सेवा के लिए साधन नहीं, समर्पण जरूरी: अनुराग ठाकुर, धौलाधार सेवा ट्रस्ट के स्थापना दिवस पर बोले सांसद

सेवा के लिए साधन नहीं, समर्पण जरूरी: अनुराग ठाकुर, धौलाधार सेवा ट्रस्ट के स्थापना दिवस पर बोले सांसद

समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि सेवा की भावना और समर्पण की जरूरत होती है। व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार समाज के लिए छोटा-सा योगदान भी करे तो उसका असर किसी दूसरे के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। सेवा का वास्तविक अर्थ यही है कि बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों के लिए काम किया जाए। यह बात सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने रविवार को पालमपुर में धौलाधार सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही।

समारोह में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे अनुराग ठाकुर ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव केवल सरकारी योजनाओं और संस्थागत प्रयासों से नहीं आता, बल्कि इसमें सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में किसी न किसी रूप में सेवा कार्य से जुड़ना चाहिए। इसके लिए जरूरी नहीं कि कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम हो। किसी जरूरतमंद की सहायता करना, किसी विद्यार्थी की पढ़ाई में सहयोग देना, पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करना या किसी बीमार व्यक्ति की मदद करना भी सेवा का ही हिस्सा है।

उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा की भावना को जीवन में अपनाने की आवश्यकता है। जब समाज का एक व्यक्ति दूसरे के लिए खड़ा होता है तो इससे सामाजिक विश्वास मजबूत होता है और जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों की तुलना उनके आकार या आर्थिक मूल्य से नहीं की जानी चाहिए। महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए अपनी सामर्थ्य के अनुसार योगदान दे।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ट्रस्ट की भूमिका

अनुराग ठाकुर ने कहा कि पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि के मार्गदर्शन में धौलाधार सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य कर रहा है। संस्था ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और अन्य जनकल्याणकारी गतिविधियों को अपने कार्यक्षेत्र में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक संस्था की सफलता इस बात से तय होती है कि उसके प्रयासों से आम लोगों के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आता है।

उन्होंने ट्रस्ट की गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे प्रयासों की आवश्यकता लगातार बनी हुई है। सरकारें अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं, लेकिन समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने और स्थानीय स्तर पर जरूरतों को समझने में सामाजिक संस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किए गए छोटे प्रयास भी दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं।

सांसद ने कहा कि सेवा का दायरा केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए। शिक्षा से वंचित बच्चों की मदद, स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े प्रयास, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की सहायता, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा के समय लोगों की मदद जैसे अनेक क्षेत्र हैं, जहां समाज के लोग अपनी भूमिका निभा सकते हैं।

फायर सीजन से पहले पाइन नीडल संग्रह अभियान का सुझाव

अनुराग ठाकुर ने धौलाधार सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट को आगामी फायर सीजन से पहले पूरे कांगड़ा जनपद में पाइन नीडल यानी चीड़ की सूखी पत्तियां एकत्र करने का अभियान शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गर्मियों के दौरान जंगलों में आग की घटनाओं में सूखी चीड़ की पत्तियां एक महत्वपूर्ण कारक बनती हैं। ऐसे में समय रहते इन्हें वन क्षेत्रों से हटाने की दिशा में सामूहिक प्रयास किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस अभियान को केवल किसी एक संस्था तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय समुदाय की भागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा सकता है। पंचायतों, स्थानीय लोगों और स्कूली विद्यार्थियों को अभियान से जोड़कर इसे व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। इससे जहां वन क्षेत्रों में सूखी पत्तियों की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है, वहीं लोगों में जंगलों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि पाइन नीडल को जंगलों से एकत्र करने के बाद उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था वह स्वयं करवाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने ट्रस्ट से आग्रह किया कि इस संबंध में स्थानीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर संबंधित पंचायतों और अन्य संस्थाओं को भी जोड़ा जाए।

