल्दी तैयार होने वाला नाश्ता है। कई लोग इसे इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसमें अपनी पसंद की सब्जियां भी डाली जा सकती हैं। लेकिन अगर आप पोहे को ही अपना रोजाना का नाश्ता बनाते हैं, तो उसमें प्रोटीन के स्रोत जोड़ना उपयोगी हो सकता है।
इसके लिए पोहा बनाते समय मटर, गाजर, बीन्स और प्याज जैसी सब्जियों का इस्तेमाल करें। साथ ही, इसमें भुनी हुई मूंगफली की मात्रा अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार बढ़ा सकते हैं। मूंगफली में प्रोटीन और असंतृप्त वसा होती है, जो इसे नाश्ते में शामिल करने का अच्छा विकल्प बनाती है।
पोहा तैयार होने के बाद इसमें छोटे-छोटे टुकड़ों में कटा पनीर भी मिलाया जा सकता है। यदि आप चाहें, तो पनीर को हल्का भूनकर पोहे के साथ मिला लें। इससे खाने का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो सकते हैं।
इस तरह तैयार किया गया पोहा केवल चावल से मिलने वाले कार्बोहाइड्रेट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसमें प्रोटीन के अतिरिक्त स्रोत भी शामिल हो जाते हैं। हालांकि, मूंगफली और पनीर की मात्रा अपनी कैलोरी जरूरत के अनुसार रखें। स्वाद के साथ पोषण का संतुलन बनाए रखने के लिए तेल का इस्तेमाल भी सीमित करना अच्छा रहेगा।
3. मूंग दाल का चीला खाएं, साथ में लें दही
अगर आप नाश्ते में डोसा या बेसन का चीला खाते हैं, तो कभी-कभी मूंग दाल का चीला बनाकर देख सकते हैं। मूंग दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और इससे तैयार चीला सुबह के भोजन में पौष्टिकता बढ़ाने का आसान तरीका हो सकता है।
इसे बनाने के लिए मूंग दाल को कुछ घंटों तक भिगोकर रखें। इसके बाद पानी निकालकर दाल को पीस लें और जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर घोल तैयार करें। इसमें बारीक कटी प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, अदरक और हरा धनिया डाल सकते हैं। अब नॉनस्टिक तवे पर थोड़ा तेल लगाकर चीले को दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें।
मूंग दाल के चीले के साथ दही खाना भी एक अच्छा विकल्प है। दही से अतिरिक्त प्रोटीन और कैल्शियम मिल सकता है। यदि आप नाश्ते में ज्यादा देर तक पेट भरा रखना चाहते हैं, तो चीले के साथ दही और सब्जियों का संतुलित संयोजन उपयोगी हो सकता है।
इस व्यंजन की एक खास बात यह है कि इसे अलग-अलग तरीकों से बनाया जा सकता है। आप इसमें पनीर की स्टफिंग भी भर सकते हैं। इससे प्रोटीन की मात्रा और बढ़ सकती है। जिन लोगों को सुबह भारी नाश्ता पसंद नहीं है, उनके लिए भी यह एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है।
4. उपमा में डालें हरी मटर, बीन्स और पनीर
उपमा दक्षिण भारतीय खानपान से लोकप्रिय हुआ ऐसा नाश्ता है, जिसे देश के कई हिस्सों में पसंद किया जाता है। इसे आमतौर पर सूजी से बनाया जाता है। सूजी से शरीर को ऊर्जा मिलती है, लेकिन यदि आप नाश्ते में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं, तो उपमा तैयार करने के तरीके में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं।
सबसे पहले उपमा में हरी मटर, गाजर, बीन्स और अन्य पसंदीदा सब्जियां शामिल करें। इसके बाद इसमें पनीर के छोटे टुकड़े डाल सकते हैं। मटर और पनीर दोनों प्रोटीन के स्रोत हैं। इनका इस्तेमाल करने से उपमा पहले की तुलना में अधिक पौष्टिक बन सकता है।
अगर आप अंडा खाते हैं, तो उपमा के साथ उबला हुआ अंडा भी ले सकते हैं। अंडे में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन पाया जाता है। हालांकि, कितने अंडे खाने चाहिए, यह आपकी कुल डाइट, उम्र, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जरूरतों पर निर्भर करता है। केवल प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए हर व्यक्ति को रोजाना दो अंडे खाना जरूरी नहीं है।
