सोने-चांदी की चमक फीकी, एक हफ्ते में भारी गिरावट: चांदी ₹10 हजार से ज्यादा टूटी, सोना भी ₹2800 सस्ता हुआ

सोने-चांदी की चमक फीकी, एक हफ्ते में भारी गिरावट: चांदी ₹10 हजार से ज्यादा टूटी, सोना भी ₹2800 सस्ता हुआ

सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह बड़ी गिरावट देखने को मिली है। घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी आई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत में एक हफ्ते के दौरान करीब ₹2,830 प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी के भाव में भी तेज गिरावट आई और यह करीब ₹10,609 प्रति किलो नीचे आ गई।

20 जून तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव घटकर करीब ₹1,44,970 रह गया है। इससे पहले 13 जून को सोने की कीमत लगभग ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम थी। इसी तरह चांदी की कीमत भी पिछले सप्ताह के ₹2.43 लाख प्रति किलो के स्तर से गिरकर करीब ₹2.32 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।

रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे आए सोने-चांदी के दाम

इस साल सोने और चांदी ने शुरुआत में जोरदार तेजी दिखाई थी और दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर बनाए थे। हालांकि जनवरी के बाद से बाजार में उतार-चढ़ाव जारी है। 29 जनवरी को सोना अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। उस समय 10 ग्राम सोने का भाव ₹1,76,121 तक चला गया था। लेकिन अब यह करीब ₹31 हजार नीचे आ चुका है।

वहीं चांदी ने भी इस साल जबरदस्त तेजी दिखाई थी। 29 जनवरी को चांदी की कीमत ₹3,85,933 प्रति किलो के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गई थी। इसके बाद लगातार गिरावट के चलते अब तक चांदी करीब ₹1.54 लाख प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

142 दिनों में सोने और चांदी में बड़ा बदलाव

बीते कुछ महीनों में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

29 जनवरी को सोना ₹1,76,121 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹3,85,933 प्रति किलो थी। इसके बाद फरवरी के अंत तक सोना गिरकर ₹1,50,997 और चांदी ₹2,66,700 पर आ गई।

मार्च में सोने का भाव करीब ₹1,46,733 और चांदी ₹2,30,135 प्रति किलो रही। अप्रैल में सोने में थोड़ी तेजी आई और यह ₹1,50,263 तक पहुंचा, जबकि चांदी ₹2,40,331 पर रही।

मई में सोना फिर बढ़कर ₹1,56,463 तक पहुंचा और चांदी ₹2,63,350 प्रति किलो रही। लेकिन जून में दोनों धातुओं में दोबारा गिरावट आई और 20 जून को सोना ₹1,44,970 तथा चांदी ₹2,31,973 प्रति किलो दर्ज की गई।

अलग-अलग कैरेट में सोने के नए भाव

सोने की शुद्धता के हिसाब से कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है।

  • 24 कैरेट सोना: ₹1,44,970 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: ₹1,32,793 प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना: ₹1,08,728 प्रति 10 ग्राम
  • 14 कैरेट सोना: ₹84,808 प्रति 10 ग्राम

बड़े शहरों में सोने के भाव

देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग इस स्तर पर रही:

  • दिल्ली: ₹1,46,230 प्रति 10 ग्राम
  • मुंबई: ₹1,46,080 प्रति 10 ग्राम
  • कोलकाता: ₹1,46,080 प्रति 10 ग्राम
  • जयपुर: ₹1,46,230 प्रति 10 ग्राम
  • भोपाल: ₹1,46,130 प्रति 10 ग्राम
  • पटना: ₹1,46,130 प्रति 10 ग्राम
  • लखनऊ: ₹1,46,230 प्रति 10 ग्राम
  • रायपुर: ₹1,46,080 प्रति 10 ग्राम
  • अहमदाबाद: ₹1,46,130 प्रति 10 ग्राम

क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?

सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी और निवेशकों का रुख बदलना है।

अमेरिका-ईरान तनाव कम होने से सुरक्षित निवेश की मांग घटी

जब भी दुनिया में युद्ध या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों में पैसा लगाते हैं। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा समझौते की खबरों से पश्चिम एशिया में संघर्ष का खतरा घटा है। इसके बाद निवेशकों ने सुरक्षित निवेश वाली धातुओं से पैसा निकालना शुरू किया। इससे सोने और चांदी की मांग कमजोर हुई और कीमतों पर दबाव बढ़ा।

अमेरिकी फेड की नीतियों का असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत भी सोने की कीमतों पर असर डाल रहे हैं। बाजार में उम्मीद थी कि ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, लेकिन हालिया संकेतों से दरें ऊंची रहने या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से सोने जैसी ऐसी संपत्तियों की आकर्षण कम हो जाती है, जिनसे कोई नियमित ब्याज नहीं मिलता। यही वजह है कि निवेशकों का रुझान अन्य विकल्पों की ओर बढ़ा है।

डॉलर मजबूत होने से भी दबाव बढ़ा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। आमतौर पर डॉलर की मजबूती का असर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ता है। डॉलर मजबूत होने पर दूसरी मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घट सकती है। इसी कारण वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं के भाव कमजोर हुए हैं और इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया है।

रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों ने की मुनाफावसूली

इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली थी। रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने के बाद कई बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। बड़ी तेजी के बाद जब निवेशक अपनी होल्डिंग बेचते हैं तो बाजार में बिक्री का दबाव बढ़ जाता है। यही दबाव अब सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह बन रहा है।

गोल्ड और सिल्वर ETF में भी बिकवाली

कीमती धातुओं से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी गिरावट देखने को मिली है। सुरक्षित निवेश की मांग घटने के कारण गोल्ड ETF और सिल्वर ETF में बिकवाली बढ़ी है। जानकारी के मुताबिक, हालिया कारोबार में सिल्वर ETF में करीब 6% और गोल्ड ETF में करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। ETF में बिकवाली का असर सीधे बाजार की धारणा पर पड़ता है और इससे कीमतों में दबाव बढ़ता है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतें आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निर्भर रहेंगी। अगर वैश्विक तनाव दोबारा बढ़ता है या ब्याज दरों में नरमी आती है तो सोने-चांदी को फिर से समर्थन मिल सकता है।

फिलहाल बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बाद करेक्शन देखने को मिल रहा है। निवेशकों के लिए अब नजर इस बात पर रहेगी कि कीमतें मौजूदा स्तर से स्थिर होती हैं या आगे और गिरावट आती है।