समाज में योगदान देने वालों का सम्मान

स्थापना दिवस समारोह के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। मुख्यातिथि अनुराग सिंह ठाकुर ने डॉ. शिव कुमार को सम्मानित किया। उनकी ओर से उनके पुत्र राघव शर्मा ने सम्मान प्राप्त किया।

इसके अलावा रोटरी आई हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. सुधीर सल्होत्रा, नवनीत शर्मा, गोपाल सूद, परविंदर भाटिया, रक्षा राणा, सूबेदार मेजर बलवंत सिंह और रोबिन सिंह को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में ट्रस्ट के सेवा कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं को समाज के जरूरतमंद वर्गों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखते हुए उनकी वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप गतिविधियां संचालित करनी चाहिए। इस दिशा में ट्रस्ट की ओर से किए जा रहे प्रयासों को आगे भी जारी रखने की बात कही गई।

समाज को मजबूत करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहा ट्रस्ट: रविंद्र सिंह रवि

धौलाधार सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक एवं पूर्व मंत्री रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज को मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने की भावना के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि सेवा कार्य किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में किए जाने चाहिए।

रवि ने अनुराग सिंह ठाकुर के प्रयासों का उल्लेख करते हुए धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की स्थापना को कांगड़ा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबले होने पर दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग कांगड़ा पहुंचते हैं। इसका असर क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर भी पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बड़े खेल आयोजनों के दौरान होटल, रेस्तरां, परिवहन, छोटे दुकानदारों और अन्य स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिलता है। उनके अनुसार धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम स्थापित होने से कांगड़ा की पहचान को भी एक नया विस्तार मिला है।

रविंद्र सिंह रवि ने कहा कि क्रिकेट स्टेडियम किसी अन्य स्थान पर भी स्थापित किया जा सकता था, लेकिन अनुराग ठाकुर ने कांगड़ा को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि इसी तरह की सोच के साथ ट्रस्ट भी आने वाले समय में सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों को विस्तार देने का प्रयास करेगा।

स्थानीय भागीदारी से सेवा कार्यों को विस्तार देने पर जोर

स्थापना दिवस समारोह में सेवा कार्यों को अधिक व्यापक बनाने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी सामाजिक संस्था के प्रयास तभी प्रभावी होते हैं, जब स्थानीय लोग उससे सीधे जुड़ें। पंचायत स्तर पर स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार करने, युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने और पर्यावरण से जुड़े अभियानों में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।

पाइन नीडल संग्रह अभियान के प्रस्ताव को भी इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। यदि स्थानीय स्तर पर लोगों को इससे जोड़ा जाता है तो एक ओर जंगलों में आग के संभावित खतरे को कम करने की दिशा में प्रयास हो सकते हैं, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई जा सकती है।

ट्रस्ट पदाधिकारियों ने भविष्य में सेवा गतिविधियों को और अधिक क्षेत्रों तक ले जाने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर जनहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

ये रहे उपस्थित

समारोह में पूर्व विधायक रविंद्र रवि धीमान, तेजवंत नेगी, संजय चौधरी, जिया लाल, प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, प्रदेश प्रवक्ता विनय शर्मा सहित कई गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।

धौलाधार सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष ओमप्रकाश खरवाल, पूर्व अध्यक्ष शांति स्वरूप शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी, उपाध्यक्ष जगदीश राणा, महासचिव डॉ. संदीप मिश्रा, संयुक्त सचिव राजीव शर्मा और सुधीर भाटिया, वित्त सचिव सुरेश राणा तथा प्रेस सचिव वाईआर बक्शी भी समारोह में उपस्थित रहे।

इसके अलावा सलाहकार मंडल के सदस्य जगमल कटोच, एसके मेहता, सचिन वर्मा, सुरेश चौधरी, सुरेंद्र कुमार सूद, जेसी राणा, राघव शर्मा, कर्नल रंजीत, करण जमवाल, धीरज कटोच समेत बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

समारोह का समापन समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। ट्रस्ट की ओर से भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में गतिविधियों को और व्यापक बनाने की बात कही गई।