उपमा बनाते समय तेल की मात्रा सीमित रखें और सब्जियों की विविधता पर ध्यान दें। इस तरह आप अपने नियमित नाश्ते को अधिक संतुलित बना सकते हैं, बिना किसी जटिल रेसिपी या महंगी सामग्री के।
5. साधारण सैंडविच को दें प्रोटीन वाला ट्विस्ट
जल्दी में ऑफिस या स्कूल जाने वाले लोगों के लिए सैंडविच एक सुविधाजनक नाश्ता है। लेकिन केवल ब्रेड और सॉस से बना सैंडविच खाने की बजाय उसमें प्रोटीन युक्त सामग्री शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
इसके लिए मल्टीग्रेन या साबुत अनाज वाली ब्रेड का इस्तेमाल करें। इसके बीच पनीर, उबले अंडे या अच्छी तरह पके अंडे की फिलिंग रखी जा सकती है। साथ में टमाटर, खीरा, प्याज और सलाद के पत्ते जोड़ने से फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी मिलेंगे।
अगर आप शाकाहारी हैं, तो मसालेदार पनीर की फिलिंग तैयार कर सकते हैं। इसके लिए पनीर को मैश करके उसमें काली मिर्च, हरा धनिया और बारीक कटी सब्जियां मिला लें। अंडा खाने वाले लोग उबले अंडे को काटकर या पकाकर सैंडविच में इस्तेमाल कर सकते हैं।
सैंडविच बनाते समय मेयोनीज, मक्खन और ज्यादा मात्रा में चीज डालने से बचें, क्योंकि इससे कैलोरी और वसा की मात्रा बढ़ सकती है। जरूरत के अनुसार कम वसा वाले विकल्प चुनना भी उपयोगी हो सकता है। इस तरह सैंडविच स्वादिष्ट होने के साथ-साथ नाश्ते में प्रोटीन का अच्छा स्रोत बन सकता है।
नाश्ते में प्रोटीन बढ़ाते समय इन बातों का रखें ध्यान
सुबह के भोजन में प्रोटीन शामिल करने का मतलब यह नहीं है कि केवल एक ही खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहा जाए। दालें, दूध, दही, पनीर, अंडे, सोया उत्पाद, मेवे और बीज जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। अपनी पसंद, खानपान की आदतों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के अनुसार इनमें से चुनाव किया जा सकता है।
यह भी ध्यान रखें कि प्रोटीन की दैनिक जरूरत हर व्यक्ति के लिए एक जैसी नहीं होती। शरीर का वजन, उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की स्थिति इसके निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए सभी लोगों के लिए रोजाना एक निश्चित मात्रा में प्रोटीन लेना जरूरी मानना सही नहीं है।
नाश्ते में प्रोटीन के साथ फाइबर, विटामिन और खनिजों का संतुलन भी जरूरी है। साबुत अनाज, फल और सब्जियां इस संतुलन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। पर्याप्त पानी पीना और पूरे दिन संतुलित भोजन करना भी स्वस्थ दिनचर्या का हिस्सा है।
अगर आप लंबे समय तक पेट भरा रखना चाहते हैं, तो नाश्ते में प्रोटीन के साथ फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। उदाहरण के लिए, मूंग दाल का चीला और दही, सब्जियों वाला पनीर पोहा या अंडे से बना सैंडविच अच्छे विकल्प हो सकते हैं। वहीं, जिन लोगों को किडनी की बीमारी या प्रोटीन सेवन से संबंधित कोई चिकित्सकीय समस्या है, उन्हें अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए।
कुल मिलाकर, हेल्दी नाश्ते के लिए अपनी पसंदीदा भारतीय डिशेज को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। पोहा में मूंगफली और पनीर मिलाना, उपमा में मटर डालना, मूंग दाल का चीला खाना या पराठे में पनीर की स्टफिंग करना जैसे छोटे बदलाव नाश्ते को अधिक संतुलित बना सकते हैं। सही मात्रा और विविधता के साथ अपनाई गई ऐसी आदतें रोजाना की डाइट को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।




